‘अभी हाफ हुए हैं, टिकट नहीं मिलेगा तो साफ़ हो जाएंगे’, यूपीडा छीनने पर अखिलेश का नंद गोपाल नंदी पर तंज
यूपीडा छीनने पर अखिलेश यादव ने मंत्री नंद गोपाल नंदी पर तंज कसा है. उन्होंने कहा है कि 'अभी हाफ़ हुए हैं, विधानसभा में टिकट नहीं मिलेगा तो साफ़ हो जाएंगे. जब सारे ‘घटिया एक्सप्रेसवे’ बन गये और भ्रष्टाचार का आपसी लेनदेन का टारगेट पूरा हो गया तब हटाया तो क्यों हटाया?'
उत्तर प्रदेश सरकार में औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता ‘नंदी’ को बड़ा झटका लगा. पहले यूपीडा से जुड़ी बजट स्वीकृति, परियोजना मंजूरी और अन्य महत्वपूर्ण फाइलें नंद गोपाल गुप्ता ‘नंदी’ के माध्यम से गुजरती थीं. लेकिन अब सरकारी आदेश के मुताबिक, अब यूपीडा से जुड़ी बजट स्वीकृति, परियोजना मंजूरी और अन्य महत्वपूर्ण फाइलें सीधे मुख्यमंत्री कार्यालय के माध्यम से आगे बढ़ाई जाएंगी. सरकार के मुताबिक यह फैसला प्रदेश एक्सप्रेसवे और बड़ी इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं को गति देने के लिए लिया गया है.
‘अभी हाफ़ हुए हैं टिकट नहीं मिला तो साफ हो जाएंगे’
अब समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने सरकार के इस फैसले पर औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता ‘नंदी’ पर बड़ा तंज कसा है. उन्होंने अपने X अकाउंट पर पोस्ट करते हुए लिखा है कि ‘अभी हाफ हुए हैं, विधानसभा में टिकट नहीं मिलेगा तो साफ़ हो जाएंगे. जब सारे ‘घटिया एक्सप्रेसवे’ बन गये और भ्रष्टाचार का आपसी लेनदेन का टारगेट पूरा हो गया तब हटाया तो क्यों हटाया?’
‘इलाहाबाद की सारी सीटों पर बीजेपी प्रत्याशी बदलने जा रही’
अखिलेश यादव ने आगे लिखा है कि ‘सुना है इलाहाबाद की सारी सीटों पर भाजपा अपने प्रत्याशी बदलने जा रही है क्योंकि भाजपा को लगता है कि ये सारे विधायक और प्रत्याशी केवल खाने-कमाने में लगे रहे और लोकसभा सीट हाथ से निकल गई. यही फ़ार्मूला यूपी की उन सभी 43 लोकसभा सीटों पर लागू किया जा रहा है जहां इंडिया गठबंधन की जीत हुई थी और बाक़ी उन 9-10 सीटों पर भी जहां भाजपा हेरफेर करके सर्टिफ़िकेट से जीती थी, वोट से नहीं.’
इस बार भाजपा पक्का जाएगी -अखिलेश
अखिलेश यादव ने अपने X अकाउंट पर किए गए पोस्ट पर यह भी लिखा है कि ‘इसका मतलब तो ये हुआ कि लगभग 225 सीटों पर प्रत्याशी बदले जाएंगे. वैसे तो सुना है कि भाजपा के वर्तमान विधायक ख़ुद भी चुनाव नहीं लड़ना चाहते हैं क्योंकि ‘पीडीए’ के सामने उनके जीतने की कोई भी उम्मीद नहीं बची है. भाजपा के मूल वोटर अब एक-चौथाई भी नहीं रह गये हैं, इसीलिए भाजपा के वर्तमान विधायक हारे हुए चुनाव में अपनी कमाई ख़र्च नहीं करना चाहते हैं, बल्कि बाक़ी जीवन के लिए पैसे बचाकर रखना चाहते हैं. उनको ये भी पता है कि इस बार भाजपा पक्का जाएगी और फिर कभी नहीं आएगी.’
अखिलेश ने आगे लिखा है कि ‘दरअसल भाजपा के वर्तमान विधायकों ने जनता के आक्रोश को पढ़ लिया है. भाजपा की महा-भ्रष्ट, बेईमान और दमनकारी नीतियों की वजह से आई हर तरह की दिक़्क़तों जैसे दिनदहाड़े की लूट, रंगदारी, हत्या, ज़मीनों की क़ब्ज़ेबाज़ी, घूसख़ोरी-कमीशनख़ोरी, महंगाई, बेरोज़गारी, पीडीए पर अत्याचार, पक्षपात, सांप्रदायिक राजनीति की वजह से हो रही नाइंसाफ़ी, पेपर लीक, संविधान की अवहेलना, आरक्षण की हक़मारी, युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ व महिलाओं के प्रति बेतहाशा बढ़ते अपराध, चुनावी हेराफेरी और चंदा-चढ़ावा चोरी की वजह से जन-जन का गुस्सा उबाल-उफ़ान पर आ चुका है.’
