नोएडा में होने वाले थे आतंकी हमले, निशाने पर थे स्कूल और अस्पताल, ATS की जांच में बड़ा खुलासा

आतंकियों ने नोएडा में आतंकी हमलों को अंजाम देने की प्लानिंग कर रखी थी. हथियार और विस्फोटक सामग्री पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए पंजाब के रास्ते भारत में पहुंचाए जाने थे और स्लीपर सेल के सदस्यों के हाथों में सौंपने थे. लेकिन उससे पहले एटीएस ने आरोपियों को दबोच लिया.

एटीएस ( फाइल फोटो)

यूपी के नोएडा में एक बड़े आतंकी हमले की साजिश का खुलासा हुआ है. जांच एजेंसियों के मुताबिक आतंकियों ने दिल्ली-एनसीआर में दहशत फैलाने की तैयारी कर रखी थी. साजिश के तहत नोएडा में भाजपा कार्यालय, अस्पताल, स्कूल और एक कारोबारी प्रतिष्ठान को निशाना बनाने की योजना बनाई गई थी.

एटीएस की जांच में सामने आया है कि हमले को अंजाम देने के लिए हथियार और विस्फोटक सामग्री पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए पंजाब के रास्ते भारत में पहुचाए जाने थे. इसके बाद इन्हें नोएडा लाकर वारदात को अंजाम देने की तैयारी थी. यह खुलासा हाल-फिलहाल, एटीएस द्वारा कई संदिग्ध युवकों की गिरफ्तारी के बाद हुआ है.

नोएडा से पकड़े गए आरोपियों से खुला पूरा नेटवर्क

एटीएस ने 23 अप्रैल को नोएडा सेक्टर 126 थाना क्षेत्र में तुषार चौहान और समीर खान को गिरफ्तार किया गया था. पूछताछ में सामने आई जानकारी के बाद 27 मई को सहारनपुर से महकाब शाहरुख गगनदीप उर्फ गुरु और मुशर्रफ को एटीएस ने गिरफ्तार किया. एटीएस ने दावा किया कि ये सभी आरोपी पाकिस्तान से जुड़े नेटवर्क के संपर्क में थे.

स्लीपर सेल की मदद से वारदात की थी तैयारी

एटीएस ने यह भी दावा किया कि हमले के लिए हथियार में विस्फोटक हासिल करने की कोशिश कर रहे थे. साजिश पूरी होने के बाद आरोपियों को हथियार उपलब्ध कराए जाने थे. फिलहाल, एटीएस मोबाइल और अन्य डिजिटल सबूत के आधार पर नेटवर्क से जुड़े दूसरे लोगों की तलाश की जा रही थी.

एटीएस के मुताबिक दिल्ली-एनसीआर में आतंकी घटनाओं को अंजाम देने के लिए शहजाद भट्टी और आबिद जट जैसे गिरोह से जुड़े लोगों की मदद से हथियार और विस्फोटक जुटाने की कोशिश की जा रही थी. एजेंसी को शक है कि देश के अंदर मौजूद स्लीपर सेल की मदद से इस पूरी साजिश को आगे बढ़ाया जा रहा था.

हथियार मिलने से पहले ही एटीएस ने दबोचा

एटीएस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपियों को अभी हथियार और विस्फोटक नहीं मिल पाए थे. इससे पहले ही सभी को पकड़ लिया गया. एटीएस ने गिरफ्तार संदिग्धों से जुड़ी रिपोर्ट लखनऊ मुख्यालय भेज दी है. साथ ही स्लीपर सेल से जुड़े अन्य लोगों की पहचान के लिए जांच जारी है. इस मामले में अभी और कई बड़े खुलासे हो सकते हैं.

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