26 Nov, 2025
देश के 9 राज्यों और तीन केंद्रशासित प्रदेशों में इस समय मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान चलाया जा रहा है. बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) मतदाताओं को गणना प्रपत्र (Enumeration Form) घर-घर जाकर दे रहे हैं और यह प्रक्रिया 4 दिसंबर तक चलेगी.
SIR फॉर्म को लेकर मतदाताओं में कई कंफ्यूजन है. एक कॉमन सवाल पूछा जा रहा है कि क्या केवल आधार कार्ड से ही वोटर लिस्ट में नाम जुड़ सकता है या फिर कुछ अन्य डॉक्यूमेंट्स की जरूरत पड़ेगी?
इस सवाल का जवाब चुनाव आयोग ने भी दिया है. इसके अलावा संविधान के अनुच्छेद 326 में कहा गया है कि आधार कार्ड अकेले किसी को वोटर बनने की योग्यता नहीं देता.
SIR में आधार कार्ड के इस्तेमाल को सुप्रीम कोर्ट ने जरूरी बताया है. कहा है कि इसका का उपयोग अधिनियम के अनुरूप है. आधार अधिनियम के सेक्शन-9 में कहा गया है कि आधार कार्ड को डोमिसाइल या सिटीजनशिप का प्रमाण नहीं माना जा सकता है.
वोटर लिस्ट में नाम बनाए रखने के लिए चुनाव आयोग ने कुल 12 के नाम गिनाए हैं. बताया है कि इनमें से किसी एक दस्तावेज को भी लगा दिया जाए तो नाम नहीं कटेगा.
सेंट्रल या स्टेट गवर्नमेंट या PSU के रेगुलर एम्प्लॉई/पेंशनर को जारी आई कार्ड या पेंशन पेमेंट ऑर्डर, बर्थ सर्टिफिकेट, पासपोर्ट, बोर्ड/यूनिवर्सिटी द्वारा जारी सर्टिफिकेट, परमानेंट रेजिडेंट सर्टिफिकेट, फॉरेस्ट राइट्स सर्टिफिकेट, OBC/ST/SC या कोई भी कास्ट सर्टिफिकेट