टापू बना थाना, मुहल्ले में चली नाव; बाढ़ से प्रयागराज में हुआ बुरा हाल… Photos
रात भर की बारिश में ही प्रयागराज के बुरे हाल हो गए. शहर के ज्यादातर इलाकों में बाढ़ जैसी स्थिति बन गई. अल्लापुर, करेली, छोटा बघाड़ा आदि मोहल्लों में बने घरों में भी पानी घुस गया. कई मकानों में तो ऐसी स्थिति बन गई कि लोग पहली मंजिल पर शरण लेने के लिए मजबूर हो गए. पूरा जॉर्जटाउन इलाका जलभराव के चलते टापू में तब्दील हो गया.
रविवार की पूरी रात हुई बारिश में संगम नगरी प्रयागराज के बुरे हाल हो गए. शहर के ज्यादातर इलाकों में जलभराव के चलते बाढ़ की स्थिति बन गई. अल्लापुर, करेली, छोटा बघाड़ा आदि मोहल्लों में बने घरों में भी पानी घुस गया. कई मकानों में तो ऐसी स्थिति बन गई कि लोग पहली मंजिल पर शरण लेने के लिए मजबूर हो गए. पूरा जॉर्जटाउन इलाका जलभराव के चलते टापू में तब्दील हो गया.
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इसी प्रकार आनंदपुरम स्थित जाफरी कॉलोनी में भी करीब चार फीट तक पानी भर गया. यहां घरों में ग्राउंड फ्लोर पर रखे बेड तक पानी में डूब गए. आधी रात को ऐसी स्थिति बन गई कि बड़ी संख्या में लोगों को अपना घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर जाना पड़ गया. पहले तो लोगों ने घरों में घुस रहे पानी को रोकने की कोशिश की, लेकिन थोड़ी ही देर में यह सारी कोशिश बेकार हो गई. इस जलभराव में घरों में रखे सामान बर्बाद हो गए.
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करेली के जसीर की पुलिया समेत आसपास के इलाकों में जलभराव होने की वजह से घरों में पानी तो घुसा ही, कई जगह मकान और दीवारें गिर गईं. गनीमत है कि इसमें कोई घायल तो नहीं हुआ, लेकिन लाखों का सामान बर्बाद हो गया. हालात को देखते हुए पुलिस एवं एनडीआरएफ की टीमें नाव से इन इलाकों में गश्त करने लगीं. इन टीमों ने प्रभावित इलाकों से बड़ी संख्या में लोगों को रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया.
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इस जलभराव की वजह से सबसे ज्यादा प्रभावित सीएमपी डिग्री कॉलेज से जॉर्जटाउन तक इलाका हुआ. इसके अलावा संगम टंकी, वन विभाग कार्यालय एवं आसपास के इलाकों में पानी भर गया. इन सभी इलाकों में नाले ओवरफ्लो हो गए और सड़कों पर गलियों में पैदल चलना भी दूभर हो गया. जार्जटाउन थाने में भी घुटने भर पानी भर गया था.
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हालात बिगड़ते देख नगर निगम के अधिकारियों ने विभिन्न इलाकों में कर्मियों को भेजकर चोक नाले खुलवाने की कोशिश की. लेकिन उस समय तक इतना जलभराव हो चुका था कि यह उपाय काम नहीं आया. ऐसे में कई स्थानों पर पंप लगाकर पानी निकालने की कोशिश की गई. अपर नगरायुक्त शादाब असलम के मुताबिक जलनिकासी की हर संभव कोशिश जारी है.
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सबसे खराब स्थिति अल्लापुर, न्यू सोहबतियाबाग, करेली, गड्डा कॉलोनी, दरियाबाद, साउथ मलाका आजाद स्क्वायर, राजरूपपुर, कालिंदीपुरम, राजापुर, छोटा बघाड़ा, बड़ा बघाड़ा, शिवकुटी, तेलियरगंज और नैनी आदि इलाकों में रही. यहां लोगों की मदद करने पहुंचे कर्मचारी भी असहाय नजर आए. स्थिति यहां तक आ गई कि लोग रूटीन के कामकाज छोड़कर पानी निकलने का इंतजार करते रहे.
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नगर निगम का दावा है कि इस साल मानसून से निपटने की पूरी तैयारी थी. इसके लिए नगर निगम ने करीब 15 करोड़ रुपये खर्च कर जोनवार 955 नालों की सफाई कराई थी. इनमें बड़े नाले 166, मझोले नाले 310 व छोटे नाले 479 शामिल हैं. बावजूद इसके रात की बारिश में ही यह सारी तैयारी बाढ़ के पानी बह गई.