लखनऊ में आयोजित कवि सम्मेलन में डॉ. हरि ओम पवार ने अपनी ओजस्वी कविताओं से श्रोताओं में राष्ट्रवाद की भावना का संचार किया. उन्होंने 'कश्मीर किसी के अब्बा की जागीर नहीं' और सेना के शौर्य पर दमदार पंक्तियां सुनाईं. वहीं, अम्बेडकर नगर से आए सौरभ त्रिपाठी ने 'शहीद की बेटी' कविता की प्रस्तुति दी.