इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ बैंच ने मैटरनिटी लीव पर अहम फैसला सुनाया है. कोर्ट ने कहा कि मातृत्व लाभ अधिनियम सर्वोच्च कानून है, जो वित्तीय हैंडबुक के नियमों से ऊपर है. ऐसे में पहले मैटरनिटी लीव के दो साल के भीतर दूसरे अवकाश पर रोक नहीं लगाई जा सकती है. यह फैसला कामकाजी महिलाओं के अधिकारों की बड़ी जीत है.