उत्तर प्रदेश में मानसून के आगमन के बावजूद अल नीनो के प्रभाव से कम बारिश हो रही है. इस साल जून सूखा रहने के कारण खेती-किसानी और भूजल स्तर प्रभावित हो रहे हैं. बीते 125 सालों में यह पांचवीं बार है जब जून में इतनी कम बारिश हुई है. किसानों को ट्यूबवेल पर निर्भर रहना पड़ रहा है, जिससे उनकी चिंताएं बढ़ गई हैं.