बार-बार हो रही थकान तो अपनाएं ये 7 योगा टिप्स, तुरंत मिलेगी ताजगी; Photos

भागदौड़ की जिंदगी है और इसमें लोगों के पास खुद के लिए भी समय मुश्किल से मिल पा रहा है. ऐसी स्थिति में लोग घर लौटते समय बुरी तरह थक जाते हैं. ऐसे हालात से निपटने के लिए हम आपको कुछ ऐसे योगासन बता रहे हैं, जिससे आपके दिल और दिमाग को शांति मिलेगी. इससे आप अपने शरीर में नई ताजगी की अनुभूति करेंगे.

अनुलोम विलोम: इसे नाड़ी शोधन प्राणायाम की भी संज्ञा दी गई है. इस आसन में एक नासिका से सांस लेकर दूसरी से सांस छोड़ना होता है. है तो यह यह एक सरल प्रक्रिया, लेकिन इसके प्रभाव काफी शक्तिशाली हैं. इस आसन को करने से शारीरिक और मानसिक थकावट से राहत मिलती है. यह दिमाग के टेंशन को कम करता है, ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करता है और फेफड़ों की कार्यक्षमता को बढ़ाता है. इससे एकाग्रता आती है, जिससे यादाश्त अच्छी हो जाती है. इससे डायजेशन में सुधार होता है और चमड़ी की बीमारियों में लाभ मिलता है.
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अर्ध चक्रासन: इसमें शरीर को मोड़कर आधा चक्र बनाया जाता है. इस आसन के लिए पहले सीधे खड़े हो जाएं. फिर पैरों को पास, हाथों को पास अब हथेलियों को कमर पर रखें. अंगूठों को कमर के निचले हिस्से पर रखें और पीठ को सहारा दें.इसके बाद सांस भरते हुए पीछे की ओर झुकें और कुछ देर उसी मुद्रा में रूकें. इसके बाद धीरे धीरे वापस लौटें. इस आसन से कंधे चौड़े और छाती बाहर की तरफ हो जाती है. सिक्स पैक्स बनाने में भी यह आसन कारगर है.
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बालासन: इसका एक नाम चाइल्ड पोज है. इस आसन में शरीर को मोड़कर आराम की स्थिति में लाया जाता है. पीठ, गर्दन और कंधों को आराम पहुंचाने के साथ ही पाचन में सुधार के लिए यह आसन बेहद कारगर है. इस आसन को करने के लिए पहले वज्रासन में बैठें और फिर सांस छोड़ते हुए धीरे-धीरे आगे की ओर झुकें. इस दौरान पेट को जांघों के बीच लाने की कोशिश करें. और हाथों को रखें और सिर को जमीन पर टिकाएं. फिर इसी मुद्रा में शरीर को पांच मिनट के लिए ढीला छोड़ दें. फिर धीरे धीरे वापस वज्रासन में वापस आएं.
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भुजंगासन: इसका एक नाम कोबरा पोज है. इस आसन में शरीर की आकृति सांप जैसी बनती है. यह सूर्य नमस्कार के 12 आसनों में से एक है. इस आसन के लिए पहले पेट के बल जमीन पर लेट जाएं. फिर हाथों को कंधों के नीचे रखें और कोहनियों को शरीर के पास रखते हुए सांस भरें. इस प्रकार धीरे-धीरे छाती को ऊपर उठाएं और गर्दन को पीछे की ओर झुकाएं. कुछ देर इस स्थिति में रहें और फिर धीरे धीरे वापस लौटे.यह आसन कब्ज दूर करने, चर्बी खत्म करने के आलवा पीठ दर्द और सांस संबंधी परेशानियों में तत्काल राहत देता है.
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कपालभाति: यह आसन हठ योग का महत्वपूर्ण हिस्सा है. इसके नियमित अभ्यास से दिल दिमाग और शरीर को ताजगी मिलती है. इससे पाचन में सुधार होता है और मेटाबॉलिज्म बढ़ता है. यह तनाव और चिंता को भी कम करता है. इस आसन को करने के लिए पहले सुखासन, पद्मासन या वज्रासन में बैठें. फिर रीढ़ की हड्डी सीधी रखते हुए हाथों को घुटनों पर ज्ञान मुद्रा में ले आएं. इसके बाद नाक से सांस को तेजी से बाहर छोड़ें और पेट को अंदर खींचे. फिर सांस छोड़े. इस प्रक्रिया को 20 बार दोहराएं.
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ताड़ासन: इसका एक नाम माउंटेन पोज़ भी है. इस आसन से शरीर में मजबूती आती है. तनाव कम होता है और शरीर में एक नई ताजगी का एहसास होता है. यह पोज डाइजेशन सिस्टम को दुरुस्त करने में भी मददगार है. इससे एकाग्रता बढ़ती है. इसे करने के लिए सीधे खड़े हो जाएं, पैरों को मिलाकर रखें, और हाथों को शरीर के बगल में रखें. फिर गहरी सांस भरते हुए हाथों को ऊपर की ओर उठाएं. सांस छोड़ते हुए, एड़ियों को ऊपर उठाएं और पंजों पर खड़े होने की कोशिश करें.
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वज्रासन: इस आसन को थंडरबोल्ट पोज या डायमंड पोज भी नाम दिया गया है. इस आसन के लिए घुटनों के बल बैठें फिर एड़ियों को नितंबों के नीचे रखें, ताकि आपके पैर की उंगलियां फर्श को छूती रहें. पीठ सीधी रखें और अपनी सांसों पर ध्यान केंद्रित करते हुए आंखें बंद करें. इस मुद्रा में नियमित पांच से 10 मिनट बैठें. इससे आप सहज महसूस करेंगे. पाचन में सुधार होगा और पीठ दर्द से राहत मिलेगी. यह आसन पीठ के निचले हिस्से की मांसपेशियों को मजबूत करता है. इससे मन को शांति मिलती है.
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