संत शिरोमणि के दर्शन से कितना इत्तेफाक रखती है बीजेपी, क्यों BJP संगठन शरण में?
संत शिरोमणि रविदास की 650वीं जयंती वर्ष के मौके पर उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बड़ा संदेश देने की कोशिश दिखाई दे रही है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भदोही को संत रविदास के नाम से पहचान देने का ऐलान किया है. इस फैसले के साथ सवाल उठ रहा है कि क्या यह केवल श्रद्धा का विषय है या इसके पीछे सामाजिक और राजनीतिक रणनीति भी है? दरअसल, संत रविदास का प्रभाव उत्तर प्रदेश, पंजाब, राजस्थान, मध्य प्रदेश और देश के कई हिस्सों में व्यापक है. दलित समाज, विशेषकर रविदासिया समुदाय में उनकी गहरी आस्था है. ऐसे में बीजेपी लंबे समय से संत रविदास के विचारों और विरासत को अपने सामाजिक संपर्क अभियान का अहम हिस्सा बनाती रही है.
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