शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने चतुरंगिणी सेना की कोर कमेटी गठित की, जानें क्या है उद्देश्य
वाराणसी के विद्या मठ में ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने ‘चतुरंगिणी सभा’ का गठन किया, जिसका उद्देश्य सनातन धर्म, गऊ, गंगा और मंदिरों की रक्षा बताया गया है. 27 सदस्यों की कोर कमिटी के साथ इस संगठन की स्थापना पंचमी तिथि के अभिजीत मुहूर्त में की गई. ‘रोको, टोको नहीं तो ठोको’ स्लोगन के साथ शंकराचार्य ने स्पष्ट किया कि पहले समझाया जाएगा, फिर रोका जाएगा और जरूरत पड़ने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
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