नहीं चाहिए मुस्लिम पड़ोसी… मुहल्ले वालों ने लगाए ‘घर बिकाऊ’ के पोस्टर, फिर जो हुआ

मेरठ के थापर नगर में एक मुस्लिम परिवार द्वारा घर खरीदने के बाद पड़ोसियों ने 'घर बिकाऊ' के पोस्टर लगाकर विरोध प्रदर्शन किया. उनका आरोप था कि उन्हें मुस्लिम पड़ोसी नहीं चाहिए, जिससे सांप्रदायिक तनाव बढ़ा. पुलिस के हस्तक्षेप के बावजूद, मुस्लिम परिवार को अपना खरीदा हुआ मकान खाली करना पड़ा.

मेरठ में मुस्लिम परिवार के घर खरीदने का विरोध Image Credit:

उत्तर प्रदेश के मेरठ में एक मुस्लिम परिवार ने घर खरीदकर अपना दूध का कारोबार शुरू किया था. इसकी जानकारी मुहल्ले वालों को मिली तो लोगों ने अपने घरों के बाहर ‘घर बिकाऊ’ और ‘पलायन को मजबूर’ के पोस्टर लगा दिए. देखते ही देखते मामले ने इतना तूल पकड़ लिया के पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा. आखिर में पुलिस ने मुस्लिम परिवार से मकान खाली कराकर ताला लगवा दिया है.

मामला मेरठ के थापर नगर की गली नंबर-7 का है. यहां के लोगों ने साफ कर दिया है कि उन्हें किसी भी हाल में मुस्लिम पडोसी नहीं चाहिए. इस गली में ज्यादातर पंजाबी समाज के लोग रहते हैं. इन लोगों ने शुक्रवार की शाम को जमकर प्रदर्शन किया. इनमें गली के सौ से अधिक परिवारों के लोग शामिल हुए. इन्हें विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने भी समर्थन दिया.

पांच दिन पहले ही हुई है रजिस्ट्री

पुलिस के मुताबिक जलीकोठी निवासी शाहिद कुरैशी ने हाल ही में यहां रहने वाले अनुभव कालरा व रीना कालरा से यह मकान खरीदा था. शाहीद ने करीब एक करोड़ रुपये देकर पांच दिन पहले इस मकान की रजिस्ट्री भी करा ली और अब वह अपने परिवार के साथ यहां रहने आ गए थे. इसी मकान में शाहीद ने दूध का कारोबार भी शुरू कर दिया. इसकी जानकारी होते ही मोहल्ले के लोग उग्र हो गए. आरोप लगाया कि यहां दूध लेने आने वाले गाड़ियां लगा देते हैं. इससे मोहल्ले की शांति बाधित हुई है.

पुलिस ने थाने में की दोनों पक्षों से बातचीत

सूचना मिलने पर शुक्रवार की शाम सात बजे विश्व हिंदू परिषद के महानगर मंत्री पवन कश्यप, बजरंग दल के महानगर संयोजक बंटी, शहर संयोजक हिमांशु शर्मा, समरसता प्रमुख विशाल धानक, अखिल भारतीय हिंदू सुरक्षा संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष सचिन सिरोही सहित अन्य लोग मौके पर पहुंच गए. हंगामे की सूचना पर पुलिस भी मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों को थाने में बैठाकर बातचीत की. एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह के मुताबिक एक वर्ग के परिवार द्वारा मकान खरीदने को लेकर विवाद हुआ है. इस मामले में दोनों पक्षों के साथ बातचीत कर निस्तारण का प्रयास किया जा रहा है.