ट्रेन में आतंकी बैठे हैं, जल्दी पहुंचो… सीट को लेकर हुआ झगड़ा तो कर दिया कॉल, हीराकुंड एक्सप्रेस में हड़ंकप
दिल्ली से झांसी आ रही हीराकुंड एक्सप्रेस में एक फर्जी आतंकी अलर्ट से हड़कंप मच गया. एक यात्री ने कोच में आतंकवादी होने की सूचना दी. इसके बाद दतिया और झांसी स्टेशनों पर सुरक्षा घेराबंदी कर दी गई. बम और डॉग स्क्वॉड भी तैनात किए गए. बाद में पता चला कि यह सूचना झूठी थी.
दिल्ली से झांसी आ रही हीराकुंड एक्सप्रेस में रविवार दोपहर अचानक डर, दहशत और अफरातफरी का माहौल बन गया. दोपहर 1 बजकर 22 मिनट पर रेलवे कंट्रोल रूम में एक कॉल आया. इसमें कहा गया कि जनरल कोच में आतंकवादी बैठे हैं जल्दी पहुंचो. सूचना मिलने के बाद रेलवे महकमे से लेकर सुरक्षा एजेंसियों तक हड़कंप मच गया.
कॉल ग्वालियर स्टेशन को अलर्ट करता रहा. लेकिन तब तक ट्रेन ग्वालियर पार कर चुकी थी. इसके बाद जो हुआ, वह किसी फिल्मी सीन से कम नहीं था. झांसी आरपीएफ-जीआरपी की टीमों को रवाना किया गया जो कि किसी स्पेशल मिशन जैसा लग रहा था. जैसे ही ट्रेन दतिया पहुंची, सुरक्षा बलों ने उसे घेर लिया. फिर डॉग स्कॉड के साथ ट्रेन की तलाशी ली गई.
सूचना देने वाला एक साधू के भेष में था
दोपहर करीब 2 बजे हीराकुंड एक्सप्रेस दतिया पहुंची. इंजन से तीसरे नंबर के जनरल कोच में तलाशी शुरू हुई और देखते ही देखते सूचना देने वाला भी मिल गया. उसके बताए तीन ‘संदिग्ध’ समेत चारों को धड़धड़ाते कोच से उतारा गया. इस दौरान यात्रियों में सन्नाटा पसरा था. पूरे स्टेशन पर तनाव का माहौल बन गया था.
पूछताछ में सामने आया कि सूचना देने वाला एक साधू के भेष में था. जिसने अपना नाम रमेश पासवान बताया . वहीं उसके निशाने पर आए तीन युवक एच. बिलाल, फैजान और जलील झांसी के एवर्ट मार्केट के रहने वाले निकले. वहीं, पता चला कि यह एक फर्जी कॉल थी. पूछताछ के दौरान असली कहानी सामने आई जिससे पुलिस भी दंग रह गई.
झगड़ा हुआ, गुस्से में दी ‘आतंकी’ वाली सूचना
आरपीएफ उप कमांडेंट केएन तिवारी ने बताया कि साधू बने शख्स का रास्ते में इन तीन युवकों से किसी बात को लेकर विवाद हो गया था. गुस्से में उसने सीधा रेलवे कंट्रोल रूम में फोन कर दिया ‘जनरल में आतंकवादी बैठे हैं’. उसने बस एक फोन कॉल से पूरी रेलवे सुरक्षा व्यवस्था को उलट-पुलट कर दिया. एक घंटे तक ट्रेन में तलाशी चली.
हालांकि, जांच में सुरक्षा बलों को कुछ संदिग्ध नहीं मिला. इसके बाद ट्रेन को झांसी की ओर रवाना किया गया. जैसे ही ट्रेन वीरांगना लक्ष्मीबाई रेलवे स्टेशन पहुंची, यहां भी सुरक्षा एजेंसियां पहले से मोर्चा जमाए तैयार थी. पूरी ट्रेन को चारों तरफ से घेरकर दोबारा तलाशी ली गई. हर डिब्बे को बारीकी से खंगाला गया.
सूचना गंभीर थी, इसलिए पूरी ट्रेन को चेक किया
जीआरपी एसपी विपुल श्रीवास्तव ने बताया कि सूचना बेहद गंभीर थी, इसलिए एहतियातन पूरी ट्रेन को चेक किया गया. शुरुआती जांच में पता चला है कि झगड़े के कारण गलत सूचना दी गई थी. संदिग्ध बताए गए सभी व्यक्तियों को दतिया में उतारकर पूछताछ की जा चुकी है. चारों अभी हिरासत में हैं, आगे की कार्रवाई जारी है.
