लोग शादियों में बिजी… SIR को लेकर प्रेशर पर भड़के अखिलेश यादव; पूछा- इतनी क्या जल्दी है?

अखिलेश यादव ने BJP और चुनाव आयोग पर SIR अभियान में मिलीभगत का आरोप लगाया है. उन्होंने कहा कि बीएलओ पर अत्यधिक दबाव के कारण वे आत्महत्या कर रहे हैं, जिससे मतदाता अधिकार भी खतरे में हैं. शादियों के सीजन में भी जबरन काम कराया जा रहा है. अखिलेश के अनुसार, यह लोकतंत्र को खत्म करने की सोची-समझी रणनीति है, और उन्होंने मृत बीएलओ के परिवार से मिलकर दबाव की पुष्टि की.

समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव (फाइल फोटो) Image Credit: PTI

सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव ने SIR अभियान को लेकर भारतीय जनता पार्टी और चुनाव आयोग पर बड़ा हमला बोला. लखनऊ में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस को संबोधित करते हुए पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने कहा कि चुनाव आयोग और बीजेपी मिले हुए हैं. उन्होंने इस अभियान के तहत इतना प्रेशर बना दिया है कि बीएलओ सुसाइड कर रहे हैं. स्थिति यहां तक आ गई है, जहां ये बीएलओ पढ़ाते हैं, वहां भी दबाव बनाया जा रहा है.

पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने कहा कि सपा पहले से ही मांग कर रही है कि वर्क प्रेशर न बनाया जाए. कहा कि यह सेंसिटिव इश्यू है और बीएलओ पर जिम्मेदारी का बोझ बड़ा है. उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर बीजेपी इतनी जल्दबाजी में क्यों है? उन्होंने कहा कि एक तरफ शादियों का सीजन चल रहा है. लोग आयोजनों में व्यस्त हैं. बावजूद इसके सरकार के प्रेशर की वजह से सबकुछ छोड़कर उन्हें एसआईआर कराना पड़ रहा है.

सफाई कर्मचारियों को बनाया सहायक

अखिलेश यादव ने तंज कसते हुए कहा कि जो काम बीएलओ नहीं कर पा रहे हैं, उसे करने के लिए इन्होंने नगर पालिका के जो सफाई कर्मचारियों को लगा दिया है. उन्हें सहायक बनाया गया है. कहा कि सरकार का डेटा बताता है कि एसआईआर के सभी फार्म बांटे जा चुके हैं, जबकि हकीकत कुछ और है. ग्राउंड पर स्थिति कुछ अलग ही नजर आ रही है. सीधा-सीधा ये वोट डालने के अधिकार को भी छीन लेने की तैयारी में हैं.

आरक्षण छीनेंगे, दबाव बनाएंगे

अखिलेश यादव ने कहा कि एक दिन पहले ही वह फतेहपुर गए थे. वहां उनकी मृत बीएलओ के परिवार से बातचीत हुई. सब लोग यही बता रहे थे कि दबाव बनाया जा रहा है, इसी दबाव की वजह से बीएलओ ने सुसाइड किया. बंगाल के लोग भी कह रहे कि चुनाव आयोग के हाथ खून से रंगे हैं. उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग का काम तो उन्होंने बाई इलेक्शन में ही देख लिए. खुलेआम बूथ लूटने दिया गया. CCTV में सब है, लेकिन ये रिकॉर्डिंग भी नहीं देंगे. यह सब लोकतंत्र खत्म करने के लिए सोची समझी रणनीति है.