राम मंदिर चढ़ावा चोरी पर अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर हमला बोला है. उन्होंने एसआईटी जांच की रोजाना ब्रीफिंग की मांग की, ताकि पारदर्शिता बनी रहे और श्रद्धालुओं का विश्वास न टूटे. अखिलेश ने आरोप लगाया कि इस अनियमितता से अयोध्या के स्थानीय व्यापार और दर्शनार्थियों की संख्या प्रभावित हुई है, और यह भाजपा के लिए राजनीतिक कुरुक्षेत्र साबित हो सकता है.
अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावा चोरी की जांच अब ट्रस्ट के शीर्ष पदाधिकारियों तक पहुंच गई है. करोड़ों की हेराफेरी में SIT महासचिव चंपत राय समेत कई बड़े चेहरों की संलिप्तता खंगाल रही है. कुछ पदाधिकारियों को हटाया जाएगा, जबकि अन्य के खिलाफ FIR की तैयारी है. इसी के साथ मंदिर प्रबंधन में बड़े बदलावों की उम्मीद है.
अखिलेश यादव के मुख्यमंत्री के अयोध्या दौरे और उनके भाषण पर तंज कसा है. उन्होंने कहा कि आज के भाषण में धमकी अधिक क्यों थी? साथ ही दौरे को SIT जांच प्रभावित करने की कोशिश बताया. सीएम योगी ने कटाक्ष करते कहा था, जो रामभक्तों पर गोली चलवाते थे, वे रामभक्ति की दुहाई दे रहे हैं.
लखनऊ के गोमती नगर विस्तार स्थित एलडीए की नर्मदा अपार्टमेंट योजना इन दिनों चर्चा में है. करीब 300 लग्जरी फ्लैट और 12 पेंटहाउस वाली इस परियोजना में विधायक, पूर्व विधायक, आईएएस-आईपीएस और वरिष्ठ अधिकारियों की खास दिलचस्पी देखने को मिली. सवा करोड़ रुपये से शुरू होने वाली इस योजना में कुछ परिवारों को दोहरे आवंटन मिलने पर एलडीए ने 12 आवंटन रद्द कर दिए हैं. अब ये फ्लैट आम लोगों के लिए दोबारा उपलब्ध हैं.
राम मंदिर में चढ़ावे और दानराशि विवाद के बीच ट्रस्ट के भीतर प्रभावशाली चेहरों को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है. महासचिव चंपत राय के अलावा डॉ. अनिल मिश्रा और गोपाल राव को ट्रस्ट की 'पावर ट्रायो' का हिस्सा माना जाता रहा है. डॉ. अनिल मिश्रा स्थानीय संत समाज, प्रशासन और मंदिर व्यवस्थाओं के प्रमुख सूत्रधार रहे हैं, जबकि गोपाल राव निर्माण और संचालन तंत्र के अहम समन्वयक माने जाते हैं. एसआईटी इन दोनों से पूछताछ कर चुकी है.
उत्तर प्रदेश की राजनीति में समाजवादी पार्टी में टूट की चर्चाएं एक बार फिर तेज हैं. मंत्री ओम प्रकाश राजभर और एनडीए के सहयोगी दल लगातार दावा कर रहे हैं कि सपा के कई सांसद संपर्क में हैं, लेकिन इतिहास कुछ और कहानी कहता है. बेनी प्रसाद वर्मा की बगावत, अमर सिंह-आजम खान विवाद, कल्याण सिंह से गठजोड़ और अखिलेश-शिवपाल के खुले टकराव जैसे बड़े संकटों के बावजूद समाजवादी पार्टी कभी पूरी तरह नहीं टूटी.
राम मंदिर के दानपात्रों में कथित चोरी के आरोपों पर पहली बार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने खुलकर प्रतिक्रिया दी है. अयोध्या दौरे पर उन्होंने कहा कि गठित एसआईटी निष्पक्ष जांच करेगी और 'दूध का दूध, पानी का पानी' कर देगी. सीएम ने कहा, 'जिसके पास सबूत हैं, वे एसआईटी को दें... अपराधी कोई भी होगा, बचेगा नहीं.'
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में रोजाना नए-नए खुलासे हो रहे हैं. दानपात्रों से नकदी निकालने का सिलसिला रामलला की प्राण प्रतिष्ठा से पहले ही शुरू हो गया था. लेकिन 22 जनवरी 2024 के बाद श्रद्धालुओं की संख्या और चढ़ावे में तेजी से बढ़ोतरी होने पर कथित गड़बड़ी भी बड़े पैमाने पर होने लगी.