उत्तर प्रदेश की SIR फाइनल वोटर लिस्ट में बड़ा फेरबदल हुआ है. कुल 2 करोड़ 88 लाख 74 हजार 67 नाम काटे गए हैं, जिससे थर्ड जेंडर वोटरों की संख्या महज 4,206 रह गई है. लखनऊ और गाजियाबाद जैसे शहरी व भाजपा-बहुल क्षेत्रों में सर्वाधिक कटौती हुई. इन आंकड़ों ने राज्य में नई राजनीतिक बहस छेड़ दी है, चुनावी समीकरणों पर इसके दूरगामी असर का आकलन शुरू हो गया है.
उत्तर प्रदेश में SIR के बाद अंतिम मतदाता सूची जारी कर दी है. प्रदेश में कुल मतदाताओं की संख्या 13% घटकर 13.39 करोड़ रह गई है. 2.04 करोड़ नाम काटे गए, जबकि 84 लाख नए जोड़े गए हैं. प्रदेश की राजधानी लखनऊ में सबसे ज्यादा वोटर्स कम हुए हैं. डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक की सीट पर जबसे ज्यादा प्रतिशत मतदाता कम हुए हैं.
समाजवादी पार्टी ने यूपी की अंतिम मतदाता सूची में भारी अनियमितताओं का मुद्दा उठाया है. पार्टी ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर कटे हुए, डुप्लीकेट और त्रुटिपूर्ण नामों पर चिंता जताई. साथ ही हटाए गए नामों के लिए 15 दिन की अपील अवधि और स्पष्ट SOP जारी करने की मांग की.
साल 2024 में जो मतदाता सूची थी, उसके मुताबिक कुल 15.44 करोड़ वोटर्स उत्तर प्रदेश में दर्ज थे. फिर SIR के ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में 12,55,56,025 मतदाताओं के नाम दर्ज थे यानी 2.89 करोड़ मतदाताओं के नाम हटा दिए गए थे. अब फाइनल वोटर लिस्ट में 13,39,84,792 वोटर्स नाम शामिल हैं. यानी ड्राफ्ट लिस्ट के मुकाबले 84 लाख मतदाताओं के नाम अंतिम मतदाता सूची में जोड़े गए हैं, जो साल 2024 में वोटर लिस्ट के मतदाताओं की संख्या से 2.05 लाख ज्यादा है.
यूपी बोर्ड की 10वीं 12वीं परीक्षा का परिणाम 28 या 29 अप्रैल को आ सकते हैं. इस साल चार अप्रैल तक कॉपियां जांची गई है. फिलहाल छात्रों को 10 अप्रैल तक अपने विवरण जैसे नाम, माता-पिता का नाम, विषय, जेंडर आदि में संशोधन के लिए दस अप्रैल तक का मौका दिया गया है. इसके बाद ये प्रक्रिया बंद कर दी जाएगी.
लखनऊ जिला प्रशासन ने स्कूलों की मनमानी पर डंडा चलाया है. प्रशासन ने साफ किया कि अब स्कूल मनमाने तरीके से फीस नहीं बढ़ा सकेंगे. स्कूल छात्रों को किसी विशेष दुकान से किताब, यूनिफॉर्म या अन्य सामग्री खरीदने के लिए बाध्य करते हैं तो भी उनपर कार्रवाई होगी.
सीएम योगी ने बिजली बिल को लेकर ओवरबिलिंग की वास्तविक स्थिति जानने के लिए विशेषज्ञों की एक समिति गठित करने का निर्देश दिया है. साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि यदि उपभोक्ता की कोई गलती नहीं है तो उसका बिजली कनेक्शन कतई नहीं काटा जाएगा.
निर्वाचन आयोग ने इन सभी आवेदनों और नोटिसों की गहन जांच के बाद उत्तर प्रदेश का फाइनल वोटर लिस्ट जारी करने वाली है. इसमें करीब सात लाख मतदाताओं के नाम कटने की संभावना है. अंतिम आंकड़ा 13.35 करोड़ पहुंचने की उम्मीद है.