यूपी के चार मेडिकल कॉलेजों में 91% आरक्षण पर हाईकोर्ट ने अंतरिम रोक लगा दी है. अब NEET-UG काउंसलिंग SC-ST और OBC के सामान्य आरक्षण नियमों के आधार पर होगी. कोर्ट ने चिकित्सा शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव को अवमानना का नोटिस भी जारी किया है, जो पिछले आश्वासन के उल्लंघन से संबंधित है.
यूपी चुनाव 2027 से पहले BJP के लिए चुनौतियां बढ़ रही हैं. संगठन बैठकों से फीडबैक है कि चुनाव धर्म से जाति की ओर बढ़ रहा है. कार्यकर्ताओं की नाराजगी, विधायकों के खिलाफ एंटी-इनकंबेंसी, युवा-बेरोजगारी और सोशल मीडिया पर विपक्ष की बढ़त BJP की टेंशन बढ़ा रही है.
यूपी में भाजपा के पूर्व मंत्री कौशल किशोर ने स्कूल बंदी और आउटसोर्सिंग नीतियों पर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. लखनऊ में 'आत्मसम्मान रैली' आयोजित कर उन्होंने इन मुद्दों पर विरोध जताया, हालांकि भाजपा छोड़ने की अटकलों को खारिज किया. 2027 चुनाव से पहले यह रुख भाजपा के लिए चुनौती भरा हो सकता है, जहां वह आम आदमी के मुद्दों पर आवाज उठा रहे हैं.
मायावती ने अशोक सिद्धार्थ के संन्यास को लेकर बड़ा खुलासा किया. उन्होंने बताया कि उनपर संन्यास न लेने को लेकर दबाव था. उन्हें सुबह करीब 6:30 बजे मजबूरी में संन्यास की घोषणा करनी पड़ी. बसपा प्रमुख ने विपक्षी दलों के नीले रंग के इस्तेमाल को अंबेडकरवाद का दिखावा बताया.
योगी सरकार करोड़ों ग्रामीण महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से आर्थिक रूप से मजबूत बना रही है. इसके तहत एक करोड़ दीदियों को 1-1 लाख रुपये देने की तैयारी है. यह कुल तीन किस्तों में जारी किया जाएगा. इससे महिलाएं अपना व्यवसाय शुरू या विस्तार कर सकेंगी.
इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने गोंडा के जिलाधिकारी को व्यक्तिगत रूप से तलब किया है. सरकारी वकील को उचित निर्देश न देने पर हाईकोर्ट ने डीएम पर 5000 रुपये का हर्जाना लगाया है, जिसे उनके वेतन से वसूला जाएगा. जानिए क्या है पूरा मामला.
भाजपा ने 2027 के यूपी विधानसभा चुनाव की तैयारी तेज कर दी है. पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन और संगठन महामंत्री बीएल संतोष मेरठ-लखनऊ का दौरा कर रणनीति बना रहे हैं. पश्चिमी यूपी, अवध और कानपुर क्षेत्रों पर खास फोकस है. इसका उद्देश्य हारी सीटों पर पार्टी की स्थिति मजबूत करना है.
अखिलेश यादव ने 'NEO INDIA' का विजन पेश किया है, जिसका लक्ष्य युवाओं को समाजवादी पार्टी से जोड़ना है. उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी की सोच नई है तो यूनिफॉर्म भी नई होनी चाहिए. यूनिफॉर्म एक विशेष पहचान भी देती है, जिसके साथ अनुशासन और कर्तव्य का संकल्प जुड़ा होता है.