लखनऊ शहर की न्यूज़
मुंहबोले भाई उमाशंकर की कहानी, जिन्हें हर साल राखी बांधती थीं मायावती
बसपा के वरिष्ठ नेता और रसड़ा से तीन बार विधायक रहे उमाशंकर सिंह का ब्रेन कैंसर से लंबी जंग के बाद निधन हुआ. लखनऊ में बसपा सुप्रीमो मायावती ने उन्हें श्रद्धांजलि दी और उनके परिवार को हरसंभव सहयोग का भरोसा दिया. उमाशंकर सिंह को मायावती का सबसे भरोसेमंद नेता माना जाता था. 2022 विधानसभा चुनाव में बसपा की इकलौती जीत दिलाने वाले उमाशंकर सिंह ने पूर्वांचल में मजबूत राजनीतिक पहचान बनाई. उनके निधन को बसपा के लिए बड़ी राजनीतिक क्षति माना जा रहा है.
योगी सरकार ने पलटा अखिलेश के दौर का फैसला, मदरसा वेतन विधेयक हुआ रद्द
योगी सरकार ने अखिलेश यादव के विवादित मदरसा वेतन विधेयक, 2016 को विधानसभा से वापस ले लिया है. 10 साल से संवैधानिक पेचीदगियों में उलझा यह विधेयक अब इतिहास बन गया है. इसमें मदरसा शिक्षकों के वेतन और पुलिस कार्रवाई पर रोक जैसे विवादित प्रावधान थे, जिसके कारण इसे राष्ट्रपति को भेजा गया था.
तीन दिन, 2,427 सवाल और 12 विधेयक पास... कैसा रहा यूपी का मानसून सत्र?
उत्तर प्रदेश विधानसभा का 2026 का तीसरा सत्र ऐतिहासिक रहा. तीन दिवसीय सत्र में 12 महत्वपूर्ण विधेयक पारित किए गए, जिनमें राजस्व संहिता और निजी विश्वविद्यालय संशोधन शामिल हैं. सत्र की प्रमुख उपलब्धि डिजिटल संसदीय व्यवस्था को मजबूत करना था, जहां 95% से अधिक प्रश्न ऑनलाइन मिले.
UP में BSP के इकलौते विधायक उमाशंकर सिंह का निधन, कैंसर से पीड़ित थे
रसड़ा विधानसभा सीट से विधायक उमाशंकर सिंह का मंगलवार की देर शाम लंबी बीमारी से निधन हो गया. वह यूपी में बसपा के इकलौते विधायक थे और काफी समय से कैंसर की बीमारी से जूझ रहे थे. उनके निधन की सूचना आते ही न केवल उनके विधानसभा क्षेत्र, बल्कि पूरे बलिया जिले में शोक की लहर दौड़ गई.
इठलाया सावन, 55 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट;जानें UP में मौसम का हाल
उत्तर प्रदेश में मानसून फिर से सक्रिय है, जिससे 55 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है. लखनऊ, कानपुर जैसे शहरों में मूसलाधार बारिश से जलभराव की स्थिति है. भारतीय मौसम विभाग ने कई जिलों में भीषण बारिश की चेतावनी दी है. हालांकि, इस बारिश से प्रदेशवासियों को भीषण गर्मी और उमस से बड़ी राहत मिली है.
राम मंदिर चढ़ावा चोरी पर आर-पार, सपा विधायकों का विधानसभा में प्रदर्शन
उत्तर प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र में राम मंदिर चढ़ावा चोरी का मुद्दा लगातार गरमाया हुआ है. बुधवार को समाजवादी पार्टी के विधायकों ने इस मामले को लेकर विधानसभा परिसर और सदन के भीतर जोरदार प्रदर्शन किया. सपा विधायक सरकार से पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग कर रहे […]
2027 की डगर, ब्राह्मणों पर सपा की नजर: अखिलेश ने क्या कहा?
समाजवादी पार्टी 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को देखते हुए ब्राह्मण वोट बैंक पर खास फोकस कर रही है. लखनऊ में आयोजित ब्राह्मण सम्मेलन में सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने ब्राह्मण समाज को साधने की कोशिश करते हुए कई राजनीतिक संदेश दिए. उन्होंने PDA की नई व्याख्या करते हुए ‘PD’ को पंडित से जोड़ा […]
टोल फ्री हुआ लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेस-वे, जगह-जगह सड़क धंसने के बाद फैसला
लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेस-वे को बार-बार सड़क धंसने की घटनाओं के बाद टोल फ्री कर दिया गया है. भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने गुणवत्ता में कमी के चलते यह फैसला लिया है. एक्सप्रेस-वे बनाने वाली कंपनी PNC को ब्लैकलिस्ट कर दिया गया है और उसके प्रोजेक्ट मैनेजर व इंजीनियरों को हटाया गया है. मरम्मत का खर्च कंपनी उठाएगी. यह कार्रवाई हाल ही में उद्घाटन हुए एक्सप्रेस-वे पर हुई अनियमितताओं के बाद की गई है.
ब्राह्मण वोट बैंक क्यों अहम? मायावती के फॉर्मूले पर अखिलेश की नजर
उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले ब्राह्मण वोट बैंक एक बार फिर राजनीतिक चर्चा के केंद्र में है. समाजवादी पार्टी ब्राह्मण सम्मेलनों, PDA रणनीति और अयोध्या जैसे मुद्दों के जरिए इस वर्ग को अपने साथ जोड़ने की कोशिश कर रही है, जबकि बीजेपी अपने पारंपरिक समर्थन को बरकरार रखने में जुटी है. राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि ब्राह्मण मतदाताओं का छोटा हिस्सा भी किसी दूसरे दल की ओर जाता है तो इसका असर कई विधानसभा सीटों पर पड़ सकता है. ऐसे में 2027 का चुनाव केवल जातीय समीकरण नहीं, बल्कि सामाजिक और राजनीतिक रणनीतियों की भी बड़ी परीक्षा माना जा रहा है.
अखिलेश का मिशन अयोध्या! अब विधानसभा में BJP को पटखनी देने का प्लान
राम मंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण को समाजवादी पार्टी अब बड़ा राजनीतिक मुद्दा बनाने की तैयारी में है. संसद से लेकर उत्तर प्रदेश विधानसभा तक सपा इस मामले पर बीजेपी को घेर रही है. पार्टी का लक्ष्य 2027 विधानसभा चुनाव में अयोध्या सीट पर जीत दर्ज करना है. अखिलेश यादव ने पूर्व विधायक पवन पांडेय को उम्मीदवार बनाने के संकेत भी दे दिए हैं. सपा का मानना है कि चढ़ावा चोरी, भूमि अधिग्रहण और स्थानीय नाराजगी जैसे मुद्दों का उसे फायदा मिल सकता है.
More Videos