चीनी हैंडलर को भेजते थे पैसे, दो पढ़े-लिखे युवक कैसे आजमगढ़ में बैठकर करते थे साइबर फ्रॉड

आजमगढ़ में एक बड़े साइबर सिंडिकेट का पर्दाफाश हुआ है, जहां दो शिक्षित युवाओं को गिरफ्तार किया गया है. दोनों आरोपी चीनी हैंडलरों के लिए काम करते थे. ये टेलीग्राम के जरिए ठगी के पैसे को USDT क्रिप्टो करेंसी में बदलकर चीनी गिरोह को भेजते थे. पुलिस पूरे गिरोह को पकड़ने में जुटी है.

आजमगढ़ में चीनी साइबर गिरोह का खुलासा

आजमगढ़ में साइबर ठगी का एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जिसमें अंतर्राष्ट्रीय साइबर सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया गया है. पुलिस ने मामले में दो शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है. ये चीनी हैंडलरों के लिए काम करते थे. ये टेलीग्राम के जरिए ठगी के पैसे को USDT क्रिप्टो करेंसी में बदलकर चीनी गिरोह को भेजते थे.

गिरफ्तार किए गए आरोपियों में एक अभिषेक गुप्ता पुत्र अरुण गुप्ता और दूसरे का नाम शाश्वत अवस्थी पुत्र दीप राज अवस्थी है. अभिषेक बैंकिंग की पढ़ाई कर रहा था और दूसरा कानून की पढ़ाई कर रहा था. पुलिस ने इनके पास से 6.32 लाख रुपए नगद, 11 मोबाइल, 12 एटीएम कार्ड, विदेशी सिम कार्ड, चेक बुक और कैश काउंटिंग मशीन बरामद किया है.

क्रिप्टो करेंसी में बदलकर, चीन भेजते थे पैसे

दोनों आरोपी आजमगढ़ में बैठकर चाइना साइबर हैंडलरों के लिए काम करत था. पूछताछ में पता चला कि विदेश में साइबर ठगी और भारत में हुई साइबर ठगी के पैसों को USDT क्रिप्टो करेंसी में परिवर्तित किया जाता था, जिसके माध्यम से यह पैसा भारतीय बैंकों में रखकर क्रिप्टो करेंसी में परिवर्तित कराकर चीनी हैंडलरों को भेजा जाता था.

टेलीग्राम ग्रुप का सहारा, वकीलों से भी सांठगांठ

इसके लिए ली कूपर सिंबा ए वेस्टर्न और नोबिता जैसे टेलीग्राम ग्रुप का सहारा लिया जाता था. सूत्रों के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपी हाईकोर्ट में ज्यादा समय व्यतीत करते थे और अपने पूरे घर को सीसीटीवी कैमरा से लैस रखते थे. हाई कोर्ट के तमाम अधिवक्ता इनके टच में रहते थे और समय अनुसार उनके सहयोग में लगे रहते थे.

गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी- ASP

ASP चिराग जैन ने बताया कि इस पूरे मामले पर पुलिस आगे की जांच कर रही है. जल्द ही मामले को लेकर पुलिस के हाथ और भी कई बड़ी जानकारी लगेगी. प्रभारी निरीक्षक देवेंद्र प्रताप सिंह और विभा पांडे ने सहयोगी पुलिसकर्मियों के साथ संगठित अंतर्राष्ट्रीय साइबर अपराध नेटवर्क को ट्रैक किया. इस गिरोह में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश जारी है.