आजमगढ़ में समाजवादी पार्टी के छात्र सभा उपाध्यक्ष गुफरान अहमद को पुलिस ने गिरफ्तार किया है. सपा नेता पर एक निजी अस्पताल के आईसीयू वार्ड में मारपीट करने का आरोप है. एक वीडियो भी वायरल हुआ था, जिसमें गुफरान आईसीयू में पिस्तौल सटाकर कर्मचारी को धमका रहे थे.
आजमगढ़ में एक शादी समारोह में पुलिस ने चौंकाने वाली कार्रवाई की. द्वारपूजा के दौरान पुलिस ने दूल्हे आदर्श मौर्य को मंडप से हिरासत में ले लिया. दूल्हा अपनी पहली शादी छिपाकर दूसरी शादी कर रहा था, जिसकी शिकायत उसकी पहली पत्नी ने मुख्यमंत्री पोर्टल पर की थी. पुलिस के हस्तक्षेप से शादी रुक गई और दूल्हे पर धोखाधड़ी का आरोप लगा, जिसकी जांच चल रही है.
आजमगढ़ के 90 साल के सबसे वरिष्ठ विधायक आलम बदी की सादगी और ईमानदारी की कहानी हर जुबान पर है. एक छोटे से घर में परिवार के साथ रहने वाले आलम बदी 1996 से समाजवादी पार्टी के टिकट पर 5 बार विधायक चुने जा चुके हैं. इंजीनियरिंग डिप्लोमा के बाद राजनीति में आए, लेकिन कभी मंत्री नहीं बने. मुलायम और अखिलेश के ऑफर ठुकराकर कहा कि नौजवानों को मौका दो. आज भी पुरानी बोलेरो या बाइक से चलते हैं.
आजमगढ़ में एक बड़े साइबर सिंडिकेट का पर्दाफाश हुआ है, जहां दो शिक्षित युवाओं को गिरफ्तार किया गया है. दोनों आरोपी चीनी हैंडलरों के लिए काम करते थे. ये टेलीग्राम के जरिए ठगी के पैसे को USDT क्रिप्टो करेंसी में बदलकर चीनी गिरोह को भेजते थे. पुलिस पूरे गिरोह को पकड़ने में जुटी है.
सपा नेता MLC गुड्डू जमाली के आजमगढ़ पब्लिक स्कूल में मजहबी पाठ पढ़ाने का विवाद गहराने लगा है. वायरल वीडियो के बाद यूपी ATS ने स्कूल में पहुंच कर मामले की जांच की, दस्तावेज व डेटा जब्त किए. आरोप है कि स्कूल में धार्मिक कार्यक्रमों और एक धर्म को सर्वोपरि बताया गया. अब स्कूल की मान्यता रद्द करने की मांग तेज होने लगी है.
आजमगढ़ में भाजपा बूथ अध्यक्ष बृजेश गौड़ के अवैध मकान पर विकास प्राधिकरण का बुलडोजर चला. हरिहरपुर स्थित संगीत महाविद्यालय के सामने बिना नक्शा पास कराए निर्माण हो रहा था. 21 दिसंबर को नोटिस चस्पा की गई, लेकिन 24 घंटे में ही मंगलवार सुबह भारी पुलिस बल के साथ मकान ध्वस्त कर दिया गया. बृजेश […]
आजमगढ़ में जीएसटी कार्यक्रम के दौरान बड़ा बवाल हो गया. मंत्री के काफिले में आगे चलने को लेकर बीजेपी युवा मोर्चा के दो नेताओं में पहले गाली गलौज और फिर मारपीट हो गई. स्थिति इतनी बिगड़ी कि पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा और उन्हें थाने ले जाया गया, जहां उन्होंने दोबारा झगड़ा किया. अंततः जिले के प्रभारी मंत्री अनिल राजभर के हस्तक्षेप के बाद मामला शांत हुआ.
पुलिस और प्रशासन की जिम्मेदारी है कि आरोपियों को सजा दिलवाने के लिए सबूत और गवाह जुटाएं, लेकिन आजमगढ़ में उल्टा ही मामला सामना आया है. यहां पर पुलिसवालों ने आरोपी को बकायदा वीआईपी ट्रीटमेंट दिया और एयर कंडीशन गाड़ी में बिठाकर न्यायालय रिमांड के लिए लेकर गए.