बरेली में एक दुखद और हैरान करने वाली घटना सामने आई है. एक साली की फर्जी शिकायतों के चलते जीजा की मौत हो गई. मृतक की पत्नी ने सगी बहन पर हत्या का आरोप लगाया. आरोप है कि झूठे केसों की धमकी से पति मानसिक तनाव में चले गए थे और सदमे के कारण उनकी मौत हो गई.
बरेली में 'गब्बर' नाम का खौफ फैल गया है. रामायण पाठ के बाद प्रसाद सबसे पहले उसके घर न पहुंचने पर उसने गांव में जमकर तांडव मचाया है. बच्चे ही नहीं, बड़ों में भी उसका डर है. ग्रामीणों ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है और अब मुख्यमंत्री योगी से न्याय की गुहार लगा रहे हैं.
बरेली के पूर्व सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री की मुश्किलें बढ़ सकती हैं. दरअसल, अपने इस्तीफे के बाद अलंकार अग्निहोत्री ने कलेक्ट्रेट पर हंगामा किया था, जिसकी वीडियोग्राफी कराई गई थी, जो अब साक्ष्य के रूप में शासन को भेजी गई है. इसमें नारेबाजी, प्रदर्शन और सरकारी कामकाज में बाधा से जुड़े सबूत शामिल हैं.
उत्तर प्रदेश सरकार ने मदरसों की विदेशी फंडिंग और लेनदेन की व्यापक जांच के आदेश दिए हैं. एटीएस स्तर की विशेष जांच टीम सभी वित्तीय पहलुओं की समीक्षा करेगी. मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने इसपर कहा कि सरकार मदरसों के अंदर से कोई अजूबा ढूंढना चाहती है, लेकिन वह मिल नहीं पा रहा है.
उत्तर प्रदेश के बरेली में एक खौफनाक वारदात सामने आई है. यहां शादी के मात्र दो महीने बाद एक पत्नी ने अपने माता-पिता के साथ मिलकर पति जितेंद्र यादव की गला घोंटकर हत्या कर दी. आरोपियों ने इसे आत्महत्या दिखाने की कोशिश की, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने सारा सच उजागर कर दिया. पुलिस ने पत्नी ज्योति और उसके माता-पिता को गिरफ्तार कर लिया है.
कानपुर के I Love Mohammad पोस्टर की आड़ में मौलाना तौकीर रजा ने बरेली में उपद्रव कराया था. उसके कहने पर आई भीड़ ने पुलिस पर हमला किया. पुलिस का वायरलेस, एंटी राइट गन आदि को भी लूटकर दंगाई फरार हो गए थे. इसके अलावा पुलिस पर पेट्रोल बम के साथ-साथ एसिड की बोतलें भी फेंकी गई.
अलंकार अग्निहोत्री केस में 72 घंटे तक खूब ड्रामा चला. कभी उनके सरकारी आवास पर भीड़ जुटी तो कभी कलेक्ट्रेट में नारेबाजी देखने को मिला. फिलहाल, उन्हें बरेली से लखनऊ भेज दिया गया है. लेकिन उनके समर्थकों का कहना है वे अलंकार अग्निहोत्री के समर्थन में आवाज उठाते रहेंगे.
निलंबित PCS अफसर अलंकार अग्निहोत्री को बरेली से बाहर ले जाया गया, जिससे समर्थकों में भारी आक्रोश फैल गया. उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें पहले हाउस अरेस्ट किया गया, अब एक निजी वाहन में पुलिस ने गई है. इसके बाद समर्थकों ने सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया, जाम लगाया और नारेबाजी की.