पुलिस को जिंदा जलाने की थी साजिश, बरेली हिंसा को लेकर इस खुलासे से मचा हड़कंप
कानपुर के I Love Mohammad पोस्टर की आड़ में मौलाना तौकीर रजा ने बरेली में उपद्रव कराया था. उसके कहने पर आई भीड़ ने पुलिस पर हमला किया. पुलिस का वायरलेस, एंटी राइट गन आदि को भी लूटकर दंगाई फरार हो गए थे. इसके अलावा पुलिस पर पेट्रोल बम के साथ-साथ एसिड की बोतलें भी फेंकी गई.
मौलाना तौकीर रजा की तरफ से बरेली में 26 सितंबर 2025 को हिंसा भड़काई गई. इस दौरान पुलिस को ऊपर ना सिर्फ पेट्रोल बम फेंके गए थे बल्कि एसिड से भी हमला किया गया था. फारेंसिक साइंस लैब (एफएसएल) में भी इसकी पुष्टि हो चुकी है. श्यामगंज में हुए बवाल के दौरान फेंकी गई बोतलों को जब लैब भेजा गया तो उसमें एसिड पाया गया. पुलिस इस इस रिपोर्ट को अपनी विवेचना में शामिल करेगी.
पुलिस पर एसिड की बोतलें फेंकी गई थी
बता दें कि कानपुर के I Love Mohammad पोस्टर की आड़ में मौलाना तौकीर रजा ने बरेली में उपद्रव कराया था. उसके कहने पर आई भीड़ ने पुलिस पर हमला किया. साथ ही उनके साथ लूट भी की गई. पुलिस का वायरलेस, एंटी राइट गन आदि को भी लूटकर दंगाई फरार हो गए थे. पुलिस पर पेट्रोल बम के अलावा एसिड की बोतलें भी फेंकी गई. इस उपद्रव के दौरान कई पुलिसकर्मियों को चोट भी लगी.
5 थानों में 10 मुकदमें दर्ज किए गए थे
शहर के 5 थानों में उपद्रवियों पर 10 मुकदमे पंजीकृत किए गए थे. इसमें कोतवाली में पांच, बारादरी में दो और प्रेमनगर, कैंट व किला थाने में एक-एक मुकदमा लिखा गया था. पुलिस सभी मुकदमों में पार्ट चार्जशीट दाखिल कर चुकी है. फाइनल चार्जशीट दाखिल होना अभी बाकी है.
पुलिस ने तौकीर रजा समेत 92 लोगों को जेल भेजा था
पुलिस ने इस मामले में मौलाना तौकीर रजा समेत 92 लोगों को जेल भेजा था. तौकीर अभी भी फतेहगढ़ की जेल में बंद हैं. कुछ आरोपितों को जमानत मिल चुकी है. जांच को और भी मजबूत करने के लिए पुलिस ने मौके से बरामद कांच के टुकड़ों को फारेंसिक लैब भेजा था.
क्राइम ब्रांच कर रही मामले की जांच
श्यामगंज में पुलिस पर हुए हमले को लेकर बारादरी इंस्पेक्टर धनंजय पांडेय ने प्राथमिकी लिखाई थी. इस मामले की जांच पहले इज्जतनगर इंस्पेक्टर और बाद में क्राइम ब्रांच को सौंपी गई थी. क्राइम ब्रांच के इंस्पेक्टर संजय धीर अब इस मामले की जांच का नेतृत्व कर रहे हैं.
250 से ज्यादा लोगों पर मुकदमा हुआ था दर्ज
पुलिस ने इस मुकदमे में नदीम, अनीस सकलैनी, साजिद सकलैनी, तहमीन, वसीन तहसीनी, अजीम, अदनान, मोईन सिद्दीकी, फैजुल नवी, कलीम खां, मोबीन, नयाब उर्फ निम्मा, बबलू खां, दाऊद खां, अमन, अजमल रफी, फैजान, समनान, सम्मू खान, अरशद उल्ला, मुस्तफा नूरी, नौशाद खान, मुनीम मियां, मोहम्मद आकिब, मुन्ना, सलाउद्दीन, यूनुस और आशू को नामजद करते हुए 250 अज्ञात लोगों को आरोपित बनाया था.
