इस्तीफा देने वाले सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री हाउस अरेस्ट! बोले- एडीएम कंपाउंड बना मिनी जेल
शंकराचार्य विवाद और यूजीसी के नए कानून का हवाला देकर बरेली सिटी मजिस्ट्रेट के पद से इस्तीफा देने वाले अलंकार अग्निहोत्री ने दावा किया है कि उन्हें हाउस अरेस्ट कर लिया गया है. साथ ही एडीएम कंपाउंड को मिनी जेल में कन्वर्ट कर दिया गया है.
बरेली सिटी मजिस्ट्रेट के पद से इस्तीफा दे चुके पीसीएस अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री का मामला तूल पकड़ते ही जा रहा है. अब उन्होंने दावा किया है कि उन्हें हाउस अरेस्ट कर लिया गया है. साथ ही उनके सरकारी आवास के बाहर भारी पुलिस बल और एक कंपनी पीएसी को तैनात किया गया है. उनके आवास को मिनी जेल में तब्दील कर दिया गया है. उन्हें कहीं भी आने-जाने नहीं दिया जा रहा है.
मंगलवार यानी 27 जनवरी की शाम होते-होते एडीएम कंपाउंड पूरी तरह पुलिस छावनी में बदल गया. मुख्य गेट पर पीएसी और पुलिस का कड़ा पहरा है. बिना अनुमति किसी को अंदर जाने नहीं दिया जा रहा. बाहर समर्थक नारेबाजी कर रहे हैं और अंदर निलंबित अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री अपने सरकारी आवास में बंद हैं.
दिन भर खूब चला हाई वोल्टेज ड्रामा
27 जनवरी की सुबह करीब 11 बजे अलंकार अग्निहोत्री डीएम अविनाश सिंह से मिलने कलेक्ट्रेट पहुंचे. लेकिन वहां गेट बंद मिला. इसके बाद वह समर्थकों के साथ गेट के बाहर ही जमीन पर बैठ गए और धरना शुरू कर दिया. करीब एक घंटे तक वह वहीं बैठे रहे. बाद में उन्हें कलेक्ट्रेट सभागार में जाने दिया गया.
करीब 12 बजे अलंकार अग्निहोत्री डीएम चेंबर के बाहर पहुंचे और नारेबाजी शुरू हो गई. आधे घंटे तक प्रदर्शन चला, लेकिन डीएम से मुलाकात नहीं हो सकी. इससे नाराज होकर वह दोपहर करीब डेढ़ बजे अपने सरकारी आवास लौट गए. दोपहर बाद करीब साढ़े तीन बजे वह फिर समर्थकों के साथ कलेक्ट्रेट पहुंचे. इस बार भी डीएम मौजूद नहीं थे. अलंकार अग्निहोत्री ने आरोप लगाया कि उनके खिलाफ साजिश के तहत कार्रवाई की गई है. दबाव बनाने के लिए उन्हें निलंबित किया गया.
सरकारी आवास पर पुलिस का पहरा
शाम होते-होते प्रशासन ने सख्ती और बढ़ा दी. एडीएम कंपाउंड के बाहर भारी पुलिस और पीएसी तैनात कर दिया गय. मुख्य गेट बंद कर दिया गया. इलाके में सीसीटीवी कैमरों से निगरानी शुरू कर दी गई. पुलिस का कहना है कि यह कदम एहतियातन उठाया गया है.
वहीं अलंकार अग्निहोत्री का आरोप है कि उन्हें जबरन हाउस अरेस्ट कर लिया गया है. उन्होंने TV9 को बताया कि उन्हें कहीं भी जाने नहीं दिया जा रहा. उनको सूचना मिली थी कि उन्हें कहीं और ले जाया जा सकता है. उन्होंने इसकी जानकारी न्यायिक अधिकारियों को दे दी है.
निलंबन के खिलाफ कोर्ट जाने की कही बात
अलंकार अग्निहोत्री ने कहा है कि वह निलंबन के खिलाफ हाईकोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक जाएंगे. उन्होंने प्रशासन पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं. फिलहाल बरेली में हालात बेहद संवेदनशील बने हुए हैं. प्रशासन और निलंबित अधिकारी आमने-सामने खड़े नजर आ रहे हैं.
अलंकार अग्निहोत्री ने व्हाट्सएप स्टेट के जरिए कही ये ये बात
अलंकार अग्निहोत्री ने अपने व्हाट्स पर एक स्टेटस भी अपडेट किया है. उन्होंने लिखा कि मैं एडीएम कंपाउंड में हाउस अरेस्ट हूं. बातचीत का एकमात्र जरिया यह मोबाइल फोन है. अगर मुझसे संपर्क न हो पाए तो भारत के संविधान के तहत हाईकोर्ट में बंदी प्रत्यक्षीकरण की याचिका दाखिल करें.
उन्होंने व्हाट्सएप स्टेटस में आगे लिखा कि अगर हमसे संपर्क नहीं हो पाता है तो कृपया प्रधानमंत्री कार्यालय, केंद्रीय गृह मंत्री के ऑफिस के साथ ही हाईकोर्ट/सुप्रीम कोर्ट के सीनियर वकीलों को सूचित करें. पुलिसकर्मियों को एडीएम कंपाउंड में मोबाइल जैमर लगाने का निर्देश दिया गया है ताकि हमें बाहरी दुनिया से अलग किया जा सके.
