25500 वोटर, 145 उम्मीदवार और 35 पद… AMU में छात्रसंघ चुनाव के लिए वोटिंग, कब आएंगे नतीजे?

अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (AMU) में 8 साल बाद छात्रसंघ चुनाव हो रहा है. कैंपस में सुबह 9 बजे से मतदान जारी है. करीब 25,500 मतदाता 35 पदों के लिए 145 प्रत्याशियों का भाग्य तय कर रहे हैं. इस बार राष्ट्रीय दलों के बजाय क्षेत्रीय छात्र लॉबियां आमने-सामने हैं.

AMU, अलीगढ़ Image Credit:

अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (AMU) में आठ साल के लंबे इंतजार के बाद आज छात्रसंघ चुनाव के लिए मतदान हो रहा है. करीब 35 पदों के लिए लगभग 145 प्रत्याशी मैदान में हैं. इनमें छात्रसंघ और विमेंस कॉलेज यूनियन के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और सचिव जैसे छह प्रमुख पदों पर खास नजर है. सुबह 9 बजे से मतदान शुरू है, जो शाम 5 बजे तक चलेगा.

अध्यक्ष पद के लिए 9 प्रत्याशी, उपाध्यक्ष के लिए 7, सचिव पद के लिए तीन प्रत्याशी, कैबिनेट के लिए 46 उम्मीदवार और 68 कोर्ट मेंबर प्रत्याशी मैदान में हैं. कैंपस के अंदर 13 फैकल्टी में मतदान केंद्र बनाए गए हैं. इस बार राष्ट्रीय दलों के बजाय क्षेत्रीय छात्र लॉबियां आमने-सामने हैं, जिसमें अध्यक्ष पद पर बिहार और पश्चिमी यूपी की लॉबी के बीच मुख्य मुकाबला है.

राष्ट्रीय दल गायब, क्षेत्रीय लॉबियों के बीच मुकाबला

इस बार का चुनाव कई मायनों में 2018-19 के पिछले चुनाव से अलग है. सबसे बड़ा अंतर यह है कि चुनाव में किसी राष्ट्रीय या क्षेत्रीय राजनीतिक दल का आधिकारिक पैनल नहीं है. क्षेत्रीय छात्र लॉबियां में अध्यक्ष पद के अलावा उपाध्यक्ष पद पर पूर्वी यूपी और पश्चिमी यूपी तथा सचिव पद पर भी पूर्वांचल और पश्चिमी यूपी के बीच जोर आजमाइश है.

अध्यक्ष पद पर बिहार की लॉबी को पूर्वी यूपी के छात्रों का समर्थन मिलने के संकेत हैं. हालांकि पश्चिमी यूपी और दूसरी लॉबियों में भी सेंधमारी की कोशिश हो रही है. दूसरी तरफ पश्चिमी यूपी की लॉबी भी पूर्वांचल और अन्य क्षेत्रों के वोटरों को अपने पक्ष में करने में जुटी है. यही वजह है कि इस बार चुनाव क्षेत्रीय प्रभाव और छात्र समूहों की ताकत की परीक्षा भी बन गया है.

छह बड़े पदों पर कौन-कौन मैदान में?

छात्रसंघ के तीन प्रमुख पदों पर 19 प्रत्याशियों के बीच मुकाबला है. अध्यक्ष पद पर नौ, उपाध्यक्ष पर सात और मानद सचिव पद पर तीन प्रत्याशी हैं.

वीमेंस कॉलेज यूनियन के तीन पदों पर 15 प्रत्याशी

AMU छात्रसंघ चुनाव में करीब 20हजार मतदाता हैं, जबकि विमेंस कॉलेज यूनियन में करीब 4,500 छात्राएं मतदान करेंगी. इस तरह दोनों चुनावों में लगभग 25,500 मतदाता अपने प्रतिनिधियों का चुनाव करेंगे. दोनों यूनियनों के लिए अलग-अलग मतदान व्यवस्था की गई है.

आठ साल पहले के नतीजे, आज कितना बदला चुनाव

2018-19 में हुए पिछले छात्रसंघ चुनाव में अध्यक्ष पद पर एम. सलमान इम्तियाज ने जीत दर्ज की थी. हमजा सुफियान उपाध्यक्ष और हुजैफा आमिर रशादी मानद सचिव चुने गए थे.

वहीं विमेंस कॉलेज यूनियन में आफरीन फातिमा अध्यक्ष, नाहिद असद उपाध्यक्ष और मयमूना अंसारी सचिव चुनी गई थीं. उस चुनाव में AMU के करीब 18,886 और विमेंस कॉलेज के 3,014 मतदाता थे.

इस बार का चुनाव पिछले चुनाव से इसलिए भी अलग है क्योंकि आठ साल में कैंपस की छात्र राजनीति, छात्र समूहों की ताकत और मुद्दे बदल चुके हैं. उस समय चुनी गई यूनियन के बाद कोविड महामारी और कैंपस में विभिन्न घटनाक्रमों के चलते चुनाव नहीं हो सके.

किस मुद्दे पर होगा नए नेतृत्व का इम्तिहान

आठ साल बाद चुनाव होने के चलते छात्रों में जबरदस्त उत्साह है. लंबे समय से छात्रसंघ की बहाली की मांग उठती रही. इसी साल यासिर फहाद की 19 दिन की भूख हड़ताल के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने चुनाव कराने का फैसला लिया था.

अब नए नेतृत्व के सामने छात्रहित, कैंपस की समस्याएं, प्रशासन से संवाद, छात्रावासों की व्यवस्था और विश्वविद्यालय में लोकतांत्रिक भागीदारी जैसे मुद्दे होंगे. सवाल यह भी है कि नई यूनियन प्रशासन के सामने छात्रों की आवाज कितनी मजबूती से उठा पाएगी.

शाम सात बजे से शुरू होगी मतगणना

सुबह नौ बजे से मतदान शुरू हो चुका है. शाम पांच बजे तक छात्र अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे. इसके बाद शाम को 7 बजे से एबीके गर्ल्स स्कूल में मतगणना शुरू होगी. कैंपस में मतगणना स्थलों के आसपास भी छात्रों की भीड़ जुटनी शुरू हो गई है. देर रात तक नए अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और सचिव के नाम सामने आने की उम्मीद है.

Follow Us