बारा टोल प्लाजा का ठेका रद्द, 5.3 करोड़ भी जब्त… वकील की पिटाई पर NHAI का बड़ा एक्शन
बाराबंकी में टोल प्लाजा पर अधिवक्ता से मारपीट के मामले में NHAI ने कड़ा रुख अपनाया है. टोल प्लाजा का कॉन्ट्रैक्ट तुरंत खत्म कर दिया गया है. साथ ही करोड़ों की बैंक गारंटी जब्त करने की तैयारी चल रही है. बीते दिन सैकड़ों आक्रोशित वकील सड़कों पर उतर आए थे. और टोल प्लाजा पर जमकर विरोध प्रदर्शन किया था.
बाराबंकी में लखनऊ-सुल्तानपुर हाईवे पर बारा टोल प्लाजा पर हाईकोर्ट अधिवक्ता से मारपीट हुई थी. इससे वकीलों में गुस्सा फैल गया और वे सैकड़ों की संख्या में टोल प्लाजा पर जमा हो गए. उन्होंने टोल प्लाजा पर विरोध प्रदर्शन किया, जिससे 30 घंटे तक ट्रैफिक बाधित रहा. अब राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने मारपीट मामले में सख्त कार्रवाई की है.
NHAI ने बारा टोल प्लाजा का ठेका तुरंत समाप्त कर दिया है. यह ठेका मेसर्स स्काईलार्क इंफ्रा इंजीनियरिंग प्राइवेट लिमिटेड के नाम पर था. इसके अलावा ₹5.3 करोड़ की बैंक गारंटी जब्त करने और एजेंसी को एक साल के लिए प्रतिबंधित करने की तैयारी है. NHAI ने टोल प्लाजा पर दुर्व्यवहार के प्रति जीरो टॉलरेंस नीति अपनाने की घोषणा की है.
एक साल के लिए कंपनी पर कड़ा प्रतिबंध
यह घटना 14 जनवरी को NH-731 (लखनऊ–सुल्तानपुर खंड) स्थित बारा टोल प्लाजा पर हुई थी, जहां एक राष्ट्रीय राजमार्ग उपयोगकर्ता (अधिवक्ता) के साथ कथित रूप से दुर्व्यवहार और मारपीट हुई. NHAI ने एजेंसी को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए स्पष्टीकरण मांगा है. साथ ही, गंभीर अनुबंध उल्लंघन को देखते कड़ी कार्रवाई की है.
एजेंसी को एक साल के लिए NHAI की किसी भी भविष्य की बोली या अनुबंध में भाग लेने से प्रतिबंधित करने का प्रस्ताव किया गया है. मेसर्स स्काईलार्क इंफ्रा कंपनी को एक साल के लिए टर्मिनेट किया गया है. इसके अलावा, बारा टोल प्लाजा के मौजूदा अनुबंध के तहत जमा की गई ₹5.3 करोड़ की बैंक गारंटी को जब्त करने की भी कार्रवाई प्रस्तावित है.
इस तरह की घटनाओं को बर्दाश्त नहीं- NHAI
एनएचएआई के अनुसार, यह घटना अनुबंध शर्तों का गंभीर उल्लंघन है. भविष्य में इस तरह की घटनाओं को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. NHAI ने स्पष्ट किया है कि वह सभी राष्ट्रीय राजमार्ग उपयोगकर्ताओं के लिए सुरक्षित, सम्मानजनक और सुगम यात्रा सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है. टोल प्लाजा पर दुर्व्यवहार, हिंसा या अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं होगी.
टोल प्लाजा पर प्रदर्शन कर रहे वकीलों ने गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज करने की मांग की थी. उनका कहना था कि पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ केवल शांतिभंग की धाराओं में चालान किया. इसके बाद हैदरगढ़, लखनऊ, बाराबंकी, प्रतापगढ़ और सुलतानपुर के वकील टोल प्लाजा पहुंच गए. इस दौरान 25 घंटे तक टोल फ्री चलता रहा.
