जिसे मृत बताकर डॉक्टरों ने किया डिस्चार्ज, फ्रीजर में रखते ही चलने लगीं सांसे; हैरान कर देगी कहानी

उत्तर प्रदेश के कन्नौज में एक व्यक्ति को हार्ट अटैक के बाद डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया. परिजनों ने अंतिम संस्कार के लिए शव को फ्रीजर में रखवाया, जहां कुछ समय बाद उसमें हरकतें देखी गईं. शरीर गर्म और नब्ज चलती देख उसे दोबारा अस्पताल ले जाया गया, जहां उसका इलाज चल रहा है. यह घटना डॉक्टरों की लापरवाही पर सवाल उठा रही है और परिवार में खुशी के साथ-साथ रोष भी है.

सांकेतिक तस्वीर

उत्तर प्रदेश के कन्नौज में हैरान करने वाली घटना हुई है. यहां एक व्यक्ति को हार्ट अटैक आया था. उसके परिजनों ने अस्पताल में दाखिल कराया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई. डॉक्टरों ने जांच के बाद बॉडी अंतिम संस्कार के लिए परिजनों को सौंप दिया. इसके बाद परिजनों ने बॉडी को फ्रीजर में रखवा दिया. इतने में उस बॉडी में हरकतें नजर आईं. आनन फानन में उसे वापस अस्पताल ले जाया गया, जहां उसका इलाज जारी है. इस घटना के बाद परिवार में खुशी तो है, लेकिन डॉक्टरों के प्रति नाराजगी भी है.

मामला कन्नौज में गुरसहायगंज कस्बे का है. यहां तिर्वारोड पर रहने वाले एक दुकानदार की तबियत 31 दिसंबर की शाम को खराब हो गई थी. वह अपने घर के बाहर जल रहे अलाव के पास बैठे थे. इसी दौरान उन्हें दौरा पड़ा और वह जमीन पर गिर कर तड़पने लगे. परिजनों ने उन्हें तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद रेफर कर दिया. इसके बाद परिजन कानपुर के एक निजी अस्पताल ले आए, जहां डॉक्टरों ने उनकी हालत को देखते हुए वेंटिलेटर पर रख दिया.

दो जनवरी को थम गईं थी सांसे

परिजनों के मुताबिक 2 जनवरी की शाम करीब 6 बजे उनकी सांसें थम गईं. डॉक्टरों ने नब्ज चेक किया और मृत घोषित करते हुए बॉडी अंतिम संस्कार के लिए दे दिया. परिजन बॉडी लेकर घर आए, लेकिन उस समय काफी देर रात हो गई थी, अंतिम संस्कार सुबह होना था, इसलिए शव को नगर पालिका से डीप फ्रीजर मंगाकर उसमें रखवा दिया गया. इसी दौरान लोगों ने बॉडी में कुछ हलचल देखी. हाथ पैर हिले और पलकें भी हिलीं. लोगों ने चेक किया तो शरीर गर्म मिला और नब्ज भी चल रही थी.

अस्पताल में चल रहा इलाज

यह देखकर हर कोई हैरान रह गया. लोगों ने तुरंत बॉडी को फ्रीजर से बाहर निकाला और वापस कानपुर के अस्पताल में भर्ती कराया. डॉक्टरों के मुताबिक मरीज की हालत क्रिटिकल है, लेकिन उन्हें गहन आब्जर्वेशन में रखा गया है. डॉक्टरों ने बताया कि इस तरह के मामले रेयर ही आते हैं. हालांकि परिजनों ने इसे डॉक्टरों की लापरवाही बताया है. फिलहाल इस घटना की चर्चा इलाके में खूब हो रही है. अब लोग मरीज के स्वस्थ होकर घर लौटने के लिए प्रार्थना कर रहे हैं.