छत पर बिजली बनाओ, पैसा कमाओ, 64 मेगावाट पहुंच गई क्षमता, कानपुर ऐसे बना पावर हाउस

कानपुर में अब तक 20,756 सोलर रूफटॉप सिस्टम इंस्टॉल किया जा चुका है. इसकी पूरी क्षमता 64 मेगावाट तक पहुंच गई है. यह तकरीबन 9.6 करोड़ यूनिट ऊर्जा का उत्पादन कर रहा है.मौजूदा बाजार दरों के हिसाब से इस बिजली का वार्षिक आर्थिक मूल्य 34 से 38 करोड़ रुपये तक के करीब है.

कानपुर में सोलर रूफटॉप

कानपुर शहर की छतें पर बिजली उत्पादन किया जा रहा है. पीएम सूर्य घर मुक्त बिजली योजना के तहत कानपुर में सोलर रूफटॉप सिस्टम की क्षमता 64 मेगावाट तक पहुंच गई है. यूपी नेडा के आंकड़ों के मुताबिक कानपुर में अब तक 20,756 सोलर रूफटॉप सिस्टम इंस्टॉल किया जा चुका है. इससे कानपुर सोलर रूफटॉप स्थापना के मामले में प्रदेश में तीसरे स्थान पर पहुंच गया है.

विभाग के अनुसार यह योजना बिजली उत्पादन को तो बढ़ावा दे रही है. साथ ही पर्यावरण को भी फायदा होगा. इसके अलावा आर्थिक तौर पर बचत भी होगी. विशेषज्ञों की माने तो 64 मेगावाट सौर क्षमता से प्रतिवर्ष लगभग 9.6 करोड़ यूनिट ऊर्जा का उत्पादन हो रहा है. मौजूदा बाजार दरों पर इस बिजली का वार्षिक आर्थिक मूल्य 34 से 38 करोड़ रुपये तक के करीब है. यही, बिजली कहीं और से खरीदी जाती तो सरकार के साथ-साथ उपभोक्ताओं पर भी बोझ पड़ता.

बिजली बिल में आई है कमी

सोलर रूफटॉप स्थापित करने वाले घरों और संस्थानों के बिजली बिल में भी काफी कमी आई है. फरवरी 2024 में शुरू हुई इस योजना के तहत जिले में सोलर सिस्टम लगाने की रफ्तार लगातार बनी हुई है. वर्तमान में प्रतिदिन औसतन 80 से 90 नए सिस्टम स्थापित किए जा रहे हैं. व्यक्तिगत आवासों के अलावा बहुमंजिला भवनों, हाउसिंग सोसाइटियों के कॉमन एरिया और अन्य स्थानों पर भी सोलर पैनल लगाए जा रहे हैं.

35 हजार शहरी घरों की बिजली की जरूरतें हो सकती हैं पूरा

पर्यावरणीय लाभ की बात करें तो 64 मेगावाट सौर उत्पादन से हर साल करीब 80 हजार टन कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन में कमी आ रही है. यह कमी तब आती जब आप 35 लाख पेड़ लगाते. बता दें कि सोलर रूफटॉप से जितनी बिजली पैदा की जा रही है, उससे 30 से 35 हजार शहरी घरों की बिजली की जरूरत पूरी की जा सकती है. कोयला आधारित बिजली की तुलना में सौर ऊर्जा सस्ती, प्रदूषण-मुक्त है. इसके अलावा अगर रूफटॉप लगाने से आपकी जरूरतों से अधिक बिजली पैदा हो रही है तो आप इसे बिजली वितरण कंपनियों को भी बेच सकते हैं.

सोलर रूफटॉप लगाने के लिए सस्ते ब्याज दर पर लोन

योजना के तहत प्रति किलोवाट सोलर सिस्टम से रोजाना औसतन 5 यूनिट बिजली उत्पादित हो रही है. सिस्टम की लागत प्रति किलोवाट 60-65 हजार रुपये है. केंद्र और राज्य सरकार की सब्सिडी से 1 किलोवाट पर 45 हजार रुपये तक अनुदान मिलता है. इसपर अधिकतम 1 लाख 8 हजार रुपये तक सहायता उपलब्ध है. इसके अलावा सोलर रूफटॉप लगाने के लिए बैंकों से 6-7 प्रतिशत ब्याज दर पर लोन भी दिया जाता है.