कानपुर में निचली अदालत की गंभीर न्यायिक चूक सामने आई है. सरेंडर आवेदन को गुनाह कबूलना मानकर आरोपियों को बिना सुनवाई सजा सुना दी गई थी. सेशन कोर्ट ने भी इसे बरकरार रखा.वहीं, हाईकोर्ट ने इस आदेश को रद्द कर दिया है. साथ ही मामले को नए सिरे से सुनवाई के लिए वापस भेजा.
कानपुर में एक दिल दहला देने वाला खुलासा हुआ है, जहां तीन महीने पहले पति ने अपनी पत्नी की करंट लगाकर हत्या कर दी थी. वारदात के बाद शव को दफना दिया गया. तीन महीने बाद पुलिस ने शिकायत के आधार पर शव को कब्र से निकालकर पोस्टमार्टम कराया. वहीं रिपोर्ट में पुष्टि होने पर आरोपी पति को गिरफ्तार कर लिया गया है.
कानपुर के LLR अस्पताल और GSVM मेडिकल कॉलेज में बड़े स्वास्थ्य सुधारों को मंजूरी मिली है. अस्पताल में एम्स जैसी नौ मंजिला ओपीडी ब्लॉक, एक चेस्ट ब्लॉक और रिसर्च लैब बनाने की तैयारी है. इन परियोजनाओं से कानपुर में मरीजों को बेहतर इलाज, छात्रों को उन्नत शिक्षा और शोध कार्यों को बढ़ावा मिलेगा.
स्मार्टफोन का लंबे समय तक इस्तेमाल अब सिर्फ आंखों और गर्दन तक सीमित समस्या नहीं रह गया है. डॉक्टरों के मुताबिक, रोजाना 8 से 10 घंटे तक मोबाइल हाथ में पकड़ने, लगातार टाइपिंग, स्क्रॉलिंग और गेम खेलने से अंगूठे, उंगलियों और हाथ के छोटे जोड़ों पर दबाव बढ़ सकता है. इससे दर्द, थकान और जकड़न जैसी शिकायत हो सकती है. लगातार दर्द या जकड़न होने पर डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है.
15 अगस्त से कानपुर से लखनऊ और प्रयागराज के लिए 15 नई वातानुकूलित ई-बसों का संचालन शुरू होगा. यह सुविधा स्वतंत्रता दिवस का तोहफा है, जिससे यात्रियों को आरामदायक और किफायती सफर मिलेगा. ई-बसों के संचालन के लिए किदवईनगर डिपो में चार्जिंग स्टेशन भी तैयार हैं.
कानपुर में एक सिपाही ने दरोगा बनते ही अपनी प्रेमिका से शादी का वादा तोड़ दिया. प्रेमिका का आरोप है कि कांस्टेबल रहते हुए उसने शादी का झांसा देकर शारीरिक संबंध बनाए. अब प्रमोशन के बाद वह मुकर गया है, जिससे दुखी युवती डीसीपी कार्यालय पहुंची है. उसने धोखेबाज दरोगा पर मुकदमा दर्ज करने और न्याय की मांग की है.
कानपुर में एक युवती ने नव-चयनित दरोगा पर धोखाधड़ी का गंभीर आरोप लगाया है. पीड़िता का दावा है कि जब वह सिपाही था तो शादी का वादा कर शारीरिक संबंध बनाए. अब SI बनते ही आरोपी का रवैया बदल गया और उसने शादी से इनकार कर दिया. पीड़िता ने DCP से न्याय की गुहार लगाई है.
कानपुर के जीएसवीएसएस पीजीआई को किडनी ट्रांसप्लांट यूनिट शुरू करने की मंजूरी मिल गई है. यह लखनऊ के बाद प्रदेश का दूसरा सरकारी किडनी प्रत्यारोपण केंद्र होगा. इससे कानपुर और आसपास के जिलों के हजारों किडनी मरीजों को बड़ी राहत मिलेगी. अगले सप्ताह से ओपीडी शुरू कर दिए जाएंगे.