पेड़ की छंटाई कर रहा था युवक, तभी बिजली की तार के जोरदार झटके से झुलसा, चंद सेकंड में ही तोड़ दिया दम

मुरादाबाद में एक युवक पेड़ की छंटाई करते वक्त बिजली के तार के संपर्क में आकर झुलस गया. युवक को तुरंत एक निजी अस्पताल ले जाया गया. लेकिन तब तक उसकी की मौत हो चुकी थी. स्थानीय इस घटना के लिए बिजली विभाग को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं.

बिजली के झटके से झुलस कर युवक की मौत

मुरादाबाद के कटघर में बिजली घर में तैनात संविदा कर्मचारी रवि की हाई टेंशन लाइन की चपेट में आने से दर्दनाक मौत हो गई. हादसा बलदेवपुरी इलाके में हुआ. इस दौरान रवि बिजली की लाइनों के पास पेड़ों की छंटाई का काम कर रहा था. अचानक संतुलन बिगड़ने से वह सीधे हाई वोल्टेज तारों के संपर्क में आकर बुरी तरह झुलस गया.

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस भी मौके पर पहुंच गई. युवक को तुरंत एक निजी अस्पताल ले जाया गया. लेकिन तब तक युवक की मौत हो चुकी थी. यह खबर मृतक के घरवालों के जब पता चली तो वहां कोहराम मच गया. फिलहाल, स्थानीय लोग इस घटना की वजह बिजली विभाग की लापरवाही बता रहे हैं.

हादसे के लिए बिजली विभाग को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं लोग

स्थानीय लोगों में बिना ‘शटडाउन’ के बिजली का काम कर्मचारियों से कराने को लेकर विभाग के प्रति भारी आक्रोश है. इस बारे में जब थाना प्रभारी विनोद कुमार से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि परिजनों की तहरीर के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

हादसे का शिकार हुआ बिजली विभाग का संविदा कर्मचारी कटघर के डबल फाटक निवासी नन्हे पाल सैनी का बड़ा बेटा था. परिजनों के मुताबिक जब युवक पेड़ों की छंटाई तर रहा था, तो बिजली की तारों में करंट दौड़ रहा था. इसी के चलते तार के संपर्क में आते ही रवि के कुछ ही देर में मौत हो गई. परिजनों ने इसे बिजली विभाग की लापरवाही बताया. उन्होंने कहा कि सुरक्षा उपकरणों और शटडाउन के अभाव में कर्मचारियों से काम कराया जाता है. इसके चलते कर्मचारी पर मौत का खतरा बना रहता है.

बिजली विभाग ने किया स्थानीय लोगों से अलग दावा

उधर बिजली विभाग ने लापरवाही से साफ इनकार कर रहा है. उसका कहना है पेड़ों की छंटाई के वक्त शटडाउन किया गया था. रवि की मौत करंट से नहीं बल्कि हार्ट अटैक या किसी अन्य शारीरिक वजह से हुई है. इधर पुलिस ने युवक के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है. रिपोर्ट आने के बाद ये बात साफ हो जाएगी बिजली विभाग के दावों में कितनी सच्चाई है.