मुख्तार के विधायक बेटे अब्बास अंसारी को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत, गैंगस्टर एक्ट केस में मिली रेगुलर जमानत, लेकिन ये है शर्त

सुप्रीम कोर्ट ने मुख्तार के विधायक बेटे अब्बास अंसारी को बड़ी राहत देते हुए गैंगेस्टर एक्ट केस में रेगुलर जमानत दे दी है. लेकिन अब्बास अंसारी को अब भी कोर्ट की तरफ से पहले से लगाई गई सख्त शर्तों का पालन करना होगा.

अब्बास अंसारी

मुख्तार अंसारी के बड़े बेटे और मऊ सदर से सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के विधायक अब्बास अंसारी को सुप्रीम कोर्ट से कानूनी राहत मिली है. कोर्ट ने उत्तर प्रदेश गिरोहबंद अधिनियम (गैंगस्टर एक्ट) के एक मामले में पहले दी गई अंतरिम जमानत को नियमित (रेगुलर) जमानत में बदल दिया है. यह फैसला चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया सूर्यकांत, जस्टिस जोयमलया बागची और जस्टिस विपुल एम. पंचोली की बेंच ने सुनाया.

कोर्ट ने नोट किया कि मार्च 2025 में दी गई 6 सप्ताह की अंतरिम जमानत का अब्बास अंसारी ने कोई दुरुपयोग नहीं किया. ट्रायल चल रहा है और गवाहों का क्रॉस-एक्जामिनेशन जारी है. ऐसे में बिना मेरिट पर टिप्पणी किए अंतरिम जमानत को स्थाई कर दिया गया. हालांकि, कोर्ट ने पहले लगाई गई सभी सख्त शर्तों को बरकरार रखा है, जिनका पालन अनिवार्य होगा.

अब्बास अंसारी को इन शर्तों का करना होगा पालन

अब्बास अंसारी को अब भी नियमित रूप से कोर्ट में हाजिरी लगाने, सबूतों से छेड़छाड़ न करने और अन्य शर्तों को पूरा करने की हिदायत दी गई है. कुछ रिपोर्ट्स के अनुसार, अब्बास अंसारी को यूपी से बाहर जाने की भी अनुमति मिल गई है, बशर्ते गैंगस्टर एक्ट की शर्तों का सख्ती से पालन हो. यह मामला जबरन वसूली और मारपीट जैसे आरोपों से जुड़ा है.

यह राहत उनके लिए बड़ी खुशी

सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले से अब्बास अंसारी की कानूनी स्थिति में बड़ी स्थिरता आई है, हालांकि मुकदमे की सुनवाई जारी रहेगी. विधायक अब्बास अंसारी पिछले कुछ समय से विभिन्न मामलों में कानूनी लड़ाई लड़ रहे थे. यह राहत उनके समर्थकों के लिए बड़ी जीत मानी जा रही है.