‘न्यूनतम मानदेय 16000 रुपये मिलना चाहिए’, यूपी में सफाई कर्मचारियों की सैलरी पर क्या बोले CM योगी?

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्वच्छता मित्रों को 'समाज की नींव' बताते हुए सम्मानित किया. उन्होंने कहा कि इन कर्मियों के परिश्रम से ही काशी स्वच्छ हुई और महाकुंभ सफल रहा. साथ ही न्यूनतम मानदेय और बीमा की गारंटी दी.

स्वच्छता मित्र सम्मान समारोह में CM योगी Image Credit:

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वाराणसी में स्वच्छता मित्रों को ‘समाज की नींव’ बताते हुए सम्मानित किया. उन्होंने कहा कि इन कर्मियों के परिश्रम से ही काशी स्वच्छ हुई और महाकुंभ सफल रहा. सीएम योगी ने स्वच्छता कर्मियों का पैसा काटने वालों पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी. साथ ही न्यूनतम मानदेय बढ़ाने और बीमा की गारंटी को लेकर ऐलान किया.

मुख्यमंत्री ने गुरुवार को कबीरचौरा स्थित सरोजा पैलेस में स्वच्छता मित्र सम्मान समारोह में नगर निगम और जल निगम के कर्मियों को खुद माला पहनाकर, अंगवस्त्र और उपहार देकर मंच पर सम्मानित किया. सीएम ने स्वच्छता मित्रों पर पुष्पवर्षा की और उन्हें भोजन भी परोसा. इस समारोह में जन-कल्याणकारी कार्यों के संदर्भ में लघु फिल्म भी दिखाई गई.

‘नींव के पत्थर’ स्वच्छता कर्मी ही होते हैं- CM

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वच्छता मित्र स्थानीय सांसद एवं विश्व के सर्वाधिक लोकप्रिय नेता पीएम नरेन्द्र मोदी के ‘स्वच्छ काशी’ मिशन को धरातल पर उतार रहे हैं. स्वच्छ भारत अभियान को सफलता की नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया है. स्वच्छ भारत अभियान के पहले गांवों, गलियों की स्थिति अत्यंत खराब थी. झाड़ू उठाकर सफाई करने वालों को सम्मान भी नहीं मिलता था.

उन्होंने कहा कि काम करने के बावजूद उनका पैसा काट दिया जाता था. जबकि ‘नींव के पत्थर’ स्वच्छता कर्मी ही होते हैं, दिखते नहीं पर इमारत उसी पर टिकती है. सर्दी, गर्मी, बरसात, त्योहार में भी स्वच्छता मित्र सड़कों पर उतरकर समाज को स्वच्छ वातावरण देते हैं. पहले आपका माहौल उत्सवमय करते हैं और अंत में अपने बच्चों का त्योहार मनवाते हैं.

न्यूनतम मानदेय के साथ PF-ESI की भी सुविधा

सीएम योगी ने कहा कि हमने यूपी में तय किया है कि स्वच्छता कर्मियों का पैसा काटने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी. साथ ही हम मानदेय की गारंटी दे रहे हैं. उन्होंने ऐलान किया कि अब यूपी आउटसोर्स निगम काम कर रहा है. 16 हजार रुपये न्यूनतम मानदेय मिलना चाहिए. ईएसआई के तहत उपचार के लिए हॉस्पिटल की सुविधा मिलनी चाहिए.

मुख्यमंत्री ने मंच से कार्मिकों को सुरक्षा बीमा मिलने की भी वकालत की, ताकि हादसे पर परिवार के लोग लाचार न हों. साथ ही कहा कि स्वच्छता मित्रों के वेतर से पीएफ भी कटेगा. स्वच्छता मित्रों के सेवानिवृत्त होने पर उनके पास खुद की पूंजी होगी और बैंक से इस पर ब्याज भी मिलेगा, जिससे वह बच्चों पर आश्रित नहीं होगा.

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