यूपी में भारतीय T20 टीम के कप्तान सूर्यकुमार यादव के पैतृक गांव का कायाकल्प होगा. मुख्यमंत्री योगी के निर्देश पर बीजेपी के एमएलसी ने गांव का दौरा किया. गांव में सड़क और बिजली व्यवस्था दुरुस्त की जाएगी. क्रिकेट अकादमी की स्थापना भी होगी, जिसके लिए जमीन सीमांकन प्रक्रिया शुरू हो गई है.
गाजीपुर के करंडा में होली के दिन बच्चों द्वारा रंग डालने को लेकर दो पक्षों में विवाद हो गया था. पुलिस ने थाने ले जाकर मामला शांत करा दिया. वहीं, थाने से लौटने के बाद फिर विवाद बढ़ा और दूसरे समुदाय के बुजुर्ग की गोली मारकर हत्या कर दी गई. घटना के बाद से गांव में तनाव का माहौल है.
UPSC- 2025 में 301 रैंक को लेकर विवाद खड़ा हो गया है. यूपी के गाजीपुर और बिहार के आरा की दो आकांक्षा सिंह इसपर दावा कर रही हैं. सोशल मीडिया पर दोनों के एक ही रोल नंबर वाले एडमिट कार्ड वायरल हुए. हालांकि, जांच करने पर गाजीपुर की आकांक्षा का दावा ज्यादा सही साबित हो रहा है.
गाजीपुर के भीमापार गांव में सदियों से मुख्य तिथि से अलग अगले दिन होली मनाने की परंपरा है. इसके पीछे दो तर्क भी दिए जाते हैं. गांव के लोगों का कहना है कि कुछ लोगों ने इस परंपरा को बदलने का प्रयास किया. उस दौरान गांव में कोई न कोई अनिष्ट या अशुभ घटना घट गई. ऐसे में लोग अपने पूर्वजों की तरह मुख्य तिथि के अगले दिन ही होली मनाते हैं.
राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने गाजीपुर में दिव्यांग बच्चों से मुलाकात की, जिन्हें रहस्यमयी बीमारी ने प्रभावित किया है. उन्होंने बच्चों और परिजनों से संवाद किया, साथ ही उन्हें आवश्यक सहायता प्रदान की. राज्यपाल के निर्देश पर BHU की एक मेडिकल टीम भी गांव पहुंचकर जांच की.
गाजीपुर में जमीन रजिस्ट्री को लेकर स्टांप विभाग ने बड़ा कदम उठाया है. नए सॉफ्टवेयर लागू किए गए हैं. अब आधार वेरिफिकेशन, ओटीपी और पैन कार्ड अनिवार्य होगा. वहीं, स्टांप एवं पंजीयन राज्य मंत्री ने बताया कि यह कदम बसपा सरकार में हुए एक बड़े फर्जीवाड़े के खुलासे के बाद उठाया गया है.
गाजीपुर के हाकिम यादव की मौत साल 2017 में हो चुकी है. लेकिन उनके नाम बैंक ने साल 2018 में एक लोन स्वीकृत कर दिया. गारंटर उनके बेटे को बना दिया, जो उस वक्त दुबई में था. इस मामले का खुलासा तब हुआ जब बैंक ने मृतक के बेटे को लोन रिकवरी का नोटिस भेजा.
गाजीपुर में दहेज हत्या के एक जघन्य मामले में पांच साल बाद न्याय मिला है. बहू को जिंदा जलाने वाली सास को कोर्ट ने उम्र कैद की सजा सुनाई है, जबकि मृतका के पति को बरी कर दिया गया. यह मामला 2020 में गाजीपुर के मरदह थाना क्षेत्र में हुआ था, जहां दहेज की मांग पूरी न होने पर विवाहिता को आग के हवाले कर दिया गया था.