गाजीपुर के भीमापार गांव में सदियों से मुख्य तिथि से अलग अगले दिन होली मनाने की परंपरा है. इसके पीछे दो तर्क भी दिए जाते हैं. गांव के लोगों का कहना है कि कुछ लोगों ने इस परंपरा को बदलने का प्रयास किया. उस दौरान गांव में कोई न कोई अनिष्ट या अशुभ घटना घट गई. ऐसे में लोग अपने पूर्वजों की तरह मुख्य तिथि के अगले दिन ही होली मनाते हैं.
राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने गाजीपुर में दिव्यांग बच्चों से मुलाकात की, जिन्हें रहस्यमयी बीमारी ने प्रभावित किया है. उन्होंने बच्चों और परिजनों से संवाद किया, साथ ही उन्हें आवश्यक सहायता प्रदान की. राज्यपाल के निर्देश पर BHU की एक मेडिकल टीम भी गांव पहुंचकर जांच की.
गाजीपुर में जमीन रजिस्ट्री को लेकर स्टांप विभाग ने बड़ा कदम उठाया है. नए सॉफ्टवेयर लागू किए गए हैं. अब आधार वेरिफिकेशन, ओटीपी और पैन कार्ड अनिवार्य होगा. वहीं, स्टांप एवं पंजीयन राज्य मंत्री ने बताया कि यह कदम बसपा सरकार में हुए एक बड़े फर्जीवाड़े के खुलासे के बाद उठाया गया है.
गाजीपुर के हाकिम यादव की मौत साल 2017 में हो चुकी है. लेकिन उनके नाम बैंक ने साल 2018 में एक लोन स्वीकृत कर दिया. गारंटर उनके बेटे को बना दिया, जो उस वक्त दुबई में था. इस मामले का खुलासा तब हुआ जब बैंक ने मृतक के बेटे को लोन रिकवरी का नोटिस भेजा.
गाजीपुर में दहेज हत्या के एक जघन्य मामले में पांच साल बाद न्याय मिला है. बहू को जिंदा जलाने वाली सास को कोर्ट ने उम्र कैद की सजा सुनाई है, जबकि मृतका के पति को बरी कर दिया गया. यह मामला 2020 में गाजीपुर के मरदह थाना क्षेत्र में हुआ था, जहां दहेज की मांग पूरी न होने पर विवाहिता को आग के हवाले कर दिया गया था.
गाजीपुर में बलिया से सपा सांसद सनातन पांडेय को रोके जाने के बाद SHO संजय मिश्रा का पैर छूने और माफी मांगने का वीडियो वायरल हो रहा है. 'हमारी क्या औकात' कहते SHO के इस वीडियो से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है. सपा नेताओं से कथित करीबी के आरोपों के बीच यह घटना पुलिस-राजनीति संबंधों पर सवाल उठा रही है.
गाजीपुर के फतेहुल्लापुर, बहादीपुर, हरिहरपुर, हाला, और छोटी जंगीपुर समेत करीब 12 गांवों में एक रहस्यमयी बुखार फैला हुआ है. यह बुखार छोटे-छोटे बच्चों को मानसिक और शारीरिक रूप से दिव्यांग बना रहा है. स्थिति इतनी खराब हो चुकी है कि माता-पिता को अपने बच्चों को जंजीरों से बांधना पड़ रहा है.
पूर्वांचल में कार्बाइड गन का जानलेवा प्रभाव सामने आया है. बीएचयू की रिपोर्ट के अनुसार, 65 बच्चों की आंखों की रोशनी कार्बाइड गन से छिन चुकी है, जिसमें से 10 अकेले गाजीपुर से हैं. डॉक्टरों ने बताया कि यूट्यूब देखकर बनी इन गनों से आंखों को खतरा है, रोशनी हमेशा के लिए जा सकती है.