शुभेंदु अधिकारी PA मर्डर केस में एक और शूटर गिरफ्तार, CBI ने मुजफ्फरनगर से दबोचा

पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के पीए हत्याकांड में सीबीआई को बड़ी सफलता मिली है. सीबीआई ने एक और शूटर को मुजफ्फरनगर से दबोचा है. आरोपी बलिया का रहने वाला है और हरिद्वार में छिपने की फिराक में था. इस केस में तीन आरोपी पहले ही गिरफ्तार हो चुके हैं.

शुभेंदु अधिकारी के PA मर्डर केस में एक और शूटर गिरफ्तार

पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के पीए हत्याकांड में सीबीआई को बड़ी सफलता मिली है. सीबीआई ने सोमवार को मुजफ्फरनगर से एक और शूटर को गिरफ्तार किया है. आरोपी का नाम राजकुमार सिंह है, और वह बलिया के रसड़ा थाना क्षेत्र के रत्तोपुर का रहने वाला है. हत्याकांड के बाद से फरार चल रहा आरोपी हरिद्वार में छिपने की फिराक में था.

मुजफ्फरनगर के एसएसपी संजय कुमार ने बताया कि आरोपी को छापर टोल प्लाजा के आस-पास सुबह 8:30 बजे के आसपास गिरफ्तार किया गया. आरोपी फरीदाबाद में कहीं रह रहा था, जिसको इंटर्नशिप करके पकड़ा गया है. गिरफ्तारी के बाद आरोपी को सीजेएम कोर्ट में पेश कर ट्रांजिट रिमांड पर दिल्ली सीबीआई को सौंपा दिया गया है.

अब तक चार आरोपियों को किया गया गिरफ्तार

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के दो दिन बाद, 6 मई की रात को शुभेंदु अधिकारी के पीए चंद्रनाथ रथ की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. कोलकाता जाते समय नॉर्थ 24 परगना जिले के मध्यमग्राम के दोलतला इलाके में कुछ मोटरसाइकिल सवार हमलावरों ने उन्हें नजदीक से गोली मार दी थी. मामले की सीबीआई जांच कर रही है.

इस मामले में राजकुमार सिंह की गिरफ्तारी के बाद अब तक कुल चार आरोपियों को पकड़ा जा चुका है. इससे पहले तीन लोगों – मयंक राज मिश्रा, विक्की मौर्य और राज सिंह को गिरफ्तार किया गया था. मयंक राज और विक्की मौर्य को बिहार के बक्सर से पकड़ा गया था, जबकि तीसरा आरोपी राज सिंह को बलिया से गिरफ्तार किया गया था.

तीन दिन पहले घर से निकला था- आरोपी के पिता

मुजफ्फरनगर से गिरफ्तार आरोपी राजकुमार सिंह को तीन दिन पहले अपने बलिया स्थित घर से गायब था. राजकुमार के पिता पिता त्रिभुवन नारायण सिंह का कहना है कि वह किसी को बता कर नहीं गया था. आज सुबह CBI का फोन आया कि आपके बेटे को सुवेंदु अधिकारी पीए केस में गिरफ्तार किया गया है और इसे लेकर जा रहे हैं. कुछ देर मुझसे बात कराई.

राजकुमार सिंह पर वर्ष 2022 में गांव में ही एक एक मारपीट के मामले में हरिजन एक्ट का मुकदमा दर्ज हुआ था. उसने स्नातक प्रथम वर्ष तक पढ़ाई की है. राजकुमार सिंह के पिता अयोध्या राम मंदिर निर्माण में इलेक्ट्रिसियन का काम करते थे. अभी मार्च महीने से घर पर ही थे. उनका कहना है कि वह उन्हें कुछ नहीं बताता था, केवल मां से बात करता था.

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