दिल्ली हॉस्टल हादसे में औरैया के पवन की मौत, इकलौते भाई की चिता को छोटी बहन ने दी मुखाग्नि
दिल्ली के हॉस्टल हादसे में औरैया के पवन कुमार की दुखद मौत हो गई. उनकी छोटी बहन ने नम आंखों से भाई को मुखाग्नि दी, जिससे पूरा इलाका भावुक हो उठा. चार बहनों के इकलौते भाई पवन की मौत से परिवार गहरे सदमे में है. परिवार ने इस हादसे के लिए दिल्ली प्रशासन और हॉस्टल प्रबंधन को जिम्मेदार ठहराया है.
दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में हुए हॉस्टल हादसे में जान गंवाने वाले औरैया के दिबियापुर निवासी छात्र पवन कुमार का मंगलवार को गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार किया गया. चार बहनों के इकलौते भाई और माता-पिता के एकमात्र बेटे को अंतिम विदाई देते समय पूरा इलाका भावुक हो उठा. वहीं छोटी बहन ने अपने भाई की चिता को मुखाग्नि दी.
दिबियापुर के कैलाश बाग निवासी रिटायर्ड होम्योपैथी फार्मासिस्ट विशंभर सिंह के इकलौते बेटे पवन कुमार का शव सोमवार देर रात दिल्ली से घर पहुंचा था. मंगलवार को पवन की अंतिम यात्रा निकली गई, जिसमें परिजनों, रिश्तेदारों समेत बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे. छोटी बहन ने मुखाग्नि दी, यह दृश्य देखकर वहां मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं.
20 जुलाई को ही DU में हुआ था दाखिला
पवन दिल्ली विश्वविद्यालय में बीएससी कंप्यूटर साइंस का छात्र था. बताया गया कि 20 जुलाई को ही उसका दाखिला हुआ था. बेहतर भविष्य का सपना लेकर वह दिल्ली गया था, लेकिन कुछ ही समय बाद हुए दर्दनाक हादसे ने परिवार की खुशियां छीन लीं. सत्य निकेतन इलाके में चार मंजिला मकान ढहने से पवन की मलबे में दबकर मौत हो गई.
हादसे में भवन के निर्माण और सुरक्षा इंतजामों को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं. परिवार का आरोप है कि भवन में अवैध बेसमेंट निर्माण हादसे की बड़ी वजह बना. मृतक के पिता विशंभर सिंह ने दिल्ली सरकार और हॉस्टल संचालकों पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि समय रहते सुरक्षा के इंतजाम किए जाते तो उनका बेटा आज जिंदा होता.
रक्षाबंधन के कुछ दिन बाद उजड़ गया परिवार
अंतिम संस्कार के दौरान सबसे भावुक पल तब आया, जब छोटी बहन ने अपने इकलौते भाई को मुखाग्नि दी. कुछ दिन पहले रक्षाबंधन पर जिस भाई की कलाई पर चारों बहनों ने राखी बांधी थी, आज उसी भाई को बहनों ने नम आंखों से अंतिम विदाई दी. यह दृश्य देखकर वहां मौजूद हर व्यक्ति की आंखें भर आईं.
वहीं समाजवादी पार्टी के पूर्व जिलाध्यक्ष एवं पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष राजवीर यादव ने भी घटना को प्रशासनिक लापरवाही बताते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई, परिवार को आर्थिक सहायता और बेटियों को सरकारी नौकरी देने की मांग की. वहीं, चार बहनों का इकलौता भाई और माता-पिता का एकमात्र सहारा अब सिर्फ यादों में रह गया है.
