30 लोगों ने पिया था दूध, अब पहुंचे अस्पताल… गोरखपुर में भैंस के मरने से क्यों मचा हड़कंप?
गोरखपुर के उरुवा क्षेत्र में एक भैंस का दूध पीने के बाद 30 लोगों ने एंटी-रैबीज का टीका लगवाया है. दरअसल, पागल कुत्ते के काटने से भैंस को रैबीज हो गया था, जिसकी अब मौत हो गई है. भैंस को रैबीज होने की जानकारी मालिक को भी नहीं थी और दो महीने तक लोग उसका दूध पीते रहे.
गोरखपुर के उरुवा क्षेत्र में एक भैंस का दूध पीने के बाद 30 लोगों ने एंटी-रैबीज का टीका लगवाया है. दरअसल, कुत्ते के काटने से भैंस को रैबीज हो गया था, जिसकी जानकारी मालिक को नहीं थी और दो महीने तक लोग उसका दूध पीते रहे. वहीं, अब भैंस की मौत के बाद से इलके में हड़कंप मच गया है, जिसके बाद के तौर पर एहतियातन सभी ने टीका लगवाया.
जामकारी के मुताबिक, उरुवा क्षेत्र में बेसहनी गांव के रहने वाले अभय नाथ की भैंस को लगभग दो महीने पहले पागल कुत्ते ने काट लिया था, इस बात की जानकारी अभय को नहीं थी. कुछ दिन बाद से भैंस की तबियत खराब होने लगी थी और 16 अप्रैल से उने खाना पीना छोड़ दिया था उसके बाद जब पशु चिकित्सक ने जांच किया तो पता चला भैंस को कुत्ते ने काटा है.
परिवार के 15 सहित 30 लोगों को लगा टिका
डॉक्टर ने बताया कि अब भैंस बचेगी नहीं, इसके अगले ही दिन यानी 17 अप्रैल को भैंस ने दम तोड़ दिया. लेकिन जब इस बात की जानकारी भैंस का दूध लेने वाले ग्राहकों को हुई तो हड़कम मच गया. इन दो महीनों में भैंस का दूध लगातार निकाला गया, और उसे ग्राहकों को बचा भी गया था. वहीं, अब दूध पीने वाले लोगों ने PHC पहुंचकर एंटी रैबिज का टीका लगवाया.
अभय नाथ ने बताया कि रैबिज से संक्रमित भैंस का दूध इस्तेमाल उनके परिवार के 15 लोगों सहित दूध निकालने वाले संत यादव के परिवार के 15 यानी कुल 30 लोग करते थे. संक्रमित भैंस की दूध पीने की जानकारी जब इन लोगों को हुई तो यह लोग डर गए, और अस्पताल जाकर एंटी रैबिज का टीका लगवाया है.
कच्चे दूध से खतरा, लेकिन गर्म दूध सुरक्षित है
उरुवा PHC प्रभारी डॉक्टर जेपी तिवारी के नेतृत्व में अस्पताल कर्मचारियों ने गांव से आने वाले लोगों को जागरूक किया, उन्होंने बताया कि संक्रमित भैंस का दूध पीने से रैबिज होने की आशंका रहती है, लेकिन गर्म दूध या चाय पीने से कोई डर नहीं है. संक्रमित भैंस का जो कोई कच्चा दूध इस्तेमाल किए हैं वो इंजेक्शन जरूर लगवाएं.
