गोरखपुर में 11 मार्च को शादी करने आया प्रीतम निषाद नाम का शख्स बहुत बड़ा जालसाज निकला. वह अब तक 25 शादियां कर चुका है. इसके जरिए लाखों रुपये ठग चुका है. खुद को मनिकपुर का एसडीएम बताने वाले इस फेक आईएस ने अब 26वीं शादी कर गोरखपुर के एक परिवार को अपना शिकार बनाया है.
गोरखपुर में भूत-प्रेत और बीमारी भगाने के नाम पर धर्मांतरण करने का प्रयास कर रहे 4 लोगों को गिरफ्तार किया है. फिलहाल, इस धर्मांतरण रैकेट का मास्टर माइंड फरार है. उसकी तलाश के लिए पुलिस जगह-जगह दबिश दे रही है.
निषाद पार्टी ने गोरखपुर से 2027 विधानसभा चुनाव का शंखनाद कर दिया है. कैबिनेट मंत्री डॉ. संजय निषाद ने मोटरसाइकिल रैली के साथ अभियान का आगाज़ किया. उन्होंने निषाद समाज की पीड़ा व्यक्त करते हुए उनके हक की लड़ाई लड़ने का आह्वान किया. साथ ही पूर्व सरकारों पर ठगने का आरोप लगाया.
गोरखपुर के रामगढ़ताल थाने की पुलिस ने एक अरब रुपये के ऑनलाइन स्कैम का खुलासा किया है. आरोपी में क्रिप्टो करेंसी में निवेश के नाम पर सैंकड़ों लोगों को ठग चुके थे. इधर कुछ अन्य लोगों को ठगी का शिकार बनाने की फिराक में थे, उससे पहले ही पुलिस ने उन्हें धर दबोचा.
गोरखपुर में एक फर्जी आईएएस अधिकारी का चौंकाने वाला फ्रॉड सामने आया है. आरोपी ने पहले खुद को आईएएस बताकर युवती से शादी की. 15 लाख दहेज और 30 लाख रुपये शादी पर खर्च करवाए. शादी के बाद वह दुल्हन को गोवा बेचने की फिराक में था, लेकिन परिवार को भनक लगते ही सारी सच्चाई सामने आ गई.
गोरखपुर में बीजेपी नेता राजकुमार चौहान की हत्या साजिश रचकर की गई थी. हत्याकांड की तैयारी एक साल पहले से ही शुरू हो गई थी. वारदात के बाद आरोपियों ने साक्ष्य मिटाने की कोशिश की थी. वहीं, साजिश रचने के मामले में पुलिस ने 6 और आरोपियों को गिरफ्तार किया है.
चमिंडा वास इंटरनेशनल क्रिकेट अपनी सटीक लाइन-लेंथ के लिए मशहूर थे. उनके नाम क्रिकेट के कुछ ऐसे रिकॉर्ड दर्ज हैं, जिन्हें आज तक कोई तोड़ नहीं सका है. फिलहाल, यह दिग्गज गेंदबाज गोरखपुर में पहली बार आयोजित हो रहे MCC हाई परफार्मेंस कैंप पहुंचा. साथ ही खिलाड़ियों को क्रिकेट के टिप्स भी दिए.
यूपी के गोरखपुर में एक ऐसा सिद्ध पीठ है, जहां हजारों भक्त मां के दर्शन को आते हैं. इस मंदिर का गहरा संबंध अमर बलिदानी शहीद बंधु सिंह से है, जिन्होंने स्वतंत्रता संग्राम में अंग्रेजों के छक्के छुड़ाए थे. बाबू बंधु सिंह यहां अंग्रेजों का सिर काटकर मां के सिद्ध पीठ पर अर्पित करते थे.