ग्रेटर नोएडा: इंजीनियर की मौत के बाद जागा प्राधिकरण, 70 फीट गहरे गड्ढे में मलबा डलवाकर भरवाया

ग्रेटर नोएडा में सॉफ्टवेयर इंजीनियर की दुखद मौत ने प्राधिकरण की घोर लापरवाही उजागर की. घना कोहरा और सर्विस रोड पर रिफ्लेक्टर न होने के कारण उनकी कार 70 फीट गहरे पानी से भरे प्लॉट में गिर गई थी. स्थानीय लोगों के भारी विरोध प्रदर्शन के चलते प्राधिकरण नींद से जागा और उस खतरनाक गड्ढे को भरवाया.

इंजीनियर की मौत, प्राधिकरण ने त्रासदी के बाद भरा गड्ढा

ग्रेटर नोएडा के नॉलेज पार्क थाना क्षेत्र के सेक्टर 150 में देर रात सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की दुखद मौत हो गई. परिजनों ने प्राधिकरण पर लापरवाही का आरोप लगाया. उनका कहना था कि सर्विस रोड पर सड़क किनारे रिफ्लेक्टर और नालों को ना ढकने की वजह से यह हादसा हुआ, जिसके चलते उनके बेटे की कार 70 फीट गहरे गड्ढे में जा गिरी.

वहीं, त्रासदी के बाद आखिरकार प्राधिकरण नींद से जाग गया है. स्थानीय लोगों के हंगामा के बाद 70 फीट गहरे गड्ढे, जिसमें पानी भरा हुआ था वहां पर कई टन कूड़ा डलवाया गया. थाना प्रभारी नॉलेज पार्क सर्वेश कुमार ने बताया कि पीड़ित परिजनों की शिकायत पर आगे की जांच की जा रही है. जिसकी भी लापरवाही सामने आएगी, उसके खिलाफ कार्रवाई होगी.

घने कोहरे के चलते गाड़ी 70 फीट गहरे में जा गिरी

मृतक के पिता राजकुमार मेहता ने बताया कि उनका बेटा गुरुग्राम में एक निजी कंपनी में सॉफ्टवेयर इंजीनियर था. देर रात में ऑफिस से घर वापस लौट रहा था. घने कोहरे के चलते सड़क किनारे रिफ्लेक्टर ना होने की वजह से उसकी गाड़ी सीधे नाले की बाउंड्री से जा टकराई और खाली पड़ी प्लॉट में भर पानी में जाकर डूब गई.

उन्होंने बताया कि जिस समय यह घटना हुई थी वहां पर दो लोग और थे. जब उन्होंने हादसे की आवाज सुनी तो वह नाले की तरफ दौड़े लेकिन तब तक गाड़ी पानी में डूब चुकी थी. इसके बाद तुरंत 112 पर कॉल की गई और पुलिस को इसकी सूचना दी. स्थानीय पुलिस, गोताखोर और एनडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची.

5 घंटे की मशक्कत के बाद मृतक की गाड़ी बाहर निकला

गोताखोर और एनडीआरएफ की टीम करीब 5 घंटे की मशक्कत के बाद मृतक की गाड़ी को बाहर निकला, लेकिन तब तक देर हो चुकी थी. सॉफ्टवेयर इंजीनियर की मौत के बाद सोसायटी के निवासी मौके पर पहुंचे और वहां पर उन्होंने प्राधिकरण के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. उनका कहना था कि इससे पहले भी यहां पर इसी तरह के कई हादसे हो चुके हैं.