ग्रेटर नोएडा: इंजीनियर की मौत मामले में दो बिल्डरों पर FIR; लोगों ने निकाला कैंडल मार्च

ग्रेटर नोएडा के सेक्टर 150 में इंजीनियर युवराज की दुखद मौत को लेकर बवाल मचा है. युवराज के लिए न्याय की गुहार लगाते लोग सड़क पर उतर आए. लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई को लेकर कैंडल मार्च निकाला. भारी विरोध के बाद मामले में दो बिल्डरों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है.

ग्रेटर नोएडा निवासियों का विरोध और कैंडल मार्च

ग्रेटर नोएडा के सेक्टर 150 में सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज की सड़क हादसे में मौत हो गई. यह हदसा शुक्रवार देर रात हुई, जब युवराज अपनी कार से जा रहे थे. इस बीच घने कोहरे के कारण उनकी कार 70 फीट गहरे पानी से भरे प्लॉट में गिर गई, जिसमें डूबने से उनकी मौत हो गई. पीड़ित परिवार ने इसे प्रशासनिक लापरवाही बताया है.

परिजनों ने आरोप लगाया है कि युवराज को समय पर मदद नहीं मिल पाई, जिसके कारण उसकी जान चली गई. इसको लेकर बिल्डर और नोएडा अथॉरिटी के खिलाफ लोगों में भारी रोष है. इसको लेकर रविवार शाम को कैंडल मार्च निकाला गया. इस दौरान लोगों ने युवराज के लिए न्याय की गुहार लगाई साथ ही लापरवाह अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई का मांग की.

नॉलेज पार्क थाने में दो बिल्डरों पर एफआईआर दर्ज

इस बीच पुलिस ने इंजीनियर युवराज के पिता राजकुमार मेहता की शिकायत पर दो बिल्डरों पर लापरवाह को लेकर मुकदमा दर्ज किया है. पुलिस ने युवराज की मौत मामले में MJ WISHTOWN PLANNER LIMITED और LOTUS GREEN CONSTRUTION PRIVATE LIMITED के खिलाफ नॉलेज पार्क थाने में एफआईआर दर्ज किया है.

‘जस्टिस फॉर युवराज’ के बैनर तले सड़कों पर प्रदर्शन

युवराज के परिवार टाटा यूरेका सोसाइटी में रहते है. इस घटना के बाद सोसाइटी के सैकड़ों निवासियों ने कैंडल मार्च निकाला. निवासियों ने ‘जस्टिस फॉर युवराज’ के बैनर लेकर सड़कों पर प्रदर्शन किया. आरोप है कि सेक्टर 150 का विकास सही ढंग से किया गया होता, तो यह हादसा नहीं होता. निवासियों ने अधूरे निर्माण कार्यों और खुले गड्ढों पर सवाल उठाए.

निवासियों ने यह भी बताया कि युवराज काफी देर तक मदद के लिए गुहार लगाता रहा, लेकिन उसे समय पर सहायता नहीं मिल पाई. उन्होंने मांग की है कि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए स्थिति में सुधार किया जाए. बता दें कि युवराज गुरुग्राम में एक निजी कंपनी में सॉफ्टवेयर इंजीनियर था. हादसे के दिन वह ऑफिस से घर लौट रहा था.