रोज मनाओ UP दिवस… बलिया की लिट्टी और जौनपुर की इमरती, एक पंडाल में ’75’ स्वाद पाकर बोले मेहमान
लखनऊ में यूपी दिवस समारोह में प्रदेश के 75 ज़िलों का स्वाद एक पंडाल में जीवंत हो उठा. 'एक ज़िला एक उत्पाद' योजना के तहत बलिया की लिट्टी, जौनपुर की इमरती, मथुरा के पेड़े और आगरा के पेठे जैसे व्यंजन आकर्षण का केंद्र बने. मेहमानों ने स्वाद, संस्कृति और परंपरा का अनूठा संगम अनुभव किया, जिससे यह आयोजन यादगार बन गया.
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में इस समय तीन दिवसीय यूपी दिवस की धूम है. इस मौके पर तरह तरह के कार्यक्रमों का आयोजन हो रहा है. इसी क्रम में ओडीओपी के तहत प्रदेश के सभी जिलों के स्वाद को भी एक ही पंडाल में समेटने की कोशिश की गई है. इसमें बलिया की लिट्टी, जौनपुर की इमरती, मथुरा का पेड़ा और आगरा का पेठा इस कार्यक्रम में आए मेहमानों के आकर्षण का खास केंद्र बन गए हैं. इस पंडाल में मेहमानों को स्वाद, संस्कृति और परंपरा का संयुक्त अनुभव हो रहा है.
राष्ट्र प्रेरणा स्थल पर लगे पंडाल में अलग अलग स्टॉलों पर गाजियाबाद से गोरखपुर तक और सहारनपुर से बलिया तक सभी जिलों की पहचान वहां के स्वाद से हो रही है. इस प्रदर्शनी में सबसे ज्यादा भीड़ बलिया की लिट्टी और जौनपुर की इमरती के लिए देखी जा रही है. इसी प्रकार मथुरा के पेड़े और आगरा का पेठा भी लोग खूब पसंद कर रहे हैं. इसी प्रकार उन्नाव के रसीले काला जामुन, फतेहपुर के पेड़े, हरदोई और कानपुर नगर के लड्डू भी लोग बड़े चाव से खा रहे हैं.
इन स्टॉलों पर भी खूब है भीड़
इस पंडाल में सीतापुर (नैमिष) के लड्डू और रामपुर का हब्शी हलवा, बाराबंकी की चंद्रकला, मैनपुरी की सोन पापड़ी, बांदा
का सोहन हलवा, महाराजगंज की राम कटोरी, इटावा की खीर मोहन और बुलंदशहर की खुर्चन ने भी लोगों को दिवाना बना लिया. वहीं अंबेडकर नगर और औरैया की बालूशाही का स्वाद चखने के बाद लोग इसे घर ले जाने के लिए पैक कराना नहीं भूले. प्रदर्शनी में जौनपुर की शाही इमरती का स्टॉल लगाकर बैठे आशीष गुप्ता ने बताया कि 1855 से उनके परिवार में इमरती का काम हो रहा है. इस काम में उनकी पांचवीं पीढ़ी है.
‘हब्शी हलवे’ के मुरीद हुए सऊदी के शेख
प्रदर्शनी में रामपुर का प्रसिद्ध हकीम जी हब्शी हलवा सोहन अपने स्वाद से लोगों को खूब आर्कषित कर रहा है. स्टॉल संचालक सुहैल अख्तर के मुताबिक इस डिस की शुरूआत नवाबी दौर में हुई थी. आज इसके मुरीद सऊदी के शेख भी हैं. विभिन्न जड़ी-बूटी, मेवा-मिष्ठान और शुद्ध देशी घी से बनने वाला यह हलवा पौष्टिक है और इसकी डिमांड विदेशों में खूब हो रही है. इसी प्रकार मैनपुरी की ‘सोन पापड़ी’ का भी प्रदर्शनी में खूब जलवा दिख रहा.