दो गुनी हुई मांग, मेन पॉवर आधी; UP में गहराया बिजली संकट… मचा हाहाकार
उत्तर प्रदेश में भीषण गर्मी के कारण बिजली की मांग दोगुनी हो गई है, जबकि मैनपावर आधी रह गई है. इससे राज्य में गहरा बिजली संकट छा गया है. लखनऊ समेत कई शहरों में अघोषित कटौती, ट्रिपिंग और फॉल्ट की शिकायतें बढ़ गई हैं. रात में ओवरलोड फीडर और कर्मचारियों की कमी स्थिति बिगाड़ रही है. उपभोक्ता परेशान हैं और इस समस्या के तत्काल समाधान की मांग कर रहे हैं.
उत्तर प्रदेश में भीषण गर्मी और लू का आसर बिजली की डिमांड और आपूर्ति पर साफ नजर आ रहा है. इन दिनों बिजली की खपत दिन में जहां डेढ़ गुनी से भी अधिक है, वहीं रात के समय बिजली की मांग दो गुनी से कहीं ज्यादा दर्ज की जा रही है. आलम यह है कि कई इलाकों में बिजली निगम खपत के सापेक्ष बिजली की आपूर्ति नहीं कर पा रहा है. इसकी वजी से लखनऊ से लेकर नोएडा-गाजियाबाद तक अघोषित कटौती का दौर शुरू हो गया है.
बिजली की कटौती कानपुर, मेरठ, गोण्डा, वाराणसी समेत प्रदेश के अधिकांश शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में खूब हो रही है. इसी के साथ ट्रिपिंग और फॉल्ट की शिकायतें भी बहुत तेजी से बढ़ी हैं.। शनिवार को प्रदेश में बिजली की अधिकतम मांग 30,475 मेगावाट रही, जबकि चालू वित्तीय वर्ष में यह मांग 31,486 मेगावाट तक पहुंच चुकी है. ऊर्जा विभाग का कहना है कि उत्पादन पर्याप्त है, लेकिन समस्या मैनपावर की कमी और रात के समय अचानक बढ़ने वाले लोड की वजह से है.
रात में क्यों बिगड़ रही है स्थिति?
प्रदेश के विभिन्न उपकेंद्रों पर तैनात सहायक अभियंताओं ने बताया कि रात में सभी फीडर ओवरलोड हो रहे हैं. पहले शहरी क्षेत्रों में निगरानी के लिए 36 संविदा कर्मचारी तैनात रहते थे, जिसे अब घटाकर 22 कर दिया गया है. ग्रामीण क्षेत्रों में यह संख्या 20 से घटकर 12 रह गई है. दिन में राजस्व वसूली और अन्य कार्यों के कारण कर्मचारियों की संख्या ज्यादा रखी जाती है, लेकिन रात में मात्र 2-3 कर्मचारी ही ड्यूटी पर रहते हैं. एक जगह फॉल्ट आने पर मरम्मत में 2-3 घंटे लग जाते हैं, जिसके बाद दूसरी जगह पहुंचने में और देरी होती है. इस वर्ष गर्मी के मौसम में अतिरिक्त मैनपावर भी नहीं बढ़ाई गई है.
लोगों का फूटने लगा गुस्सा
बिजली कटौती की वजह से प्रदेश भर में लोगों का गुस्सा फूटने लगा है. राजधानी लखनऊ के फैजुल्लागंज, पारा, सआदतगंज, चिनहट, जानकीपुरम, नीलमथा, राजाजीपुरम और सरोजनी नगर जैसे इलाकों में पिछले तीन-चार दिनों से 24 से 36 घंटे तक बिजली गुल रही. श्याम विहार कॉलोनी में लोगों ने सड़क जाम कर प्रदर्शन किया. पारा के बद्धेश्वर चौराहे पर लोगों ने जेई को बंधक बना लिया, गाड़ी के टायर पंक्चर कर दिए. यही स्थिति प्रदेश के अन्य हिस्सों में भी देखने को मिल रही है. हालात को देखते हुए उत्तर प्रदेश सरकार ने बिजली घरों पर पीएसी तैनात कर दिए हैं.
चेयरमैन ने की समीक्षा
उर्जा विभाग के अपर मुख्य सचिव एवं यूपी पावर कॉर्पोरेशन के अध्यक्ष डॉ. आशीष गोयल ने शनिवार को उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की. उन्होंने लखनऊ, नोएडा, गाजियाबाद, कानपुर, मेरठ, वाराणसी, अयोध्या, गोरखपुर समेत सभी प्रमुख शहरों के मुख्य अभियंताओं से रिपोर्ट ली. रात के समय अचानक लोड बढ़ने वाले इलाकों में विशेष निगरानी और पेट्रोलिंग बढ़ाने के निर्देश दिए. उन्होंने ट्रांसफार्मर क्षति, तार गिरने और ट्रिपिंग की शिकायतों का बिना विलंब निस्तारण करने को कहा है.
उपभोक्ताओं की मांग
उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने कहा कि समस्या का समाधान मैनपावर बढ़ाने से ही संभव है. उन्होंने निलंबित अभियंताओं को बहाल करने और हर उपकेंद्र पर पर्याप्त गैंग तैनात करने की मांग की. वर्मा ने बताया कि कई सब-स्टेशनों पर 3 से 8 फीडर हैं, लेकिन रात में केवल एक गैंग काम करती है. दो-तीन फीडरों पर एक साथ ब्रेकडाउन होने पर व्यवस्था पूरी तरह चरमरा जाती है. विभाग के अधिकारियों के मुताबिक वर्टिकल व्यवस्था लागू होने के बाद पहली गर्मी में चुनौतियां बढ़ गई हैं.