योगी सरकार की बड़ी सौगात, सरकारी मेडिकल कॉलेजों में 1200 पदों पर भर्ती का ऐलान
उत्तर प्रदेश की योगी सरकार चिकित्सा शिक्षा में बड़ा कदम उठा रही है. साल 2026 तक राजकीय मेडिकल कॉलेजों में लगभग 1200 शिक्षण पदों पर भर्ती होगी. इनमें सहायक आचार्य, आचार्य और फार्मेसी प्रवक्ता के पद शामिल हैं. साथ ही, 1230 नर्सिंग अधिकारियों को भी नियुक्ति पत्र मिलेंगे.
उत्तर प्रदेश की योगी सरकार चिकित्सा शिक्षा में बड़ा कदम उठा रही है. सरकारी मेडिकल कॉलेजों में 1200 शिक्षण पदों पर भर्ती का ऐलान किया गया है. सीएम योगी के निर्देश पर राजकीय मेडिकल कॉलेज में सहायक आचार्य, आचार्य और प्रवक्ता (फार्मेसी) के पदों पर भर्ती की जाएगी. साथ ही 1,230 नर्सिंग अधिकारियों के नियुक्ति पत्रों का भी ऐलान किया गया है.
अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा अमित कुमार घोष ने बताया कि मुख्यमंत्री ने विभाग में खाली पदों पर नियुक्ति करने के निर्देश दिये थे ताकि प्रदेश के ज्यादा से ज्यादा युवाओं को सरकारी नौकरी मिल सके. इसी के तहत चिकित्सा शिक्षा विभाग की ओर से इन पदों का अधियाचन लोक सेवा आयोग, प्रयागराज के माध्यम से चयन कराने के लिए भेजा गया है.
सबसे ज्यादा सहायक आचार्य के 1112 पद शामिल
अमित कुमार घोष ने बताया कि जल्द ही इन पदों पर भर्ती के लिए विज्ञापन जारी किया जाएगा. राजकीय मेडिकल कॉलेजों के करीब 12 सौ पदों में सबसे ज्यादा सहायक आचार्य के 1112 पद शामिल है. इसके अलावा आचार्य के 44 पदों और प्रवक्ता (फार्मेसी) के 11 पदों पर भर्ती किया जाएगा. इसके अलावा नर्सिंग कैडर को लेकर भी बड़ा कदम उठाया गया है.
मुख्यमंत्री योगी जल्द ही लोक सेवा आयोग, प्रयागराज से चयनित 1,230 नर्सिंग अधिकारियों (महिला एवं पुरुष) को नियुक्ति पत्र वितरित करेंगे. इससे प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक मजबूती मिलेगी. सीएम का साफ निर्देश है कि मेडिकल एजुकेशन को डिग्री तक ही सीमित न रखा जाए, बल्कि गुणवत्ता, शोध और व्यावहारिक प्रशिक्षण से जोड़ा जाए.
मेडिकल कॉलेजों की संख्या में ऐतिहासिक बढ़ोतरी
सरकार के मुताबिक, पिछले 9 सालों में प्रदेश में मेडिकल कॉलेजों की संख्या में ऐतिहासिक बढ़ोतरी हुई है. जहां पहले कुछ गिने-चुने जिलों तक मेडिकल शिक्षा सीमित थी, वहीं, आज लगभग हर जिले में मेडिकल कॉलेज स्थापित करने का लक्ष्य पूरा हो चुका है. नए कॉलेजों के संचालन के लिए योग्य शिक्षकों की जरूरत है, यह भर्ती उसी दिशा में बड़ा कदम है.
राजकीय मेडिकल कॉलेजों में सहायक आचार्य, आचार्य और फार्मेसी प्रवक्ताओं की नियुक्ति से मेडिकल छात्रों को बेहतर मार्गदर्शन, शोध गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और चिकित्सा शिक्षा का स्तर राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप हो सकेगा. इससे भविष्य में प्रदेश को कुशल डॉक्टर, फार्मासिस्ट और स्वास्थ्य विशेषज्ञ मिलेंगे, जो बेहतर सेवाएं प्रदान करेंगे.