पहले पलंग के नीचे, अब आलमारी के पीछे मिली आर्म्स फैक्ट्री; मेरठ में BCA स्टूडेंट करता हथियारों की तस्करी

मेरठ में एक अलमारी के पीछे छिपी अवैध हथियार फैक्ट्री का भंडाफोड़ हुआ है. पुलिस ने मौके से बीसीए छात्र सहित चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो हथियारों की तस्करी में शामिल थे. यह फैक्ट्री एक पुराने अपराधी द्वारा चलाई जा रही थी, जो पहले भी जेल जा चुका है. पुलिस ने मौके से बड़ी मात्रा में हथियार और उपकरण बरामद किए हैं.

मेरठ में हथियार फैक्ट्री का खुलासा Image Credit:

क्रिकेट का बल्ला बनाने के लिए दुनिया भर में विख्यात उत्तर प्रदेश का मेरठ अब अवैध हथियारों की फैक्ट्री के लिए कुख्यात हो रहा है. अभी 15 दिन पहले यही एक घर में पलंग के नीचे हथियारों की फैक्ट्री पकड़ी गई थी. अब एक आलमारी के पीछे बने तहखाने में हथियार फैक्ट्री का खुलासा हुआ है. बड़ी बात यह कि इस फैक्ट्री में तैयार होने वाले हथियारों की तस्करी शहर के ही एक कॉलेज में बीसीए की पढ़ाई करने वाला छात्र कर रहा था. पुलिस ने मंगलवार की देर रात दबिश देकर इस फैक्ट्री के कर्ता धर्ता 4 लोगों को अरेस्ट कर लिया है.

यह हथियार फैक्ट्री मेरठ के इंचौली थाना क्षेत्र के खरदौनी गांव में पकड़ी गई है. मुखबिर की सूचना पर मंगलवार की देर रात पहुंची पुलिस ने छानबीन करते हुए घर में रखी एक अलमारी को हटाया तो तहखाने का रास्ता नजर आया. पुलिस तहखाने में पहुंची तो वहां हथियार बनाने का काम चल रहा था. इंचौली थाना पुलिस और स्वाट टीम ने इस फैक्ट्री के मास्टर माइंड इमरान को अरेस्ट कर लिया. फिर उसकी निशानदेही और पहचान पर तीन अन्य आरोपियों को अरेस्ट किया है.

25 साल पहले भी गया था जेल

पुलिस के मुताबिक इमरान पुराना अपराधी है. 25 साल पहले भी मेरठ पुलिस ने उसे हथियार बनाने के ही आरोप में अरेस्ट कर जेल भेजा था. अब जेल से छूटकर आने के बाद उसने दोबारा से वही काम शुरू कर दिया. इसके लिए आरोपियों ने पूरा नेटवर्क तैयार किया था. इसमें बीसीए का छात्र उमंग ठाकुर भी शामिल है. यह हथियारों की तस्करी का काम करता था. पुलिस ने मौके से हथियार बनाने का भारी मात्रा में सामान बरामद किया है. इसमें अधबने और तैयार तमंचे भी शामिल हैं.

हर आरोपी का था अलग किरदार

एसएसपी अविनाश पांडेय के मुताबिक पकड़े गए आरोपियों में इमरान तो तमंचे बनाता था, लेकिन दौराला का रहने वाला कुलदीप मुख्य सप्लायर था. तीसरा आरोपी नरेंद्र बीच की कड़ी के रूप में काम करता था. वहीं 19 साल का छात्र उमंग ठाकुर ऑन डिमांड हथियारों की सप्लाई करता था. पुलिस के मुताबिक इस गैंग के नेटवर्क में शामिल अन्य बदमाशों की पहचान की जा रही है.

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