मुरादाबाद: काली माता मंदिर के महंत हटाए गए, जूना अखाड़ा ने बदला मैनेजमेंट; भारी पुलिस रही तैनात
जूना अखाड़े ने मुरादाबाद के प्राचीन काली माता मंदिर में बड़ा फेरबदल किया है. पुराने महंतों को हटाकर नए महंत और प्रबंधक नियुक्त किए गए हैं. भारी पुलिस बल की मौजूदगी में यह कार्रवाई हुई है, क्योंकि महंतों का विरोध प्रदर्शन जारी था. अब मंदिर का प्रबंधन पूरी तरह '13 मणि' शाखा के नियंत्रण में होगा.
मुरादाबाद के मुगलपुरा इलाके के प्रसिद्ध लालबाग प्राचीन सिद्ध पीठ श्री काली माता मंदिर (मिश्री गिरि जी का टीला) में प्रबंधन और कार्यशैली को लेकर विवाद चल रहा था. अब श्री पंचदशनाम जूना अखाड़ा ने कड़ा रुख अपनाते हुए बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया है. मंदिर के महंत सज्जन गिरि और राम गिरि का स्थानांतरण कर दिया गया है.
जूना अखाड़े के अंतरराष्ट्रीय संरक्षक और अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के महामंत्री महंत हरि गिरि महाराज के निर्देश पर मंदिर के पुराने महंतों को पदमुक्त कर नई नियुक्तियों की घोषणा की गई. जनता की लगातार मिल रही शिकायतों और अनुशासनहीनता के आरोपों के चलते महंत सज्जन गिरि और राम गिरि को तत्काल प्रभाव से प्रयागराज भेजा गया है.
महंतों को सुधार के लिए कई नोटिस जारी किए गए थे
जूना अखाड़े के प्रवक्ता महंत नारायण गिरि ने कहा कि इन महंतों को सुधार के लिए पूर्व में कई बार नोटिस जारी किए गए थे, किंतु स्थितियों में बदलाव न होने पर अखाड़ा कार्यकारिणी ने यह कदम उठाया गया है. नारायण गिरि की अध्यक्षता वाली टीम द्वारा सौंपी गई विस्तृत रिपोर्ट के आधार पर अखाड़ा महासभा ने इस परिवर्तन पर मुहर लगाई है.
अखाड़े के पदाधिकारियों ने भारी पुलिस बल की मौजूदगी में मंदिर परिसर का कार्यभार अपने हाथों में लिया और नए प्रबंधकों व पुजारियों को दायित्व सौंपकर सनातन परंपरा के अनुसार पूजन संपन्न कराया है, कार्रवाई स्थानीय प्रशासन के सहयोग से शांति व्यवस्था बनाए रखते हुए पूरी की गई है. इस दौरान मंदिर इलाके पूरी तरह पुलिस छावनी में तब्दील नजर आया.
भारी पुलिस की मौजूदगी में इन दो महंतों का नियुक्ति
अखाड़े की टीम जैसे ही मंदिर पहुंची, सुरक्षा के लिहाज से श्रद्धालुओं को परिसर से बाहर निकाल दिया गया और मंदिर के सभी कमरों व माता के भवन के द्वारों पर नए ताले जड़ दिए गए ताकि संपत्ति और सामान को सुरक्षित रखा जा सके. महंतों द्वारा विरोध का प्रयास भी किया गया, महंत सज्जन गिरि को पुलिस की मदद से कमरे से बाहर निकालना पड़ा था.
अखाड़े द्वारा जारी नियुक्ति पत्र के अनुसार, अब मंदिर के प्रबंधक के रूप में महंत महाकाल गिरि और सहायक प्रबंधक के रूप में महंत हितेश्वर गिरि को कमान सौंपी गई है. इसके अलावा, पूजा व्यवस्था के लिए महंत वशिष्ठ गिरि को नीचे वाले मंदिर और महंत इच्छा गिरि को ऊपर वाले मंदिर का मुख्य पुजारी नियुक्त किया गया है.
दूसरी ओर, स्थानांतरित किए गए महंत राम गिरि को प्रयागराज के दत्त मंदिर और महंत सज्जन गिरि को दशाश्वमेध घाट स्थित जूना अखाड़ा में तैनात किया गया है. सुरक्षा व्यवस्था के लेकर भारी पुष्पबल भी तैनात रहा है. पुलिस के अनुसार की कि यह अखाड़े का आंतरिक फैसला था और कानून व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए पुलिस बल तैनात किया गया था.
