‘न भूले थे, न भूले हैं…’ मुजफ्फरनगर में 13 साल बाद क्यों लगे दंगों के पोस्टर? अखिलेश की तस्वीर पर बवाल

मुजफ्फरनगर दंगों की 13वीं बरसी पर शहर में 'न भूले थे, न भूलेंगे' वाले पोस्टर और अखिलेश यादव की तस्वीर ने नया सियासी बवाल खड़ा कर दिया है. इन होर्डिंग्स से दंगों की आग में झुलस चुके लोगों की पुरानी यादें ताजा हो गईं. इसकी वजह से इन होर्डिंग्स की तस्वीरें देखते ही देखते वायरल हो गईं. अब पुलिस इन पोस्टरों के पीछे के मकसद और लगाने वालों की तलाश कर रही है.

मुजफ्फरनगर दंगों के लगे पोस्टर

उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर दंगों की आज बरसी है. कल तक तो यहां माहौल शांत था, लेकिन 7 सितंबर यानी सोमवार की सुबह दिन निकलते ही माहौल गरमा गया. दरसअल रात के अंधेरे में किसी ने शहर में अलग अलग स्थानों पर दंगे से जुड़े होर्डिंग और पोस्टर लगाकर सनसनी फैला दी. होर्डिंग पर लिखा था- “न भूले थे, न भूलें हैं, न भूलेंगे”. सुबह लोग घरों से बाहर निकले और इन पोस्टर और होर्डिंग्स को देखा तो दंगों की याद ताजा हो गई.

इन पोस्टर में अखिलेश यादव की तस्वीर भी लगी थी. यह देखते ही कई लोगों ने मोबाइल फोन के कैमरे से इसकी तस्वीरें और वीडियो बनाए और सोशल मीडिया में डाल दिया. देखते ही देखते यह तस्वीरें वायरल होने लगीं. इतने में खबर पुलिस तक पहुंच गई और आनन फानन में इन होर्डिग को उतरवा गया. अब सवाल उठ रहा है कि आखिर किसने लगाए ये होर्डिंग्स और पोस्टर? इसके पीछे क्या मकसद है? हालांकि अभी तक इन सवालों के जवाब नहीं मिल पाए हैं.

मुजफ्फरनगर में हुआ क्या था 7 सितंबर को

देश के सबसे कुख्यात दंगों में से एक मुजफ्फरनगर दंगों की पटकथा 7 सितंबर को ही लिखी गई थी. दरअसल 7 सितंबर 2013 को नगला मंदौड़ में एक महापंचायत का आयोजन किया गया था. इस पंचायत के बाद लौट रहे लोगों पर अचानक हमला हुआ और देखते ही देखते हालात बिगड़ते चले गए. इस दिन को यहां व्यापक हिंसा हुई थी. इसका दंश आज भी लोगों के सीने में दहक रहा है. ठीक 13 साल बाद इसी तारीख पर शहर में लगे ये होर्डिंग इस आग को एक बार फिर हवा दे गए.

होर्डिंग पर अखिलेश तस्वीर से हड़कंप

अभी ये तो साफ नहीं हो सका है कि ये होर्डिंग्स किसने और कब लगाए, लेकिन होर्डिंग्स पर अखिलेश यादव की तस्वीर की वजह से एक नया सियासी बवाल मच गया है. अब पुलिस भी इस होर्डिंग्स के मायने में निकालने में जुटी है. पता किया जा रहा है कि ये होर्डिंग्स किसने और कि लगाया? किसके इशारे पर लगाया? और इसका मकसद क्या है? एएसपी सिद्धार्थ मिश्रा के मुताबिक मामले की बारीकी से जांच की जा रही है.

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