इंजीनियर की मौत केस में डर गया चश्मदीद, कहा- मेरे सच बोलने से हुई बिल्डर की गिरफ्तारी

नोएडा में इंजीनियर युवराज मेहता की मौत के मामले में चश्मदीद मुनेंद्र ने बिल्डर की गिरफ्तारी के बाद अपनी जान का खतरा जताया है. उनका कहना है कि सच बोलने पर उन्हें निशाना बनाया जा सकता है. मुनेंद्र ने प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि घटना के कई दिन बाद भी गाड़ी नहीं निकली. इस बीच, सीएम योगी ने मामले का संज्ञान लिया और SIT गठित की गई, जिससे हलचल तेज हुई है.

कार समेत डूबने से इंजीनियर की मौत Image Credit:

नोएडा में सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की मौत केस में चश्मदीद मुनेंद्र ने अपनी जान को खतरा जताया है. कहा कि उसके सच बोलने से ही बिल्डर की गरफ्तारी हुई है. वह लाखों करोड़ों का मालिक है और कुछ भी करवा सकता है. मुनेंद्र ने बताया कि पुलिस ने उससे 5 घंटे तक पूछताछ की. उसने कहा कि यदि किसी की मदद करना और सच बोलना अपराध है, तो आगे से कोई किसी की मदद करने नहीं आएगा. चश्मदीद ने प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल उठाया. कहा कि घटना के चार दिन हो चुके हैं, लेकिन अभी तक गाड़ी नहीं निकली है.

मुनेंद्र ने TV9 भारतवर्ष से बातचीत में कहा कि मैंने जो देखा, वही बोला. कहा कि वह घटना के 10 मिनट बाद में ही मौके पर पहुंच गया था. वहां पर पुलिस के अधिकारी छोटी सी रस्सी लेकर बार-बार पानी में फेंक रहे थे और मृतक युवराज गाड़ी की छत पर खड़ा होकर बार-बार यह गुहार लगा रहा था. वह बचाओ-बचाओ पुकार रहा था, उसके पिता भी वहां मौजूद थे, वह भी बार-बार प्रशासन पुलिस से बेटे को बचाने की गुहार कर रहे थे. चश्मदीद ने कहा कि उसने पानी में उतरने के लिए पुलिस से परमिशन मांगी. कहा कि उसे तैरने आता है. इसके बाद रस्सी लेकर पानी में कूद गया.

आधे घंटे तक ढूंढा शव

चश्मदीद ने बताया कि उसने करीब आधे घंटे तक पानी में रहकर मृतक युवराज को ढूंढने की कोशिश की, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिला. करीब 2 घंटे के बाद एनडीआरएफ और एसडीआरएस की टीम मौके पर पहुंची. इसके बाद गोताखोरों सीढ़ी के सहारे पानी में उतरे. लेकिन पानी ठंड होने की वजह से किसी ने आगे जाने की हिम्मत नहीं की. चश्मदीद मुनेंद्र के मुताबिक उसकी जगह कोई और होता तो वह भी यही करता. उसने पूछा कि किसी की मदद करना गुनाह है क्या?

जताया जान का खतरा

चश्मदीद ने कहा कि पुलिस या बिल्डर किसी तरह का दबाव डालते हैं तो इसके लिए कौन जिम्मेदार होगा. कहा कि मीडिया को बयान देने के बाद अब उसे डर लगने लगा है. उसे डर है कि कहीं उसके साथ या उसके परिवार के साथ कोई अनहोनी ना हो जाए. उधर, बेटे की मौत से दुखी युवराज के पिता बुरी तरह टूट चुके हैं. परिजन मंगलवार को उनकी अस्थियां लेकर बृजघाट पहुंचे और गंगा में विसर्जन किया. उधर, मामले में सीएम योगी ने खुद संज्ञान लिया है.

SIT गठन से बढ़ी हलचल

इस मामले की जांच के लिए पांच सदस्य एसआईटी का गठन होने के बाद हलचल बढ़ गई है. इसके बाद बीजेपी के कई विधायक और सांसद इंजीनियर के पिता से मिलने पहुंचे. उधर, पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के कहने पर समाजवादी नेताओं का एक संगठन भी मृतक के पिता और परिवार से मिलने पहुंचा. सपा के जिला अध्यक्ष सुधीर भाटी ने बताया कि इस घटना में पुलिस प्रशासन और प्राधिकरण तीनों की जिम्मेदारी तय है. इसी क्रम में मेरठ जोन के एडीजी भानु भास्कर भी मौके पर पहुंचे मीडिया को घटनाक्रम की जानकारी दी. उन्होंने बताया कि एक बिल्डर को अरेस्ट कर लिया गया है. उन्होंने बताया कि जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ कार्रवाई होगी.