क्या चोरी की बिजली से रोशन था पूरा संभल? अब तक 6526 लोगों पर FIR, DM का बड़ा खुलासा

उत्तर प्रदेश के संभल में बिजली चोरी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई हुई है, जिसमें अब तक 6526 FIR दर्ज की गई हैं. डीएम राजेंद्र पैंसिया ने खुलासा किया कि स्मार्ट मीटर और आर्मर्ड केबल से लाइन लॉस कम हुआ और राजस्व में ₹181 करोड़ की वृद्धि हुई है. इस अभियान के तहत कई कर्मचारियों पर कार्रवाई हुई और प्रभावशाली लोगों पर भी शिकंजा कसा गया.

बिजली चोरी पर संभल के डीएम की प्रेसकांफ्रेंस

उत्तर प्रदेश के संभल में बिजली चोरी रोकने के लिए लगातार हो रही छापेमारी में बड़ा खुलासा हुआ है. जिला प्रशासन और बिजली निगम की संयुक्त छापेमारी में अब तक 6526 घरों में बिजली चोरी पकड़ी गई है. इन सभी मामलों में एफआईआर दर्ज कराई गई है. इसी क्रम में बिजली निगम ने बिजली चोरी के खेल में शामिल 11 संविदा कर्मचारियों को बर्खास्त कर दिया है. वहीं संभल टाउन से सभी सहायक अभियंताओं और जेई का तबादला कर दिया गया है.

यह खुलासा संभल के डीएम राजेंद्र पैंसिया ने कलक्ट्रेट में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में की. उन्होंने बताया कि पिछले 12 महीनों में 100 केवीए या उससे अधिक का एक भी ट्रांसफॉर्मर फेल नहीं हुआ है. इस दौरान जिले के बिजली चोरों पर बुलडोजर भी चलाने की जरूरत नहीं पड़ी. बल्कि ऐसे लोगों पर स्मार्ट मीटर की मार पड़ी है. इसके परिणाम के तौर पर संभल में जहां लाइन लॉस घटा है, वहीं राजस्व में बढोत्तरी हुई है.

डीएम ने गिनाई अभियान की सफलता

डीएम राजेंद्र पैंसिया और एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई ने मंगलवार को आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में इस अभियान के आंकड़े और उपलब्धियां मीडिया के सामने रखीं. कहा कि संभल में प्रशासन एक्टिव मोड में है. चाहे बुलडोजर हो लंगड़ा अभियान या फिर बिजली चोरों के खिलाफ छापेमारी, जिले में प्रभावी कार्रवाई जारी है. उन्होंने बताया कि इस छापेमारी में बिजली चोरी के 6526 केस सामने आए हैं. इन सभी मामलों में अब तक 181 करोड़ रुपये का सीधा लाभ हुआ है.

स्मार्ट मीटर और आर्मर्ड केबल से फायदा

डीएम के मुताबिक जिले में स्मार्ट मीटर और आर्मर्ड केबल से लाइन लॉस में कमी आई है. इसके अलावा बिजली चोरी रोकने में भी सफलता मिली है. इससे जिले का राजस्व भी बढ़ा है. उन्होंने आंकड़ों के हवाले से कहा कि यह अभियान महज एक कार्रवाई नहीं, बल्कि सिस्टम में बहुत बड़ा सुधार है. उन्होंने बताया कि इस अभियान के तहत प्रभावशाली व्यक्तियों, मस्जिदों और मदरसों द्वारा बिजली चोरी का खुलासा किया गया है. इन सभी मामलों में कार्रवाई भी हुई है.