राम मंदिर में जहां से रखी जाएगी पैनी नजर, कैसा है UP पुलिस का वो कंट्रोल रूम? CM योगी करेंगे उद्घाटन

अयोध्या के राम मंदिर की सुरक्षा के लिए यूपी पुलिस का अत्याधुनिक कंट्रोल रूम तैयार है. यह परिसर की हर गतिविधि पर पैनी नज़र रखेगा और आपात स्थितियों में निगरानी करेगा. 1128.75 लाख की लागत से बना यह भवन ऊर्जा-कुशल और पर्यावरण के अनुकूल है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इसका जल्द उद्घाटन करेंगे.

राम मंदिर ( प्रतीकात्मक तस्वीर)

अयोध्या में बने भव्य और राम मंदिर की सुरक्षा के लिए अत्याधुनिक कंट्रोल रूम बनकर तैयार है. एक ऐसा कंट्रोल रूम जो राम मंदिर में कहीं सुई भी गिरे तो तुरंत उसे देख ले और उसकी आवाज को सुन ले. यहीं नहीं, किसी तरह की आपात स्थिति बनने पर भी प्रॉपर मॉनिटरिंग करने में सक्षम हो. यह कंट्रोल रूम श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के ठीक सामने करीब 12 हजार वर्ग फीट एरिया में बनकर तैयार हो गया है. करीब 1128.75 लाख की लागत से बने इस दो मंजिले कंट्रोल रूम का निर्माण दो साल में सीएंडडीएस ने पूरा किया है.

उत्तर प्रदेश पुलिस की जमीन पर कंपनी ने दिसंबर 2023 में निर्माण कार्य शुरू किया था. वहीं अब काम पूरा होने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को अवगत करा दिया है. माना जा रहा है कि इस कंट्रोल रूम का संचालन उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा किया जाएगा. इस प्रोजेक्ट को गृह विभाग द्वारा संचालित किया गया है. इसमें एक बेसमेंट है और ग्राउंड फ्लोर के अलावा एक मंजिल ऊपर बना हुआ है. बेसमेंट में ही मुख्य कंट्रोल रूम है.

आपातकाल में आत्मनिर्भर होगा भवन

अत्याधुनिक तकनीक से लैस इस कंट्रोल रूम में सीसीटीवी फुटेज, भीड़ प्रबंधन, यातायात नियंत्रण और आपातकालीन सेवाओं का रीयल-टाइम मॉनिटरिंग की सुविधा है. वेद मंदिर के निकट बना यह भवन ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर तो है ही, इसमें सीसी रोड, रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम, एयर-कंडीशन तंत्र, सबमर्सिबल पम्प, हाई-स्पीड लिफ्ट, मजबूत बाउंड्रीवाल आदि की सुविधाएं हैं. यह पूर्ण रूप से पर्यावरण के अनुकूल, ऊर्जा-कुशल और आपात स्थिति में आत्मनिर्भर है.

लोकार्पण के साथ होगा चालू

कार्यदायी संस्था सीएंडडीएस के परियोजना प्रबंधक देवव्रत पवार के मुताबिक भवन का काम पूरा हो चुका है. अब महज फीनिसिंग का काम बाकी है. इसके अलावा थोड़ा बहुत बाउंड्रीवाल का कार्य प्रगति पर है. यह भवन जल्द ही लोकार्पण के लिए तैयार हो जाएगा. लोकार्पण के बाद इसे पूरी तरह से चालू कर दिया जाएगा. यह नया भवन विशेष रूप से पुलिस विभाग द्वारा संचालित होगा और राम जन्मभूमि परिसर के आसपास की हर गतिविधि पर पैनी नजर रख सकेगा.