लखनऊ के बाद पंजाब में बड़ा हमला करने वाले थे यूपी में पकड़े गए आतंकी, ATS का बड़ा खुलासा

यूपी के अलग-अलग शहरों से गिरफ्तार 4 आंतकियों को लेकर खुलासा हुआ है. एटीएस के सूत्रों के मुताबिक लखनऊ में साजिश पूरी करने के बाद ये सभी पंजाब जाने वाले थे.वहां पहुंचकर किसी बड़े मिशन को अंजाम देने की तैयारी थी.

एटीएस ने किया बड़ा खुलासा

यूपी एटीएस ने पाकिस्तान से संचालित एक खतरनाक आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़ करते हुए बड़े खुलासे किए हैं.जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार संदिग्ध आतंकियों ने पाकिस्तानी हैंडलर्स से आठ अलग-अलग बैंक खातों में रकम मंगवाई थी.करीबियों और रिश्तेदारों के खातों का क्यूआर कोड भेजकर यह फंडिंग हासिल की गई.अब तक करीब दो लाख रुपये का ट्रांजेक्शन सामने आया है.एटीएस ने सभी आठ खातों को सीज करा दिया है.

एटीएस के अनुसार, 2 अप्रैल को लखनऊ के आलमनगर रेलवे स्टेशन के पास से चार संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया था.इनमें मेरठ के साकिब और अरबाब तथा गौतमबुद्धनगर के लोकेश व विकास शामिल हैं.ये सभी लखनऊ समेत कई शहरों में विस्फोटक हमलों की साजिश रच रहे थे.उनका पहला टारगेट रेलवे सिग्नल बॉक्स था, जहां धमाका कर रेल यातायात को ठप करने की योजना थी.साथ ही सिलिंडर भरे ट्रकों में आगजनी कर दहशत फैलाने की तैयारी भी चल रही थी.

पाकिस्तानी हैंडलर्स से सीधा संपर्क

पूछताछ में पता चला कि आरोपी सीधे पाकिस्तानी हैंडलर्स के संपर्क में थे.रेकी करने, छोटी-मोटी आगजनी की घटनाएं करने और आगे की साजिश के लिए हैंडलर्स ने छोटी-छोटी रकमें भेजी थीं.साकिब गिरोह का सरगना बताया जा रहा है.जांच एजेंसियों ने पाया कि रकम मुख्य रूप से करीबियों के खातों में आई थी, जिसके बाद इसे मॉड्यूल के सदस्यों में बांटा गया.

पंजाब कनेक्शन की तलाश

सबसे चौंकाने वाला खुलासा यह है कि लखनऊ में साजिश पूरी करने के बाद ये सभी पंजाब जाने वाले थे.वहां पहुंचकर किसी बड़े मिशन को अंजाम देने की तैयारी थी.पाकिस्तानी हैंडलर्स ने आने-जाने, खाने-पीने और अन्य खर्चों के लिए और रकम भेजने का वादा भी किया था.एटीएस अब पंजाब में इनके संभावित संपर्कों की तलाश में जुट गई है.जरूरत पड़ी तो जल्द ही एक टीम पंजाब भेजी जा सकती है.

छोटे मॉड्यूल्स को सक्रिय करने की कोशिश कर रहे पाक हैंडलर्स

एटीएस सूत्रों के मुताबिक, पूछताछ और डिजिटल साक्ष्यों से मॉड्यूल का पूरा नेटवर्क खुल रहा है.अभी तक जितनी रकम मिली है, वह बड़ी नहीं है, लेकिन यह साफ संकेत देती है कि पाकिस्तानी हैंडलर्स छोटे-छोटे मॉड्यूल्स को लगातार सक्रिय रखने की कोशिश कर रहे हैं. गिरफ्तारी ठीक समय पर हुई. अगर ये लोग अपना प्लान अमल में ला पाते तो रेलवे सिग्नल बॉक्स और सिलिंडर ट्रकों पर हमले से बड़ा हादसा हो सकता था.एटीएस अब पूरे मॉड्यूल की गहराई में उतर रही है और फरार सहयोगियों की तलाश भी जारी है.

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