20 हजार से ऊपर की प्रॉपर्टी रजिस्ट्री फीस अब ऑनलाइन, योगी सरकार ने इस वजह से लिया फैसला
अब प्रॉपर्टी खरीदने पर 20 हजार से ऊपर की रजिस्ट्रेशन फीस ऑनलाइन ली जाएगी. फिलहाल, ये व्यवस्था गौतमबुद्धनगर के साथ साथ कुछ अन्य जिलों में भी लागू की गई है. धीरे-धीरे सरकार इस व्यवस्था को पूरे प्रदेश में भी लागू करने की तैयारी कर रही है.
नोएडा और ग्रेटर नोएडा में संपत्ति खरीदारो के लिए प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन का एक नया नियम लागू हो गया है. अब उन्हें प्रॉपर्टी रजिस्टर कराते वक्त 20 हजार रुपये से अधिक की रजिस्ट्रेशन फीस नकद की जगह ऑनलाइन जमा करना होगा. प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन फीस वह शूल्क है, जो संपत्ति के मालिकाना हक को सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज कराने के लिए लिया जाता है. यह स्टॉम्प ड्यूटी से इतर लिया जाता है.
स्टॉम्प ड्यूटी और प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन फीस के बीच अंतर
आमतौर पर प्रापर्टी रजिस्ट्रेशन फीस संपत्ति की कुल कीमत का तकरीबन एक प्रतिशत तक ही होता है. इस प्रक्रिया के बाद सरकारी रिकॉर्ड में प्रॉपर्टी आपके नाम हो जाएगी. वहीं, स्टॉम्प ड्यूटी एक प्रकार का टैक्स है जो प्रॉपर्टी की बिक्री या फिर ट्रांसफर करने पर लगाया जाता है. उत्तर प्रदेश में प्रॉपर्टी की मार्केट प्राइस के आधार पर 7 प्रतिशत तक का स्टॉम्प ड्यूटी लिया जाता है. अगर खरीदार महिला हैं या सह-मालिक (को-ओनर) में से कोई महिला है, तो 10,000 रुपये की छूट भी मिलती है.
यूपी सरकार इस प्रक्रिया को पूरे प्रदेश में लागू करना चाहती है. फिलहाल, नोएडा-ग्रेटर नोएडा के अलावा आजमगढ़, बाराबंकी, रायबरेली, सुल्तानपुर, सीतापुर, हापुड़, मुजफ्फरनगर, अलीगढ़, बुलंदशहर, बरेली, अमरोहा, कानपुर नगर, फतेहपुर, देवरिया, चित्रकूट, बागपत, कासगंज, एटा, रामपुर, इटावा, महोबा, हरदोई, बस्ती, अंबेडकरनगर, जौनपुर, कौशांबी, भदोही, महाराजगंज, बहराइच और मऊ में यह व्यवस्था लागू होगी. आने वाले वक्त में ये व्यवस्था पूरे प्रदेश में लागू कर दी जाएगी.
क्यों ऑनलाइन ली जाएगी 20 हजार से ऊपर की रजिस्ट्रेशन फीस
सरकार का मानना है कि नकद प्रॉपर्टी फीस जमा करने के रजिस्ट्रेशन कार्यालयों पर लंबी लाइनें लगती है. इससे व्यक्ति को बेहद इंतजार करना पड़ता है. 20 हजार से कम रजिस्ट्रेशन फीस वाले प्रॉपर्टी की संख्या कम होती है. वहीं, 20 हजार से ज्यादा पंजीकरण शूल्क वाले संपत्ति की संख्या ज्यादा होती है. ऐसे में सरकार के इस फैसले रजिस्ट्रेशन कार्यालयों पर लंबी लाइनों से छुटकारा मिलेगा और लोगों के समय की बचत भी होगी.
रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया हुई आसान
एआईजी निबंधन अधिकारी अरुण शर्मा ने बताया कि नई व्यवस्था से रजिस्ट्रेशन की पूरी प्रक्रिया पहले के मुकाबले काफी आसान हो गई है. अब लोगों को फीस जमा करने के लिए अलग अलग काउंटरों पर नहीं जाना पड़ेगा. भुगतान पहले ही ऑनलाइन हो जाने के कारण रजिस्ट्रेशन कार्यालय में केवल दस्तावेजों की जांच और प्रक्रिया पूरी की जाएगी. इससे समय की बचत होगी और लोगों को अनावश्यक परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ेगा.
नई व्यवस्था का सबसे बड़ा फायदा आम लोगों को मिला है. बुजुर्ग,महिलाएं और दूर-दराज से आने वाले लोग अब लंबी लाइनों में खड़े होने से बचते हैं. उनके लिए ये तकलीफदेह भी है. ऐसे में यह व्यवस्था उनके लिए राहत लेकर आई है. लोगों का कहना है कि यह व्यवस्था पहले ही लागू हो जानी चाहिए थी. आने वाले दिनों में इसके और बेहतर होने की उम्मीद जताई जा रही है.
शुरुआती दिनों में आई तकनीकी दिक्कत
एआईजी निबंधन अधिकारी अरुण शर्मा ने बताया हालांकि नई व्यवस्था लागू होने के शुरुआती दिनों में कुछ परेशानियां भी सामने आईं. पहले दिन भुगतान करने में दिक्कत आने के कारण रजिस्ट्रेशन की रफ्तार धीमी रही. इसके चलते कुछ लोगों को इंतजार करना पड़ा. लेकिन अधिकारियों और कर्मचारियों की कोशिश से स्थिति को जल्द ही संभाल लिया गया. दूसरे दिन से रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया सामान्य गति से चलने लगी.
बीते 2 दिनों में बड़ी संख्या में रजिस्ट्रेशन
अधिकारियों के अनुसार नई व्यवस्था लागू होने के बाद पहले दिन 572 और दूसरे दिन 566 रजिस्ट्रेशन, पट्टा और अनुबंध से जुड़े काम पूरे किए गए हैं. इससे साफ है कि लोग अब इस नई व्यवस्था को अपनाने लगे हैं. धीरे धीरे यह पूरी तरह सुचारु हो रही है. अधिकारियों के मुताबिक इस व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया को पारदर्शी बनाना है.
फीस सीधे सरकारी खाते में जमा होगी
ऑनलाइन भुगतान से न केवल नकद लेनदेन की संभावना खत्म होगी बल्कि फीस सीधे सरकारी खाते में जमा होगी. इससे विभागीय कामकाज आसान होगा और आम लोगों को भी रसीद भुगतान स्थिति और रिकॉर्ड से जुड़ी जानकारी तुरंत मिल सकेगी. अधिकारियों का कहना है कि शुरुआती समस्याओं को दूर कर लिया गया है. आने वाले दिनों में यह व्यवस्था और सुचारु रूप से काम करेगी इससे न केवल रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया तेज होगी. साथ ही कार्यालयों में भीड़ भी कंट्रोल में रहेगी.
