‘मारकर भगा दो’, अनिल राजभर के प्रोग्राम में ओम प्रकाश राजभर के समर्थकों का हंगामा
वाराणसी में महाराजा सुहेलदेव राजभर जयंती समारोह के भव्य आयोजन में सियासी बवाल मच गया. कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर के नेतृत्व में चल रहे कार्यक्रम में अचानक पंचायती राज मंत्री ओमप्रकाश राजभर के समर्थक सभा में घुस आए और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया. मंत्री अनिल राजभर गुस्से में आ गए. इस दौरान दोनों मंत्रियों के समर्थकों के बीच धक्का-मुक्की और नारेबाजी हुई.
वाराणसी में महाराजा सुहेलदेव राजभर जयंती समारोह के भव्य आयोजन के दौरान यूपी सरकार के दो मंत्री के समर्थक आमने-सामने आ गए. कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर के नेतृत्व में चल रहे इस कार्यक्रम में अचानक हंगामा मच गया. इस दौरान पंचायती राज मंत्री ओमप्रकाश राजभर के समर्थक सभा में घुस आए और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया. मंत्री अनिल राजभर गुस्से में आ गए और मंच से चिल्लाकर कहा कि इनको मारकर भगा दो.
दरअसल, श्रम मंत्री अनिल राजभर ने महाराजा सुहेलदेव की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया. इस दौरान अनिल राजभर ने जनसभा को संबोधित किया. सभा के दौरान ही ओपी राजभर के समर्थक नारेबाजी करते हुए बीच में घुस आए. इससे पूरा माहौल तनावपूर्ण हो गया. नाराज अनिल राजभर ने मंच से अपने समर्थकों को निर्देश दिया, ‘इन चोरों, बदमाशों को मारकर भगा दो’. उन्होंने आगे तीखा हमला बोला, ‘जैसा चोर इनका नेता है, वैसे ही चोर ये सब हैं.’
‘युवाओं को गुमराह नहीं करना चाहिए’
श्रम मंत्री अनिल राजभर ने कार्यक्रम में ओपी राजभर के बिना लाइसेंस हथियार बांटने और ‘सेना’ नाम से संगठन बनाने के दावे पर कटाक्ष किया और कहा कि ऐसे संगठन बनाना संभव नहीं और युवाओं को गुमराह नहीं करना चाहिए. हंगामे के बीच अनिल राजभर ने प्रयागराज के शंकराचार्य मामले पर भी बात की और विपक्ष पर निशाना साधा कि उनके पास कोई ठोस मुद्दा नहीं.
श्रम मंत्री अनिल राजभर ने कहा कि हर पार्टी का अपना संगठन होता है और सकारात्मक मुद्दों पर काम होना चाहिए. उन्होंने यह भी कहा कि ओमप्रकाश राजभर फिलहाल गठबंधन के साथी हैं और सभी को चाहिए कि विपक्ष को किसी भी प्रकार का मौका न दें. इस दौरान मंत्री रविंद्र जायसवाल भी मौजूद थे, जिन्होंने महाराजा सुहेलदेव को सनातन धर्म का रक्षक बताया. उन्होंने कहा कि आज भी अब्दुल सालार गाजी की सोच कुछ लोगों में जीवित है, जिसे समाप्त करने की आवश्यकता है और इसके लिए समाज को एकजुट होना होगा.
अक्सर आमने-सामने आते रहते हैं दोनों के समर्थक
अनिल राजभर BJP में हैं, जबकि ओपी राजभर NDA के साथी हैं लेकिन अक्सर दोनों के समर्थक आमने-सामने आ जाते हैं. 2027 के चुनाव से पहले समर्थकों का आपस में भिड़ना और मंत्री का गुस्से में बयान राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया. इसका पूर्वांचल की राजनीति में राजभर समाज की एकता पर असर पड़ सकता है.