बांके बिहारी कॉरिडोर का रास्ता साफ, अधिग्रहण के लिए जमीन की रजिस्ट्री शुरू

वृंदावन में श्री बांके बिहारी मंदिर कॉरिडोर निर्माण की दिशा में पहली भूमि रजिस्ट्री सफलतापूर्वक संपन्न हुई है. सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर गठित समिति और जिला प्रशासन के प्रयासों से यह कॉरिडोर भक्तों के लिए सुगम दर्शन सुनिश्चित करेगा. इससे ब्रज क्षेत्र में धार्मिक पर्यटन बढ़ेगा और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे.

श्री बांके बिहारी मंदिर, कॉरिडोर निर्माण के लिये हुई पहली रजिस्ट्री

कान्हा की नगरी वृन्दावन में ठाकुर श्री बांके बिहारी जी के भक्तों के लिए शुक्रवार का दिन ऐतिहासिक रहा. भव्य और दिव्य ‘श्री बांके बिहारी मंदिर कॉरिडोर’ के निर्माण की दिशा में ठोस कदम बढ़ाते हुए शुक्रवार को भूमि की पहली रजिस्ट्री सफलतापूर्वक संपन्न हो गई. गोस्वामी परिवार की ओर से सहर्ष अपनी भूमि की पहली रजिस्ट्री करा दी गई है.

सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर गठित हाई पावर्ड मैनेजमेंट कमेटी और जिला प्रशासन के संयुक्त प्रयासों से कॉरिडोर निर्माण का रास्ता साफ हो गया है. इस परियोजना से न केवल दर्शन सरल होंगे, बल्कि समूचे ब्रज क्षेत्र के विकास को नई ऊंचाइयां मिलेंगी. कॉरिडोर निर्माण के लिए बिहारी पुरा क्षेत्र की 69.26 वर्ग मीटर की रजिस्ट्री तहसीलदार सदर के पक्ष में की गई.

गोस्वामी समाज के तीन लोगों ने की पहली रजिस्ट्री

कॉरिडोर निर्माण के लिए बिहारी पुरा क्षेत्र की संपत्ति संख्या- 25 के एक भाग (69.26 वर्ग मीटर) की रजिस्ट्री की गई. यति गोस्वामी, अभिलाष गोस्वामी और अनिकेत गोस्वामी ने सहर्ष अपनी भूमि का सेल डीड निष्पादित किया. डीएम चन्द्र प्रकाश सिंह और एडीएम पंकज कुमार वर्मा के प्रयासों से इसे धरातल पर उतारने की शुरुआत कर दी गई है

सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार गठित इस उच्चाधिकार प्राप्त समिति में न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) अशोक कुमार की अध्यक्षता में प्रशासन, पुलिस, पुरातत्व विभाग और गोस्वामी समाज के प्रतिनिधि शामिल हैं. समिति ने मंदिर के गोस्वामियों, सेवायतों, व्यापारियों और स्थानीय लोगों के साथ निरंतर बैठकें कर सभी के सुझावों को इस योजना में शामिल किया है.

धार्मिक पर्यटन और रोजगार के खुलेंगे नए द्वार

यह कॉरिडोर वृंदावन की प्राचीन दिव्यता को बनाए रखते हुए आधुनिक जरूरतों को पूरा करेगा. इस भव्य निर्माण से ब्रज की सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक पटल पर एक नई पहचान मिलेगी. प्रस्तावित कॉरिडोर में श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षित वातावरण, बैठने की व्यवस्था, पेयजल और सुगम प्रवेश- निकासी द्वार बनाए जाएंगे, जिससे भीड़ का दबाव कम होगा.

कॉरिडोर के निर्माण से वृन्दावन में श्रद्धालुओं और पर्यटकों की संख्या में भारी वृद्धि होने की उम्मीद है. इससे क्षेत्र में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, जिसका सीधा लाभ स्थानीय अर्थव्यवस्था को होगा. नए होटलों, रेस्टोरेंटों और दुकानों के खुलने से स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे.

वृन्दावन की ऐतिहासिक पहचान को सुरक्षित रखेगा

समिति ने यह भी घोषणा की है कि जो लोग स्वेच्छा से कॉरिडोर हेतु अपनी जमीन पहले प्रदान करेंगे, उन्हें भविष्य में दी जाने वाली सुविधाओं में वरीयता दी जाएगी. अभी तक श्रद्धालुओं को वृंदावन की संकरी गलियों के कारण भारी परेशानी और सुरक्षा जोखिमों का सामना करना पड़ता था. कॉरिडोर बनने के बाद श्री बांके बिहारी जी के दर्शन अत्यंत सुलभ हो जाएंगे.

यह प्रोजेक्ट न केवल वृन्दावन की ऐतिहासिक पहचान को सुरक्षित रखेगा, बल्कि आधुनिक तीर्थयात्रियों की जरूरतों को भी पूरा करेगा. जिला प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि इस पवित्र कार्य में सभी अपना सहयोग दें ताकि ब्रज की महिमा वैश्विक पटल पर और अधिक चमके. यह कॉरिडोर निर्माण क्षेत्र के समग्र विकास में महत्वपूर्ण योगदान देगा.