‘UGC के नए नियम का विरोध करने वाले SC जाएं’, योगी सरकार में मंत्री राजभर की दो टूक
उत्तर प्रदेश सरकार में पंचायती राज मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने यूजीसी के नए नियमों के विरोधियों पर तीखा हमला बोला. मंत्री ओपी राजभर ने कहा, ‘जिन्हें यूजीसी के नियमों से कोई एतराज या आपत्ति है, उन्हें विरोध प्रदर्शन करने के बजाय सीधे सुप्रीम कोर्ट जाना चाहिए… […]
उत्तर प्रदेश सरकार में पंचायती राज मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने यूजीसी के नए नियमों के विरोधियों पर तीखा हमला बोला. मंत्री ओपी राजभर ने कहा, ‘जिन्हें यूजीसी के नियमों से कोई एतराज या आपत्ति है, उन्हें विरोध प्रदर्शन करने के बजाय सीधे सुप्रीम कोर्ट जाना चाहिए… विरोध करने वालों को कानूनी रास्ता अपनाना चाहिए, न कि सड़कों पर हंगामा.’ राजभर का यह बयान खूब चर्चा है.
वहीं, मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें राजनीति नहीं करनी चाहिए. राजभर का इशारा प्रयागराज माघ मेले में चल रहे विवाद की ओर है, जहां शंकराचार्य धरने पर बैठे हैं और प्रशासन से टकराव जारी है. उन्होंने सलाह दी कि शंकराचार्य राजनीतिक मुद्दों में न उलझें और धार्मिक कार्यों पर ध्यान दें. इससे पहले भी राजभर ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का बचाव करते हुए बयान दिया था.
UGC के नए नियम के विरोध सिटी मजिस्ट्रेट ने दिया इस्तीफा
मंत्री ओम प्रकाश राजभर का बयान ऐसे समय आया है, जब बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री ने गणतंत्र दिवस पर इस्तीफा दे दिया था. अग्निहोत्री ने इस्तीफे में UGC के नए नियमों को सामान्य वर्ग के छात्रों के खिलाफ बताया और शंकराचार्य के शिष्यों के साथ कथित बदसलूकी का जिक्र किया. राजभर ने इस इस्तीफे पर भी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह राजनीति से प्रेरित लगता है और अधिकारी राजनीति में आने की कोशिश कर रहे हैं.
क्या है UGC के नए नियम पर विवाद
इस समय पूरे देश में UGC के नए नियमों पर बहस चल रही है, जिन्हें सवर्ण समाज के लोग आरक्षण प्रभावित करने वाला या भेदभावपूर्ण मान रहे हैं. शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने भी UGC पर टिप्पणी की है कि यह हिंदू समाज में एक जाति को दूसरी से लड़वाने की साजिश है. वहीं, माघ मेला विवाद अलग से चल रहा है, जहां पालकी स्नान रोकने और सुरक्षा मुद्दों पर टकराव के कारण पिछले 10 दिनों से शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद धरना दे रहे हैं.
बीजेपी नेता दे रहे हैं इस्तीफा
यूजीसी के नए नियमों का विरोध भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के अंदर ही सबसे मुखर तौर पर हो रहा है. कई जिलों में बीजेपी नेताओं ने अपना इस्तीफा दे दिया है. इसके साथ ही करणी सेना समेत कई सवर्ण समाज के संगठनों ने पूरे प्रदेश में प्रदर्शन किया. बीजेपी विधायक प्रतीक भूषण सिंह सहित कुछ सवर्ण नेता भी विरोध में शामिल हैं. हालांकि, इस मुद्दे पर
विपक्ष (सपा, बसपा, कांग्रेस) चुप्पी साधे हुए है. वहीं सरकार का कहना है कि नियम निष्पक्ष हैं, कोई भेदभाव नहीं है.
