कानपुर में बीजेपी पार्षद के पति पर मकान पर कब्जे का आरोप है. पीड़ित ने बताया कि पार्षद पति ने मारपीट की, जिससे उनकी गर्भवती पत्नी का गर्भपात हो गया. पुलिस सुनवाई न होने पर दंपति ने कमिश्नर कार्यालय पहुंचकर न्याय की गुहार लगाई है. यह घटना पनकी थाना क्षेत्र की है, पुलिस जांच में जुटी है.
कानपुर के NRI सिटी में 13 वर्षीय प्रखर त्रिवेदी की संदिग्ध मौत अब हत्याकांड बन गई है. मां की गुहार के बावजूद पुलिस ने पहले एफआईआर दर्ज नहीं की थी. अब कोर्ट के आदेश पर पिता, दादा-दादी समेत चार पर हत्या का मुकदमा दर्ज हुआ है. मां ने संपत्ति विवाद और उत्पीड़न को हत्या का कारण बताया.
कानपुर में रोडरेज के चलते पिता-पुत्र की निर्मम हत्या कर दी गई. नौबस्ता क्षेत्र में मामूली विवाद के बाद दबंगों ने चाकू से वार कर दोनों की जान ले ली, जबकि एक बेटा गंभीर घायल है. इस दोहरे हत्याकांड के बाद पुलिस एक्शन में आई और मुख्य आरोपी करन वर्मा का एनकाउंटर किया गया, जबकि उसके दो साथियों को गिरफ्तार कर लिया गया है.
कानपुर पुलिस ने ₹1.27 करोड़ की साइबर ठगी मामले में बड़ी सफलता हासिल की है. पुलिस ने दूसरे मुख्य आरोपी को महाराष्ट्र से गिरफ्तार किया गया है, जिसके बाद गिरोह के नाइजीरियाई कनेक्शन का भी खुलासा हुआ है. अगस्त 2025 में हुई इस धोखाधड़ी में ₹54 लाख का सोना भी खरीदा गया था.
कानपुर में जन्मदिन से ठीक पहले 9वीं के छात्र आयुष ने आत्महत्या कर ली. उसने एक सुसाइड नोट लिखा पर तुरंत फाड़ दिया, जिससे मौत का राज गहरा गया है. छात्र के हेड कांस्टेबल पिता ने स्कूल टीचरों पर कोचिंग के लिए मानसिक प्रताड़ना का आरोप लगाया है. पुलिस को फटे नोट के टुकड़े मिले हैं, जिनकी फोरेंसिक जांच जारी है. यह घटना कई सवाल खड़े कर रही है.
यूपी होमगार्ड भर्ती परीक्षा में AI तकनीक से नकल की बड़ी धांधली का खुलासा हुआ है. कानपुर में प्रश्न पत्र की फोटो खींचकर AI से OMR शीट भरने की योजना थी. सेक्टर मजिस्ट्रेट की सतर्कता से यह हाई-टेक नकल गिरोह पकड़ा गया. मुख्य षड्यंत्रकारी, जिसमें एक कॉलेज प्रवक्ता भी शामिल है, सहित तीन आरोपी गिरफ्तार हुए हैं.
कानपुर के महाराजपुर के गौरैया गांव निवासी नरेंद्र कुमार ने अपने इकलौते बेटे दिव्यांश को 15 अप्रैल को लखनऊ एक गुरुकुल में एडमिशन कराया था. गुरुकुल का संचालक रिश्ते में नरेंद्र के बेटे का मामा लगता था. लेकिन दाखिले के महज 7वें दिन ही सौरभ ने दिव्यांश के साथ हैवानियत की सारी हदें पार करते हुए उसे मार डाला. फिर लाश को कानपुर में घर के बाहर छोड़ गया.
कानपुर के बिकरू कांड से चर्चित खुशी दुबे ने 12वीं की यूपी बोर्ड परीक्षा फर्स्ट डिवीजन से पास की है. जेल, कानूनी लड़ाई और पारिवारिक तनाव के बावजूद उन्होंने यह सफलता हासिल की. खुशी अब अपना अतीत भूलकर वकील बनने का सपना देख रही हैं, शिक्षा को अपने नए जीवन का आधार बना रही हैं. उनकी यह उपलब्धि कई लोगों के लिए प्रेरणा है.