उत्तर प्रदेश के संत कबीर नगर में एक हैरान करने वाली घटना हुई है, यहां एक पति ने अपनी पत्नी की शादी उसके प्रेमी से करा दी है. कहा कि 21 साल की शादी और 5 बच्चों के बावजूद उसकी पत्नी का प्रेम प्रसंग चल रहा था. पति ने रोज-रोज के झगड़ों और संभावित अनहोनी ('ड्रम में पैक होने') से बचने के लिए यह अनोखा कदम उठाया. उसने कहा, "अभी मुझे जीना है."
उत्तर प्रदेश के संतकबीरनगर में सावन के पहले सोमवार को दो मंदिरों में तोड़फोड़ हुई. अराजक तत्वों ने एक शिवालय में शिवलिंग व मां पार्वती की प्रतिमा खंडित कर दी, वहीं दूसरे मंदिर में हनुमान मूर्ति तोड़ी. इस घटना से श्रद्धालुओं में भारी आक्रोश है. पुलिस ने मामला शांत कराकर जांच शुरू कर दी है, सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं.
संतकबीरनगर में न्याय की गुहार लगाते हुए एक महिला मोबाइल टावर पर चढ़ गई. घंटों चले हंगामा के बाद पुलिस ने बेटे का हवाला देकर उसे नीचे उतारा. महिला का आरोप है कि बाद में पुलिस ने गिरफ्तार किए गए आरोपी को छोड़ दिया, जिससे वह खुद को असुरक्षित महसूस कर रही है.
संतकबीरनगर में एक हिंदू युवक की छेड़खानी का विरोध करने पर गला रेत कर हत्या कर दी है. हत्या आरोप समुदाय विशेष के युवक पर लगा है. घटना के बाद गुस्साई भीड़ ने आरोपी का घर भी फूंक दिया है. फिलहाल, इलाके में तनाव का माहौल है. भारी पुलिस फोर्स तैनात है.
संतकबीरनगर में एक मुस्लिम शिक्षक को शिवलिंग पर पैर रखकर आपत्तिजनक फोटो खींचने के आरोप में निलंबित कर दिया गया है. सोशल मीडिया पर वायरल हुई इस तस्वीर ने हिंदू समुदाय में भारी आक्रोश पैदा कर दिया, जिसके बाद FIR भी दर्ज की गई. बेलघाट पुलिस मामले की जांच कर रही है.
संतकबीरनगर के मड़पौना गांव में मामूली विवाद ने बड़ा रूप ले लिया, जिसके बाद धनघटा पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है. वर्तमान प्रधान और उनके तीन भाइयों को गिरफ्तार किया गया है. उन पर पूर्व प्रधान के घर में घुसकर हमला करने और संपत्ति को नुकसान पहुंचाने का आरोप है. पुलिस की इस कार्रवाई से गांव में हड़कंप है.
संतकबीरनगर में भीषण गर्मी और खेती के सीजन में किसानों को डीजल की किल्लत सता रही है. जिले के पेट्रोल पंपों पर डीजल नदारद है, जिससे किसान सिंचाई और कृषि कार्यों के लिए भटक रहे हैं. जिला प्रशासन और आपूर्ति अधिकारी के 'सख्त आदेश' जमीनी हकीकत पर हवा-हवाई साबित हो रहे हैं.
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने संतकबीरनगर में मदरसा ध्वस्तीकरण को अवैध करार दिया है. कोर्ट ने डीएम और बस्ती मंडलायुक्त के आदेशों को रद्द करते हुए कहा कि अधिकारियों ने अपने क्षेत्राधिकार से बाहर जाकर यह फैसला लिया. मदरसा कमेटी ने बिना नोटिस ध्वस्तीकरण का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की.