हिन्दी News9 ಕನ್ನಡ తెలుగు मराठी ગુજરાતી বাংলা ਪੰਜਾਬੀ தமிழ் മലയാളം मनी9

SANKATMOCHAN MISHRA

संकटमोचन मिश्रा साल 2013 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. गोरखपुर से न्यूज 1 इण्डिया, TV9 भारतवर्ष, गोरखपुर में नेटवर्क 10 के बाद फिर से TV9 भारतवर्ष के लिए कबीर की नगरी संत कबीर नगर से रिपोर्टिंग का कार्य कर रहे हैं. वह पत्रकारिता में उनकी एक अलग ही पहचान है. वह समाज के सभी वर्गों के उत्थान के लिए सतत प्रयास करते हैं.

Read More
SANKATMOCHAN MISHRA

गोरखपुर में भोजपुरी सिंगर निशा उपाध्याय ने स्टेज पर एंकर को चप्पल मार दी, क्योंकि एंकर ने उनके लिए आपत्तिजनक टिप्पणी की थी. इस घटना के बाद निशा ने एसएसपी गोरखपुर से मिलकर एंकर के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराई है. पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है.

संतकबीरनगर के धनघटा में एक बेकाबू कार और टेंपो की जोरदार टक्कर हो गई. इस भीषण हादसे में एक 55 वर्षीय महिला की मौत हो गई, जबकि छह अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हैं. कार चालक मौके से फरार हो गया. पुलिस ने मौके से कार को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है.

संतकबीर नगर में चकबंदी विभाग की कथित कार्यप्रणाली से तंग आकर एक किसान ने आत्महत्या कर ली. आरोप है कि विभाग की ओर से उनकी कीमती सड़क किनारे की जमीन को भ्रष्टाचार के चलते 'ताल' में बदल दिया गया. पीड़ित किसान ने महीनों न्याय के लिए भटकने के बाद उम्मीद खो दी थी.

संतकबीरनगर पुलिस ने चोरी की तीन बड़ी घटनाओं का खुलासा किया है. चोरी के अंतरजनपदीय गिरोह के पांच सदस्यों गिरफ्तार हुए हैं. गिरोह का सरगना अपनी शादी को VIP बनाने और होने वाली पत्नी को महंगे गहने देने के लिए चोरों का गैंग बनाया था. चोरों के सरगना का अगले महीने में शादी होनी थी.

संतकबीरनगर में दो दलित बहनों से दिनदहाड़े छेड़खानी की घटना घटी है. आधार अपडेट कराने जा रही दोनों बहनों को युवक ने पहले रोका. उसके साथ बदसलूकी की, इस दौरान जब दोनों ने विरोध किया तो उसपर जानलेवा हमला किया गया. एक के पीठ पर और दूसरे के हाथ पर चाकू से वार किया गया.

संत कबीर नगर में स्थित प्राचीन तामेश्वरनाथ मंदिर एक महत्वपूर्ण आस्था केंद्र है. महाभारत काल से संबंधित इस मंदिर में पांडवों की माता कुंती ने शिवलिंग स्थापित किया था, यह भगवान बुद्ध के मुंडन स्थल के रूप में भी प्रसिद्ध है. महाशिवरात्रि पर मुंडन और जलाभिषेक के लिए भक्तों की भारी भीड़ उमड़ती है.

कबीर दास के काल में लोगों के बीच एक भ्रम ये था कि जिसकी मृत्यू मगहर में होती है वह गधा होता है, जो काशी मरता है वह स्वर्ग में जाता है. उन्होंने इस भ्रम मिटाने का प्रयास किया.इसी कारण कबीर दास अपने जीवन के अंत समय में मगहर चले आए थे.