कौन थी अर्चिता? जिसका मेरठ में मिला था शव, सामने आया तुर्कमेनिस्तान कनेक्शन… हैरतंगेज खुलासा

मेरठ में पिछले दिनों मिले युवती के शव की पहचान पहले 'अर्चिता' के रूप में हुई थी, लेकिन अब चौंकाने वाला खुलासा हुआ है. पता चला है कि वह असल में तुर्कमेनिस्तान की रहने वाली मुहब्बत थी. होटल संचालक ने पैसों के विवाद में हत्या कर शव फेंका था. फर्जी पहचान और अंतरराष्ट्रीय रैकेट से जुड़े इनपुट ने इस हत्याकांड को और जटिल बना दिया है, पुलिस नए सिरे से जांच कर रही है.

मेरठ में युवती की मौत का रहस्य

उत्तर प्रदेश के मेरठ में पिछले महीने 21 फरवरी की सुबह मिले एक युवती के शव की गुत्थी और उलझती जा रही है. शव मिलने के बाद पुलिस ने बड़ी मुश्किल से शव की पहचान दिल्ली में रहने वाली अर्चिता के रूप में कराई, लेकिन अब खबर आई है कि अर्चिता की यह पहचान नकली है. बल्कि वह तुर्कमेनिस्तान की रहने वाली मुहब्बत है. आशंका है कि मुहब्बत किसी रैकेट का हिस्सा हो सकती है. फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है.

बता दें कि मेरठ में मवाना-बिजनौर हाईवे से लगते एक सरसों के खेत बीते 21 फरवरी को एक युवती का शव मिला था. शव बुरी तरह से सड़ चुका था और दुर्गंध उठ रही थी. स्थानीय लोगों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा, लेकिन चेहरा तेजाब से जला दिया गया था, इसलिए उस समय पहचान नहीं हो सकी थी. ऐसे में पुलिस ने ब्लाइंड मर्डर केस दर्ज किया और जांच शुरू की. 500 से अधिक सीसीटीवी कैमरे खंगाल डाली.

ऐसे हुई थी युवती की पहचान

इसी दौरान एक कैमरे में एक सफेद रंग की क्रेटा कार पर शक हुआ. पुलिस ने इस कार की डिटेल निकलवाई तो पता चला कि कार मालिक होटल संचालक चंचल उर्फ बंटी की है. पुलिस ने बंटी को हिरासत में लेकर पूछताछ किया और उससे पता चला कि लाश दिल्ली में रहने वाली अर्चिता अरोडा की थी. जिसकी बंटी और उसके साथियों ने 17-18 फरवरी की रात होटल के कमरे में ही गला घोंटकर हत्या कर दी थी.

तेजाब डालकर जला दिया था चेहरा

बंटी ने पुलिस की पूछताछ में बताया कि अर्चिता के साथ पैसों के लेनदेन को लेकर विवाद हुआ था. इसी विवाद में उन लोगों ने अर्चिता की हत्या की थी. वारदात के बाद युवती की पहचान मिटाने के लिए चेहरे पर टॉयलेट क्लीनर और तेजाब डाल दिया था. इसके बाद क्रेटा कार में शव रखकर मवाना-बिजनौर रोड पर सरसों के खेत में फेंक दिया था. यही नहीं, वारदात के वक्त का होटल में लगे सीसीटीवी कैमरों का फुटेज भी डिलीट कर दिया था.

अब क्यों उलझा मामला?

पुलिस मामले की जांच पूरी ही करने वाली थी कि इसमें एक नया एंगल आ गया. पता चला कि अर्चिता अरोड़ा नाम ही फर्जी है. बल्कि असल में वह तुर्कमेनिस्तान की रहने वाली मुहब्बत है. वह करीब ढाई साल से दिल्ली में रह रही थी और अक्सर मेरठ के इस होटल में आकर ठहरती थी. कुछ ऐसे भी इनपुट मिले हैं, जिनमें कहा गया है कि यह महिला किसी गलत धंधे या इंटरनेशनल सिंडिकेट में भी शामिल थी. अब पुलिस नए इनपुट के सहारे नए सिरे से जांच में जुट गई है.